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UP Board Class 7 Science Chapter 5 Question Answer | ऊष्मा एवं ताप
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इकाई 5 — ऊष्मा एवं ताप
UP Board Class 7 | विज्ञान | सम्पूर्ण समाधान
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📖 पाठ परिचय: इस इकाई में हम ताप और ऊष्मा के बीच अंतर, थर्मामीटर का उपयोग, ऊष्मा स्थानान्तरण की तीन विधियाँ (चालन, संवहन, विकिरण), सुचालक-कुचालक पदार्थ, गलनांक, क्वथनांक तथा ऊष्मीय प्रसार के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे। यह अध्याय परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
📌 UP Board Class 7 Science Chapter 5 ऊष्मा एवं ताप Solution:
इस अध्याय में हम ताप और ऊष्मा का अंतर, ऊष्मा का सूत्र Q = m × S × Δt, ऊष्मा स्थानान्तरण की तीन विधियाँ (चालन, संवहन, विकिरण), गलनांक, क्वथनांक, ऊष्मीय प्रसार तथा सुचालक-कुचालक पदार्थों के बारे में पढ़ते हैं। यहाँ Chapter 5 के सभी प्रश्न-उत्तर सरल भाषा में दिए गए हैं।
इस अध्याय में हम ताप और ऊष्मा का अंतर, ऊष्मा का सूत्र Q = m × S × Δt, ऊष्मा स्थानान्तरण की तीन विधियाँ (चालन, संवहन, विकिरण), गलनांक, क्वथनांक, ऊष्मीय प्रसार तथा सुचालक-कुचालक पदार्थों के बारे में पढ़ते हैं। यहाँ Chapter 5 के सभी प्रश्न-उत्तर सरल भाषा में दिए गए हैं।
📚 Table of Contents
- प्रश्न 1 — बहुविकल्पीय प्रश्न
- प्रश्न 2 — सत्य / असत्य
- प्रश्न 3 — रिक्त स्थान
- प्रश्न 4 — मिलान कीजिए
- प्रश्न 5 — विशिष्ट ऊष्मा
- प्रश्न 6 — गैसों में प्रसार
- प्रश्न 7 — रेल की पटरी में जगह
- प्रश्न 8 — सुचालक व कुचालक
- प्रश्न 9 — 98.6°F को °C में बदलना
- प्रश्न 10 — गलनांक
- प्रश्न 11 — क्वथनांक
- प्रश्न 12 — कैलोरी से जूल
- प्रश्न 13 — ताप वृद्धि
- प्रश्न 14 — विशिष्ट ऊष्मा
- प्रश्न 15 — ऊष्मीय ऊर्जा
📝 प्रश्न 1 — सही विकल्प चुनकर लिखिए (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न 1 (क): द्रव के गैस में बदलने की क्रिया को कहते हैं —
(अ) गलनांक
(ब) हिमांक
(स) वाष्पीकरण
(द) संघनन
✅ सही उत्तर: (स) वाष्पीकरण
व्याख्या: जब किसी द्रव को गर्म किया जाता है तो वह धीरे-धीरे गैस (वाष्प) में बदलने लगता है। इस क्रिया को वाष्पीकरण (Evaporation) कहते हैं। जैसे — पानी गर्म होकर भाप बन जाता है। यह क्रिया क्वथनांक (100°C) पर तेज़ी से होती है और सामान्य तापमान पर भी धीरे-धीरे होती रहती है।
प्रश्न 1 (ख): द्रव में ऊष्मा संचरण होता है —
(अ) चालन द्वारा
(ब) संवहन द्वारा
(स) विकिरण द्वारा
(द) इनमें से कोई नहीं
✅ सही उत्तर: (ब) संवहन द्वारा
व्याख्या: द्रवों और गैसों में ऊष्मा का संचरण संवहन विधि (Convection) द्वारा होता है। गर्म होने पर द्रव के अणु हल्के होकर ऊपर उठते हैं और ठंडे अणु नीचे आते हैं। इस प्रकार ऊष्मीय धाराएँ (convection currents) बनती हैं जो ऊष्मा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं।
प्रश्न 1 (ग): जल का क्वथनांक होता है —
(अ) 10°C
(ब) 100°C
(स) 120°C
(द) 40°C
✅ सही उत्तर: (ब) 100°C
व्याख्या: जल (पानी) का क्वथनांक 100°C (212°F) होता है। यह वह निश्चित ताप है जिस पर पानी उबलना शुरू होता है और द्रव से गैसीय अवस्था (वाष्प) में बदलने लगता है। इस तापमान पर और ऊष्मा देने पर पानी का ताप नहीं बढ़ता बल्कि ऊष्मा वाष्पीकरण में लगती है।
प्रश्न 1 (घ): ऊष्मीय ऊर्जा का मात्रक है —
(अ) मीटर
(ब) जूल
(स) न्यूटन
(द) कूलॉम
✅ सही उत्तर: (ब) जूल
व्याख्या: ऊष्मा, ऊर्जा का एक रूप है। इसलिए ऊष्मा का SI मात्रक जूल (Joule) है। ऊष्मा के अन्य प्रचलित मात्रक कैलोरी और किलोकैलोरी भी हैं। 1 कैलोरी = 4.18 जूल तथा 1 किलोकैलोरी = 1000 कैलोरी = 4.18 × 10³ जूल।
प्रश्न 1 (ड़): ऊष्मा का कुचालक है —
(अ) लोहा
(ब) ऐलुमिनियम
(स) स्टील
(द) काँच
✅ सही उत्तर: (द) काँच
व्याख्या: काँच ऊष्मा का कुचालक है क्योंकि इसमें ऊष्मा का संचरण सुगमता से नहीं होता। जबकि लोहा, ऐलुमिनियम और स्टील — तीनों धातुएँ ऊष्मा के सुचालक हैं। काँच के अलावा लकड़ी, कागज, ऊन, पोर्सिलीन और वायु भी ऊष्मा के कुचालक हैं।
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📝 प्रश्न 2 — सही (✓) या गलत (✗) का चिह्न लगाइए
(क) किसी वस्तु को गर्म करने पर उसका ताप घटता है।
✗ गलत
व्याख्या: यह कथन गलत है। किसी वस्तु को गर्म करने पर उसका ताप बढ़ता है, घटता नहीं। ऊष्मा देने पर अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है जिससे ताप में वृद्धि होती है।
(ख) ठोस वस्तुओं में ऊष्मा का संचरण चालन द्वारा होता है।
✓ सही
व्याख्या: यह कथन सही है। ठोस पदार्थों में ऊष्मा का संचरण चालन विधि (Conduction) द्वारा होता है। इसमें अणु अपना स्थान नहीं छोड़ते बल्कि कंपन द्वारा ऊष्मा अपने पड़ोसी अणु को स्थानान्तरित करते हैं।
(ग) वस्तु द्वारा ली गई ऊष्मा वस्तु के द्रव्यमान पर निर्भर करती है।
✓ सही
व्याख्या: यह कथन सही है। सूत्र Q = m × S × Δt के अनुसार किसी वस्तु को दी जाने वाली ऊष्मा (Q) उसके द्रव्यमान (m), विशिष्ट ऊष्मा (S) तथा तापान्तर (Δt) तीनों पर निर्भर करती है।
(घ) अवस्था परिवर्तन के समय वस्तु का ताप स्थिर रहता है।
✓ सही
व्याख्या: यह कथन सही है। जब कोई पदार्थ एक अवस्था से दूसरी अवस्था में बदलता है (जैसे बर्फ → पानी, पानी → वाष्प), तब दी गई ऊष्मा अवस्था परिवर्तन में लगती है और ताप स्थिर रहता है। इसे गुप्त ऊष्मा कहते हैं।
(ड़) पारा ऊष्मा का कुचालक है।
✗ गलत
व्याख्या: यह कथन गलत है। पारा (Mercury) एक धातु है और यह ऊष्मा का सुचालक है। यही कारण है कि थर्मामीटर में पारे का उपयोग किया जाता है — यह ताप परिवर्तन के प्रति जल्दी अनुक्रिया करता है।
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📝 प्रश्न 3 — रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(क) ताप का SI मात्रक ............... है।
✅ उत्तर: °C (डिग्री सेल्सियस)
व्याख्या: ताप मापने का SI मात्रक केल्विन (K) है, परन्तु दैनिक जीवन में °C (सेल्सियस) का उपयोग किया जाता है। फारेनहाइट (°F) भी ताप का प्रचलित मात्रक है।
(ख) गलते हुए बर्फ का ताप ............... होता है।
✅ उत्तर: 0°C
व्याख्या: बर्फ का गलनांक 0°C होता है। जब तक बर्फ गलती रहती है तब तक ताप 0°C पर स्थिर रहता है, चाहे ऊष्मा देते रहें। यही कारण है कि बर्फ वाला ठंडा पानी हमेशा 0°C पर रहता है।
(ग) किसी ठोस के द्रव में बदलने की क्रिया ............... कहलाती है।
✅ उत्तर: गलन (Melting / द्रवण)
व्याख्या: जब किसी ठोस को गर्म करने पर वह द्रव में बदलता है, तो उस क्रिया को गलन (Melting) या द्रवण कहते हैं। बर्फ का पानी में बदलना इसका सबसे सरल उदाहरण है।
(घ) विकिरण विधि द्वारा ऊष्मा स्थानान्तरण में ............... की आवश्यकता नहीं होती है।
✅ उत्तर: किसी माध्यम (medium)
व्याख्या: विकिरण (Radiation) विधि में ऊष्मा बिना किसी माध्यम के भी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच जाती है। सूर्य की ऊष्मा निर्वात (vacuum) से होती हुई पृथ्वी तक पहुँचती है — यह विकिरण का सबसे बड़ा उदाहरण है।
(ड़) बर्तन का हत्था बनाने में ............... धातु का प्रयोग किया जाता है।
✅ उत्तर: लकड़ी / बाँस / बेकेलाइट (कुचालक पदार्थ)
व्याख्या: बर्तन के हत्थे में लकड़ी, बाँस या बेकेलाइट का उपयोग किया जाता है क्योंकि ये ऊष्मा के कुचालक हैं। इससे बर्तन गर्म होने पर भी हत्था गर्म नहीं होता और उसे आसानी से पकड़ा जा सकता है।
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📝 प्रश्न 4 — कॉलम (क) और कॉलम (ख) का मिलान कीजिए
| कॉलम (क) | कॉलम (ख) | ✅ सही मिलान |
|---|---|---|
| क. किसी वस्तु का ताप | अ. चालन द्वारा होता है | स. तापमापी द्वारा मापते हैं |
| ख. ठोस में ऊष्मा स्थानान्तरण | ब. उसके आयतन में प्रसार होता है | अ. चालन द्वारा होता है |
| ग. स्टील ऊष्मा का | स. तापमापी द्वारा मापते हैं | य. सुचालक है |
| घ. ठोस को गर्म करने पर | द. पदार्थ का गुण होता है | ब. उसके आयतन में प्रसार होता है |
| ङ. विशिष्ट ऊष्मा | य. सुचालक है | द. पदार्थ का गुण होता है |
📘 विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat) क्या है? किसी पदार्थ के 1 किलोग्राम द्रव्यमान का ताप 1°C बढ़ाने के लिए जितनी ऊष्मा की आवश्यकता होती है, वह उस पदार्थ की विशिष्ट ऊष्मा कहलाती है। यह पदार्थ का एक विशेष गुण होता है — जैसे जल की विशिष्ट ऊष्मा 4200 J/kg°C है जो अधिकांश पदार्थों से अधिक है।
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📝 प्रश्न 5 — विशिष्ट ऊष्मा और ऊष्मा की आवश्यकता
प्रश्न 5: समान द्रव्यमान के दो अलग-अलग पदार्थ A तथा B को समान ताप तक गर्म करने में किसको अधिक ऊष्मा की आवश्यकता होगी, जबकि A की विशिष्ट ऊष्मा B से अधिक है?
उत्तर:
पदार्थ A को अधिक ऊष्मा की आवश्यकता होगी।
Q = m × S × Δt
विस्तृत व्याख्या: ऊष्मा की मात्रा (Q) का सूत्र है: Q = m × S × Δt जहाँ:
- m = द्रव्यमान (दोनों के लिए समान)
- S = विशिष्ट ऊष्मा (A की अधिक है)
- Δt = तापान्तर (दोनों के लिए समान)
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📝 प्रश्न 6 — गैसों में प्रसार का क्रियाकलाप
प्रश्न 6: गैस के प्रसार को एक क्रियाकलाप द्वारा सिद्ध कीजिए।
उत्तर:
⚗️ क्रियाकलाप — गैसों में प्रसार
- 1काँच की एक खाली तथा स्वच्छ छोटी बोतल लीजिए।
- 2इसके मुँह पर बिना फूला हुआ गुब्बारा बाँधिए।
- 3अब बोतल को चौड़े मुँह के बर्तन में रखिए।
- 4इस बर्तन में गर्म पानी डालिए।
- 5बोतल के मुँह में लगे गुब्बारे का अवलोकन कीजिए।
गर्म जल के कारण बोतल के अंदर की हवा गर्म होकर फैलती है (प्रसार होता है)। यह फैली हुई गैस बोतल के मुँह पर लगे गुब्बारे में प्रवेश करती है जिससे गुब्बारा फूल जाता है।
🧪 निष्कर्ष
निष्कर्ष: बोतल को गर्म जल से निकालकर ठंडा करने पर गुब्बारा पुनः पिचक जाता है क्योंकि ठंडा होने पर गैस सिकुड़ती है। इससे स्पष्ट होता है कि — गर्म करने पर गैसों में प्रसार होता है और ठंडा करने पर वे सिकुड़ती हैं। यही गुण ठोस और द्रव में भी पाया जाता है।
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📝 प्रश्न 7 — रेल की पटरी में जगह क्यों छोड़ते हैं?
प्रश्न 7: रेल की पटरी जोड़ते समय उनके बीच थोड़ी जगह क्यों छोड़ते हैं?
उत्तर:
📘 कारण: रेल की पटरियाँ लोहे (धातु) की बनी होती हैं। ऊष्मीय प्रसार के नियम के अनुसार, धातुएँ गर्म होने पर फैलती हैं और ठंडी होने पर सिकुड़ती हैं।
विस्तृत व्याख्या: गर्मी के दिनों में सूर्य की तेज धूप से पटरियाँ गर्म होकर फैलती हैं। यदि दो पटरियों के बीच कोई जगह न छोड़ी जाए तो फैलने पर पटरियाँ एक-दूसरे को धकेलेंगी और टेढ़ी (buckle) हो जाएँगी। इससे रेलगाड़ी के पटरी से उतरने (derail) का खतरा बन जाएगा।
इसीलिए पटरियों के बीच थोड़ी जगह (gap) छोड़ी जाती है ताकि गर्म होने पर फैलने की पर्याप्त जगह मिले और पटरियाँ टेढ़ी न हों। यह ऊष्मीय प्रसार का एक महत्वपूर्ण दैनिक जीवन का उपयोग है।
इसीलिए पटरियों के बीच थोड़ी जगह (gap) छोड़ी जाती है ताकि गर्म होने पर फैलने की पर्याप्त जगह मिले और पटरियाँ टेढ़ी न हों। यह ऊष्मीय प्रसार का एक महत्वपूर्ण दैनिक जीवन का उपयोग है।
📌 अन्य उदाहरण: दो खम्भों के बीच तार को ढीला बाँधा जाता है ताकि सर्दी में तार के सिकुड़ने पर खम्भे टेढ़े न हो जाएँ। पुलों में भी expansion joints छोड़े जाते हैं।
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📝 प्रश्न 8 — सुचालक तथा कुचालक में अंतर
प्रश्न 8: सुचालक तथा कुचालक पदार्थों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| आधार | 🔥 सुचालक (Conductor) | ❄️ कुचालक (Insulator) |
|---|---|---|
| परिभाषा | जिनमें ऊष्मा का संचरण सुगमता से होता है | जिनमें ऊष्मा का संचरण सुगमता से नहीं होता |
| ऊष्मा संचरण | तीव्र गति से होता है | बहुत धीमी गति से होता है |
| उदाहरण | लोहा, ताँबा, ऐलुमिनियम, स्टील, पारा | लकड़ी, काँच, ऊन, कागज, वायु, प्लास्टिक |
| उपयोग | खाना पकाने के बर्तन, धातु की छड़ | बर्तन का हत्था, थर्मस बोतल, ऊनी कपड़े |
📘 याद रखें: सभी धातुएँ (metals) ऊष्मा की सुचालक होती हैं जबकि अधातुएँ और अकार्बनिक पदार्थ प्रायः कुचालक होते हैं। हीरा एक अपवाद है — यह अधातु होने के बावजूद ऊष्मा का सुचालक है। वायु ऊष्मा का कुचालक होने के कारण ऊनी कपड़ों में फँसी वायु हमें ठंड से बचाती है।
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📝 प्रश्न 9 — 98.6°F को सेल्सियस में बदलिए
प्रश्न 9: 98.6°F को डिग्री सेल्सियस में बदलिए।
उत्तर:
C/5 = (F − 32)/9
हल:
दिया है: F = 98.6°F
सूत्र: C/5 = (F − 32)/9
C/5 = (98.6 − 32)/9
C/5 = 66.6/9
C/5 = 7.4
C = 7.4 × 5
C = 37°C ✅
दिया है: F = 98.6°F
सूत्र: C/5 = (F − 32)/9
C/5 = (98.6 − 32)/9
C/5 = 66.6/9
C/5 = 7.4
C = 7.4 × 5
C = 37°C ✅
📌 महत्वपूर्ण तथ्य: स्वस्थ मनुष्य के शरीर का सामान्य ताप 37°C (98.6°F) होता है। डॉक्टरी थर्मामीटर में 35°C से 42°C तक चिह्न बने होते हैं। बुखार में शरीर का ताप 37°C से अधिक हो जाता है।
📝 प्रश्न 10 — गलनांक की परिभाषा
प्रश्न 10: गलनांक की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
गलनांक (Melting Point) की परिभाषा:
वह निश्चित ताप जिस पर कोई ठोस पदार्थ गर्म करने पर द्रव (liquid) अवस्था में बदलता है, उस पदार्थ का गलनांक कहलाता है।
वह निश्चित ताप जिस पर कोई ठोस पदार्थ गर्म करने पर द्रव (liquid) अवस्था में बदलता है, उस पदार्थ का गलनांक कहलाता है।
उदाहरण: बर्फ का गलनांक 0°C है। 0°C पर बर्फ पिघलकर पानी बनने लगती है और जब तक पूरी बर्फ नहीं पिघलती, ताप 0°C पर स्थिर रहता है।
अन्य उदाहरण:
अन्य उदाहरण:
- लोहे का गलनांक = 1538°C
- सोने का गलनांक = 1064°C
- मोम का गलनांक = लगभग 57-68°C
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ZZ
📝 प्रश्न 11 — क्वथनांक की परिभाषा
प्रश्न 11: क्वथनांक की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
क्वथनांक (Boiling Point) की परिभाषा:
वह निश्चित ताप जिस पर कोई द्रव (liquid) गर्म करने पर उबलता है और गैसीय अवस्था (वाष्प) में बदलता है, वह उस द्रव का क्वथनांक कहलाता है।
वह निश्चित ताप जिस पर कोई द्रव (liquid) गर्म करने पर उबलता है और गैसीय अवस्था (वाष्प) में बदलता है, वह उस द्रव का क्वथनांक कहलाता है।
उदाहरण: जल का क्वथनांक 100°C (212°F) है। 100°C पर पानी उबलने लगता है और वाष्प में बदलने लगता है।
ध्यान देने योग्य: क्वथनांक पर दी गई ऊष्मा ताप बढ़ाने में नहीं बल्कि द्रव को वाष्प में बदलने में लगती है। इसलिए क्वथनांक पर भी अवस्था परिवर्तन के समय ताप स्थिर रहता है।
ध्यान देने योग्य: क्वथनांक पर दी गई ऊष्मा ताप बढ़ाने में नहीं बल्कि द्रव को वाष्प में बदलने में लगती है। इसलिए क्वथनांक पर भी अवस्था परिवर्तन के समय ताप स्थिर रहता है।
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📝 प्रश्न 12 — 5 कैलोरी = कितने जूल?
प्रश्न 12: 5 कैलोरी कितने जूल के बराबर होता है?
उत्तर:
1 कैलोरी = 4.18 जूल
हल:
दिया है: 5 कैलोरी
सूत्र: 1 कैलोरी = 4.18 जूल
∴ 5 कैलोरी = 5 × 4.18 जूल
5 कैलोरी = 20.9 जूल ✅
दिया है: 5 कैलोरी
सूत्र: 1 कैलोरी = 4.18 जूल
∴ 5 कैलोरी = 5 × 4.18 जूल
5 कैलोरी = 20.9 जूल ✅
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📝 प्रश्न 13 — किसका ताप अधिक बढ़ेगा?
प्रश्न 13: समान पदार्थ के दो टुकड़ों का द्रव्यमान क्रमशः 2 किलोग्राम तथा 4 किलोग्राम है। समान ऊष्मा देने पर किसका ताप अधिक बढ़ेगा?
उत्तर:
2 किलोग्राम वाले टुकड़े का ताप अधिक बढ़ेगा।
Q = m × S × Δt ⟹ Δt = Q / (m × S)
विस्तृत व्याख्या: सूत्र से: Δt = Q / (m × S)
चूँकि दोनों टुकड़े समान पदार्थ के हैं, इसलिए उनकी विशिष्ट ऊष्मा S समान है।
दोनों को समान ऊष्मा Q दी जा रही है।
अतः Δt, m के व्युत्क्रमानुपाती है — जितना अधिक द्रव्यमान, उतना कम ताप वृद्धि।
2 kg वाले के लिए: Δt = Q/(2×S) → अधिक ताप वृद्धि
4 kg वाले के लिए: Δt = Q/(4×S) → कम ताप वृद्धि
∴ 2 किलोग्राम वाले टुकड़े का ताप अधिक बढ़ेगा।
चूँकि दोनों टुकड़े समान पदार्थ के हैं, इसलिए उनकी विशिष्ट ऊष्मा S समान है।
दोनों को समान ऊष्मा Q दी जा रही है।
अतः Δt, m के व्युत्क्रमानुपाती है — जितना अधिक द्रव्यमान, उतना कम ताप वृद्धि।
2 kg वाले के लिए: Δt = Q/(2×S) → अधिक ताप वृद्धि
4 kg वाले के लिए: Δt = Q/(4×S) → कम ताप वृद्धि
∴ 2 किलोग्राम वाले टुकड़े का ताप अधिक बढ़ेगा।
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📝 प्रश्न 14 — विशिष्ट ऊष्मा ज्ञात कीजिए
प्रश्न 14: 0.2 kg द्रव के ताप को 20°C से 70°C तक बढ़ाने के लिए 700 कैलोरी ऊष्मा की आवश्यकता होती है। द्रव की विशिष्ट ऊष्मा ज्ञात कीजिए — (क) कैलोरी में (ख) जूल में।
उत्तर:
S = Q / (m × Δt)
दिया है:
द्रव्यमान (m) = 0.2 kg
प्रारम्भिक ताप (t₁) = 20°C
अन्तिम ताप (t₂) = 70°C
तापान्तर (Δt) = 70 − 20 = 50°C
दी गई ऊष्मा (Q) = 700 कैलोरी
(क) कैलोरी में विशिष्ट ऊष्मा:
S = Q / (m × Δt)
S = 700 / (0.2 × 50)
S = 700 / 10
S = 70 कैलोरी/kg°C ✅
(ख) जूल में विशिष्ट ऊष्मा:
Q = 700 × 4.18 = 2926 जूल
S = 2926 / (0.2 × 50)
S = 2926 / 10
S = 292.6 जूल/kg°C ✅
द्रव्यमान (m) = 0.2 kg
प्रारम्भिक ताप (t₁) = 20°C
अन्तिम ताप (t₂) = 70°C
तापान्तर (Δt) = 70 − 20 = 50°C
दी गई ऊष्मा (Q) = 700 कैलोरी
(क) कैलोरी में विशिष्ट ऊष्मा:
S = Q / (m × Δt)
S = 700 / (0.2 × 50)
S = 700 / 10
S = 70 कैलोरी/kg°C ✅
(ख) जूल में विशिष्ट ऊष्मा:
Q = 700 × 4.18 = 2926 जूल
S = 2926 / (0.2 × 50)
S = 2926 / 10
S = 292.6 जूल/kg°C ✅
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📝 प्रश्न 15 — ऊष्मीय ऊर्जा ज्ञात कीजिए
प्रश्न 15: 0.2 kg के द्रव को 135°C से 25°C तक ठंडा करने में द्रव से निकली ऊष्मीय ऊर्जा ज्ञात कीजिए। जबकि द्रव की विशिष्ट ऊष्मा 750 जूल/kg°C है।
उत्तर:
Q = m × S × Δt
दिया है:
द्रव्यमान (m) = 0.2 kg
प्रारम्भिक ताप (t₁) = 135°C
अन्तिम ताप (t₂) = 25°C
तापान्तर (Δt) = 135 − 25 = 110°C
विशिष्ट ऊष्मा (S) = 750 J/kg°C
हल:
Q = m × S × Δt
Q = 0.2 × 750 × 110
Q = 0.2 × 82500
Q = 16500 जूल ✅
कैलोरी में: Q = 16500 / 4.18 ≈ 3947 कैलोरी
द्रव्यमान (m) = 0.2 kg
प्रारम्भिक ताप (t₁) = 135°C
अन्तिम ताप (t₂) = 25°C
तापान्तर (Δt) = 135 − 25 = 110°C
विशिष्ट ऊष्मा (S) = 750 J/kg°C
हल:
Q = m × S × Δt
Q = 0.2 × 750 × 110
Q = 0.2 × 82500
Q = 16500 जूल ✅
कैलोरी में: Q = 16500 / 4.18 ≈ 3947 कैलोरी
📌 ध्यान दें: यहाँ द्रव को ठंडा किया जा रहा है, इसलिए ऊष्मा द्रव से निकलती है (absorbed नहीं होती)। मात्रा की गणना उतनी ही है, बस दिशा उल्टी है।
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📚 इकाई 5 की मुख्य बातें — एक नज़र में
🌡️ ताप व थर्मामीटर
डॉक्टरी: 35–42°C। स्वस्थ शरीर = 37°C (98.6°F)। प्रयोगशाला: 0°C से 100°C।
🔥 ऊष्मा का सूत्र
Q = m × S × Δt। 1 कैलोरी = 4.18 जूल। विशिष्ट ऊष्मा — पदार्थ का गुण।
♨️ ऊष्मा संचरण
चालन (ठोस), संवहन (द्रव/गैस), विकिरण (निर्वात में भी)। सूर्य → विकिरण।
❄️ गलनांक / क्वथनांक
बर्फ गलनांक = 0°C। जल क्वथनांक = 100°C। अवस्था परिवर्तन में ताप स्थिर।
📏 ऊष्मीय प्रसार
ठोस, द्रव, गैस — सभी गर्म होने पर फैलते हैं। पटरी में gap, तार को ढीला।
🔩 सुचालक / कुचालक
सुचालक: लोहा, ताँबा, Al। कुचालक: लकड़ी, काँच, ऊन, वायु।
❤️ Basic Shiksha Solution Team ❤️
"विज्ञान को समझो, जीवन को सँवारो"
कक्षा 7 | विज्ञान | इकाई 5 — ऊष्मा एवं ताप | UP Board Solution
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❓ FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: ताप और ऊष्मा में क्या अंतर है?
उत्तर: ताप किसी वस्तु की गर्माहट या ठंडेपन की माप है (डिग्री में मापते हैं), जबकि ऊष्मा एक प्रकार की ऊर्जा है (जूल या कैलोरी में मापते हैं)।
प्रश्न: ऊष्मा स्थानान्तरण की कितनी विधियाँ हैं?
उत्तर: ऊष्मा स्थानान्तरण की तीन विधियाँ हैं — चालन (Conduction), संवहन (Convection) और विकिरण (Radiation)।
प्रश्न: सेल्सियस और फारेनहाइट में सम्बन्ध क्या है?
उत्तर: C/5 = (F−32)/9 अथवा F = (9C/5) + 32। इस सूत्र से दोनों पैमानों में परिवर्तन किया जाता है।
प्रश्न: UP Board Class 7 Science Chapter 5 Solution कहाँ मिलेगा?
उत्तर: Basic Shiksha Solution वेबसाइट पर इस अध्याय का सम्पूर्ण समाधान उपलब्ध है।
🔎 निष्कर्ष
निष्कर्ष:
इस प्रकार UP Board Class 7 Science इकाई 5 — ऊष्मा एवं ताप Solution में हमने ताप मापन, ऊष्मा का मात्रक एवं सूत्र, ऊष्मा स्थानान्तरण की तीनों विधियाँ (चालन, संवहन, विकिरण), सुचालक-कुचालक पदार्थ, गलनांक, क्वथनांक, अवस्था परिवर्तन, ऊष्मीय प्रसार तथा दैनिक जीवन में ऊष्मा के प्रभाव को विस्तार से समझा। यह इकाई परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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📚 UP Board Class 7 Science – सभी अध्यायों के समाधान
यदि आप UP Board Class 7 Science Question Answer की पूरी तैयारी करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए सभी अध्यायों के समाधान पढ़ सकते हैं।
| अध्याय | अध्याय का नाम |
|---|---|
| 1 | मानव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
| 2 | रेशों से वस्त्र तक |
| 3 | पदार्थ की संरचना एवं प्रकृति |
| 4 | भौतिक और रासायनिक परिवर्तन |
| 5 | ऊष्मा एवं ताप |
| 6 | पौधों में पोषण |
| 7 | जन्तुओं में पोषण |
| 8 | जीवों में श्वसन (Coming Soon) |
| 9 | जन्तुओं एवं पौधों में परिवहन (Coming Soon) |
| 10 | जीवों में उत्सर्जन (Coming Soon) |
| 11 | पौधों में जनन |
| 12 | लाभदायक एवं हानिकारक पौधे तथा जन्तु |
| 13 | भोजन, स्वास्थ्य एवं रोग |
📌 Note: सभी अध्यायों के विस्तृत प्रश्न-उत्तर और नोट्स इस वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाते हैं ताकि छात्र परीक्षा की तैयारी आसानी से कर सकें।
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