इकाई 13 — भोजन, स्वास्थ्य व रोग
UP Board Class 7 | विज्ञान | सम्पूर्ण समाधान
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📖 पाठ परिचय: इस इकाई में हम भोजन की आवश्यकता, भोजन के खराब होने के कारण, परिरक्षण की विधियाँ, दूषित भोजन से होने वाले रोग तथा संचारी, असंचारी, संक्रामक रोग एवं महामारी का विस्तृत अध्ययन करते हैं। यह इकाई हमारे स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी है और UP Board परीक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
📌 Quick Answer:
UP Board Class 7 Science इकाई 13 — भोजन, स्वास्थ्य व रोग में भोजन के खराब होने के कारण (जीवाणु, कवक, यीस्ट), भोजन को सुरक्षित रखने की परिरक्षण विधियाँ (सुखाना, उबालना, ठंडा करना, रासायनिक पदार्थ, डिब्बाबंदी, पाश्चुरीकरण) तथा संचारी और असंचारी रोगों का अध्ययन किया जाता है।
यह अध्याय छात्रों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और रोगों से बचाव के महत्वपूर्ण तरीकों के बारे में जानकारी देता है।
प्रश्न 1 (क): राइजोपस है —
(अ) कवक
(ब) जीवाणु
(स) विषाणु
(द) उपरोक्त सभी
✅ सही उत्तर: (अ) कवक
व्याख्या: राइजोपस (Rhizopus) एक कवक (Fungus/फफूँद) है जो अचार, भीगी डबलरोटी, फल और सब्जियों पर सफेद-काली रोयेंदार संरचना बनाकर उन्हें नष्ट कर देता है। यह नम और गर्म स्थानों पर तेज़ी से पनपता है। राइजोपस, म्यूकर और ऐस्पर्जिलस — ये तीनों खाद्य पदार्थों को खराब करने वाले प्रमुख कवक हैं। जीवाणु और विषाणु इससे भिन्न होते हैं।
प्रश्न 1 (ख): इनमें से संचारी रोग है —
(अ) हैजा
(ब) कैंसर
(स) जोड़ में दर्द
(द) डायबिटीज
✅ सही उत्तर: (अ) हैजा
व्याख्या: हैजा (Cholera) एक संचारी रोग (Communicable Disease) है जो विब्रियो कॉलेरी (Vibrio cholerae) जीवाणु द्वारा दूषित जल और भोजन के माध्यम से फैलता है। संचारी रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलते हैं। इसके विपरीत कैंसर, जोड़ों का दर्द और डायबिटीज असंचारी रोग हैं — ये छूआछूत से नहीं फैलते, बल्कि शरीर की आंतरिक कमी या खराबी से उत्पन्न होते हैं।
प्रश्न 1 (ग): विषाणुजनित रोग हैं —
(अ) चेचक
(ब) पेचिश
(स) प्लेग
(द) डिफ्थीरिया
✅ सही उत्तर: (अ) चेचक
व्याख्या: चेचक (Smallpox) वेरियोला वायरस (Variola Virus) के कारण होने वाला विषाणुजनित रोग है। पोलियो भी विषाणुजनित रोग है। इसके विपरीत — पेचिश और प्लेग जीवाणुजनित रोग हैं (पेचिश — एंटअमीबा, प्लेग — पास्चुरेला पेस्टिस), और डिफ्थीरिया भी जीवाणु से होता है। इस अंतर को याद रखना परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 1 (घ): प्लेग रोग फैलता है —
(अ) वेरियोला वायरस से
(ब) विब्रियो कॉलेरी जीवाणु से
(स) बैसिली जीवाणु से
(द) इनमें से कोई नहीं
✅ सही उत्तर: (द) इनमें से कोई नहीं
व्याख्या: प्लेग (Plague) पास्चुरेला पेस्टिस (Pasteurella pestis) या यर्सिनिया पेस्टिस (Yersinia pestis) नामक जीवाणु से फैलता है। दिये गये विकल्पों में यह नाम नहीं है — इसलिए उत्तर (द) है। वेरियोला वायरस चेचक फैलाता है, विब्रियो कॉलेरी हैजा फैलाता है। प्लेग का वाहक संक्रमित चूहों पर रहने वाले पिस्सू (fleas) होते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
(क) डिब्बा बंद भोज्य पदार्थ का अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए।
व्याख्या: यह कथन सही है। डिब्बा बंद भोज्य पदार्थों को लम्बे समय तक सुरक्षित रखने के लिए रासायनिक परिरक्षक (Preservatives) मिलाए जाते हैं जैसे सोडियम बेंजोएट, सोडियम मेटाबाईसल्फाइट आदि। इन रसायनों का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है और पाचन तंत्र को नुकसान पहुँचाता है। इसलिए ताज़ा घर का बना भोजन सर्वोत्तम है।
(ख) प्लेग संक्रामक रोग नहीं है।
व्याख्या: यह कथन गलत है। प्लेग एक अत्यंत खतरनाक संक्रामक रोग है जो पास्चुरेला पेस्टिस जीवाणु से होता है। यह पिस्सुओं (fleas) के काटने से, संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क से और वायु द्वारा फैलता है। इतिहास में प्लेग की महामारी ने भारत सहित पूरे विश्व में लाखों लोगों की जान ली है। यह भयंकर संक्रामक रोगों में से एक है।
(ग) पाश्चुरीकरण एक परिरक्षण विधि है।
व्याख्या: यह कथन सही है। पाश्चुरीकरण (Pasteurization) वैज्ञानिक लुई पाश्चर द्वारा विकसित एक परिरक्षण विधि है। इसमें दूध को पहले 63°C पर आधे घंटे तक या 72°C पर 15 सेकेंड तक गर्म किया जाता है, फिर तुरंत 10°C तक ठंडा करके जीवाणुरहित पैकेट में बंद किया जाता है। इस विधि से दूध में उपस्थित हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
(घ) असंचारी रोग वायु द्वारा फैलते हैं।
व्याख्या: यह कथन गलत है। असंचारी रोग (Non-communicable Diseases) जैसे कैंसर, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, जोड़ों का दर्द — ये वायु, जल या सम्पर्क से किसी अन्य व्यक्ति में नहीं फैलते। ये शरीर की आंतरिक कमी, अनियमित दिनचर्या या पोषक तत्वों की कमी से होते हैं। वायु द्वारा संचारी रोग जैसे टी.बी., खसरा, चेचक फैलते हैं।
(ङ) दाद कवक के कारण होता है।
व्याख्या: यह कथन सही है। दाद (Ringworm) त्वचा पर होने वाला एक फंगल संक्रमण है जो कवक (Dermatophytes) के कारण होता है। सिर पर होने वाले दाद से गंजापन भी हो जाता है। दाद, खाज और खुजली — ये सभी कवक जनित त्वचा रोग हैं। इनसे बचाव के लिए साफ-सफाई और स्वच्छता आवश्यक है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
(क) डायरिया को .................. भी कहते हैं।
✅ उत्तर: अतिसार
व्याख्या: डायरिया (Diarrhoea) को हिन्दी में अतिसार कहते हैं। इसमें बार-बार पतले दस्त होते हैं जिससे शरीर में जल और लवणों की कमी (Dehydration) हो जाती है। ORS (Oral Rehydration Solution) पिलाकर इसका प्रथमोपचार किया जाता है। यह दूषित जल और भोजन से फैलता है।
(ख) म्यूकर एक .................. है।
✅ उत्तर: कवक (फफूँद)
व्याख्या: म्यूकर (Mucor) एक कवक है जो भोजन को खराब करने वाले सूक्ष्मजीवों में से एक है। यह नम और गर्म स्थानों पर रखे भोजन पर सफेद रोयेंदार संरचना बनाता है। राइजोपस, म्यूकर और ऐस्पर्जिलस — तीनों मिलकर खाद्य पदार्थों को नष्ट करते हैं।
(ग) फिनाइल, डी.डी.टी., क्लोरीन .................. पदार्थ हैं।
✅ उत्तर: निःसंक्रमण (Disinfectant)
व्याख्या: फिनाइल, डी.डी.टी. (DDT), क्लोरीन सभी निःसंक्रमण पदार्थ (Disinfectants) हैं जो रोगाणुओं को नष्ट करने में सक्षम हैं। रोगाणुओं को नष्ट करने की प्रक्रिया को निःसंक्रमण (Disinfection) कहते हैं। कार्बोलिक एसिड और चूना भी इसी श्रेणी में आते हैं।
(घ) विब्रियो कॉलेरी एक .................. है।
✅ उत्तर: जीवाणु (Bacteria)
व्याख्या: विब्रियो कॉलेरी (Vibrio cholerae) एक जीवाणु है जो हैजा (Cholera) रोग का कारण बनता है। यह दूषित जल और भोजन के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। हैजे में अत्यधिक दस्त और उल्टी के कारण निर्जलीकरण (Dehydration) हो जाता है जो जानलेवा हो सकता है।
(ङ) कैंसर .................. रोग है।
✅ उत्तर: असंचारी
व्याख्या: कैंसर (Cancer) एक असंचारी रोग है जो छूआछूत से या वायु/जल के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलता। यह शरीर की कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि के कारण होता है। कैंसर के साथ उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, एलर्जी — सभी असंचारी रोगों की श्रेणी में आते हैं।
प्रश्न 4: स्तम्भ (क) का स्तम्भ (ख) से सही मिलान कीजिए।
उत्तर:
| स्तम्भ (क) — रोग | स्तम्भ (ख) — रोगाणु |
| क. प्लेग | स. पास्चुरेला पेस्टिस |
| ख. हैजा | द. विब्रियो कॉलेरी |
| ग. पोलियो | य. पोलियो वायरस |
| घ. पेचिश | ब. एंटअमीबा |
| ङ. चेचक | अ. वेरियोला वायरस |
📘 स्मरण सहायता: प्लेग → पास्चुरेला (P-P याद रखें)। हैजा → विब्रियो कॉलेरी (H-V)। पोलियो → पोलियो वायरस। पेचिश → एंटअमीबा (Amoeba से होती है)। चेचक → वेरियोला वायरस। ये पाँचों जोड़ी परीक्षा में अक्सर पूछी जाती हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न 5 (क): परिरक्षण क्या है?
उत्तर:
भोज्य पदार्थों को लम्बे समय तक ताज़ा, सुरक्षित और खाने योग्य बनाये रखने के लिए किये जाने वाले उपायों को परिरक्षण (Food Preservation) कहते हैं।
परिरक्षण की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि भोज्य पदार्थ वातावरण में उपस्थित जीवाणु, कवक (फफूँद) और यीस्ट के कारण खराब हो जाते हैं। परिरक्षण विधियों द्वारा इन सूक्ष्मजीवों को पनपने से रोका जाता है जिससे भोज्य पदार्थ की पौष्टिकता, रंग, रूप और स्वाद बना रहता है। सूखाना, उबालना, ठंडा करना, रासायनिक पदार्थों का उपयोग, डिब्बाबंदी और पाश्चुरीकरण — ये सभी परिरक्षण की प्रमुख विधियाँ हैं।
प्रश्न 5 (ख): भोजन को सड़ाने एवं खराब करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
भोजन के रंग, रूप, आकार व स्वाद में अंतर आने से जब वह खाने योग्य नहीं रहता तो वह भोजन खराब व दूषित कहलाता है। भोजन को खराब करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं:
🍄 (1) कवक (फफूँद)
कवक को सामान्य भाषा में फफूँद कहते हैं। ये नम स्थान पर रखी रोटी, डबलरोटी, अचार, फल, सब्जी और चमड़े पर सफेद जाल जैसी रचना बना लेते हैं। राइजोपस, म्यूकर, ऐस्पर्जिलस जैसे कवक खाद्य पदार्थों को नष्ट कर देते हैं। गर्मियों में कवक अत्यंत तेजी से पनपते हैं।
🦠 (2) जीवाणु (Bacteria)
जीवाणु सर्वव्यापी हैं — ये हर जगह पाये जाते हैं। हानिकारक जीवाणु भोज्य पदार्थों को दूषित कर देते हैं। दूषित भोजन ग्रहण करने से निमोनिया, हैजा, पेचिश, पेट दर्द, उल्टी जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। उच्च तापमान (गर्मियों में) पर जीवाणु अत्यधिक तेजी से वृद्धि करते हैं।
🔬 (3) यीस्ट (खमीर)
खमीर (Yeast) एककोशिक सूक्ष्म जीव हैं जो वायु में पाये जाते हैं। इन्हें वृद्धि के लिए नमी और उचित तापमान की आवश्यकता होती है। यीस्ट क्रिया कार्बोहाइड्रेट युक्त पदार्थों पर होती है जिसे वे एल्कोहल में बदल देते हैं, जिससे पदार्थ में खट्टापन आ जाता है। हालाँकि यीस्ट ब्रेड और जलेबी बनाने में लाभदायक भी है।
🐛 (4) रोडेंट, कीट-पतंग
चूहे (रोडेंट) अनाज को खाकर नष्ट करते हैं। अनाज को खुला छोड़ने पर चूहे उसे खा जाते हैं। घुन, गोभी कीट, बैगन छेदक कीट आदि कीड़े भी अनाज और सब्जियों को अंदर से खाकर नष्ट कर देते हैं। अनुमान है कि ये जन्तु प्रतिवर्ष लगभग एक तिहाई अनाज बर्बाद कर देते हैं।
📌 अतिरिक्त कारक: अधिक तापमान और नमी से भी भोजन जल्दी खराब होता है। गर्मियों में सुबह की पकी सब्जी रात तक खराब हो जाती है क्योंकि उच्च तापमान में जीवाणु बहुत तेजी से पनपते हैं।
प्रश्न 5 (ग): कोई दो जीवाणुजनित रोगों के लक्षण, कारण, उपचार, बचाव के उपाय लिखिए।
उत्तर:
| विषय |
🤢 हैजा (Cholera) |
🦠 क्षय रोग / टी.बी. (Tuberculosis) |
| रोगाणु |
विब्रियो कॉलेरी (Vibrio cholerae) जीवाणु |
माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्युलोसिस (Mycobacterium tuberculosis) |
| फैलने का तरीका |
दूषित जल और भोजन से। मक्खी इस रोग की वाहक है। |
संक्रमित व्यक्ति के खाँसने, छींकने से वायु के माध्यम से फैलता है। |
| लक्षण |
बार-बार पानी जैसे दस्त, उल्टी, पेट में दर्द, शरीर में अत्यधिक कमजोरी, निर्जलीकरण। |
लगातार खाँसी (2 सप्ताह से अधिक), बुखार, रात को पसीना, वजन कम होना, बलगम में खून। |
| उपचार |
ORS (Oral Rehydration Solution) देना, नमक-चीनी का घोल, चिकित्सक से तुरंत परामर्श। |
DOT (Directly Observed Treatment) विधि से 6-9 महीने तक नियमित दवा लेना आवश्यक। |
| बचाव |
शुद्ध पानी पियें, भोजन ढककर रखें, मक्खियों से भोजन बचायें, साफ-सफाई रखें। |
BCG का टीका लगवाएँ, रोगी से दूरी बनाएँ, मास्क पहनें, खुले में न थूकें। |
प्रश्न 5 (घ): संचारी तथा असंचारी रोग से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
🦠 संचारी रोग (Communicable Diseases)
परिभाषा: वे सभी रोग जो सूक्ष्म जीवों द्वारा होते हैं तथा एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में छूआछूत (वायु, जल, मक्खी, मच्छर या सीधे सम्पर्क) के कारण फैलते हैं, उन्हें संचारी रोग कहते हैं।
उदाहरण: हैजा (दूषित जल से), चेचक (वायु/सम्पर्क से), टी.बी. (वायु से), मलेरिया (मच्छर से), पोलियो (दूषित जल से)।
संचारी रोग के फैलने के माध्यम: वायु (TB, खसरा), जल (हैजा, टायफाइड), कीट (मलेरिया, डेंगू) और प्रत्यक्ष सम्पर्क।
🩺 असंचारी रोग (Non-communicable Diseases)
परिभाषा: वे रोग जो शरीर में किसी कमी, खराबी या आंतरिक कारण से होते हैं और छूआछूत से एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलते, उन्हें असंचारी रोग कहते हैं।
उदाहरण: कैंसर, डायबिटीज (मधुमेह), उच्च रक्तचाप, एलर्जी, जोड़ों का दर्द (कैल्शियम की कमी से), एनीमिया (रक्त की कमी से)।
| आधार | संचारी रोग | असंचारी रोग |
| कारण | सूक्ष्मजीव (जीवाणु, विषाणु) | शरीर की आंतरिक कमी या खराबी |
| फैलना | एक से दूसरे में फैलते हैं | नहीं फैलते |
| उदाहरण | हैजा, टी.बी., चेचक | कैंसर, डायबिटीज, एलर्जी |
| बचाव | टीकाकरण, साफ-सफाई | संतुलित आहार, व्यायाम |
प्रश्न 5 (ङ): निःसंक्रमण क्या है?
उत्तर:
निःसंक्रमण (Disinfection) की परिभाषा: संक्रामक रोगों से बचाव का सर्वोत्तम उपाय सम्बंधित रोगाणुओं को नष्ट करना है। रोगाणुओं को नष्ट करने की प्रक्रिया को निःसंक्रमण कहते हैं।
🧪 निःसंक्रमण पदार्थ और विधियाँ
निःसंक्रमण में प्रयुक्त पदार्थों को निःसंक्रमण पदार्थ (Disinfectants) कहते हैं। जैसे — फिनाइल, कार्बोलिक एसिड, चूना, डी.डी.टी., क्लोरीन आदि। इन रसायनों को घरों, शौचालयों और जलाशयों में डालकर रोगाणुओं को नष्ट किया जाता है।
इसके अतिरिक्त कुछ सामान्य विधियाँ जैसे — जलाना, वाष्प या भाप देना, सूखी गर्म हवा देना, और उबालना — द्वारा भी रोगाणुओं को नष्ट किया जाता है। पीने के पानी में क्लोरीन मिलाकर उसे रोगाणुरहित किया जाता है।
📌 उदाहरण: घर में फिनाइल डालकर पोंछा लगाना, पानी में क्लोरीन मिलाना, दूध उबालना — ये सभी निःसंक्रमण के उदाहरण हैं।
प्रश्न 5 (च): परिरक्षण विधियों के बारे में लिखिए।
उत्तर:
भोज्य पदार्थों को लम्बे समय तक ताज़ा और सुरक्षित रखने की विधियाँ परिरक्षण विधियाँ कहलाती हैं। इन विधियों से सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रोकी जाती है। प्रमुख परिरक्षण विधियाँ निम्नलिखित हैं:
☀️ (1) सुखाना / निर्जलीकरण (Dehydration)
यह सबसे पुरानी और सर्वाधिक प्रचलित विधि है। इसमें भोज्य पदार्थों को धूप में सुखाया जाता है। सूर्यताप से प्राप्त ऊष्मा द्वारा नमी वाष्पीकृत हो जाती है जिससे सूक्ष्मजीवों के पनपने के अवसर कम हो जाते हैं। उदाहरण: अनाज, दाल, पापड़, बड़ी, आलू चिप्स, सेंवईयाँ, आँवला, मेथी को धूप में सुखाना। दूध का पाउडर बनाने में भी यही विधि उपयोग होती है।
🫗 (2) उबालना (Boiling)
उबालने की प्रक्रिया में अधिक तापमान के कारण हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। घर में दूध को उपयोग से पहले उबाला जाता है। पीने के पानी को भी जीवाणुरहित करने के लिए उबाला जाता है। यह एक सरल और सस्ती विधि है।
❄️ (3) ठंडा करना (Refrigeration)
इसकी तीन उपविधियाँ हैं — (क) हिमीभूत करना (Freezing): भोज्य पदार्थों को −18°C या इससे नीचे के ताप पर रखकर सुरक्षित रखा जाता है। (ख) शीतन (Cooling): रेफ्रिजरेटर में 7°C से 10°C पर रखने से सूक्ष्मजीवों की वृद्धि रुक जाती है। (ग) हिमीकरण से सुखाना: कस्टर्ड पाउडर, सूप और कॉफी इस विधि से संरक्षित की जाती हैं।
🧂 (4) रासायनिक पदार्थों का उपयोग
कुछ रासायनिक पदार्थ सूक्ष्मजीवों को उत्पन्न होने से रोकते हैं जैसे सोडियम बेंजोएट, सोडियम मेटाबाईसल्फाइट, पोटेशियम मेटाबाईसल्फाइट, सिरका आदि। इसके अतिरिक्त नमक, शक्कर और खाद्य तेल का उपयोग भी परिरक्षण में होता है। नमक और शक्कर सूक्ष्मजीवों की कोशिका से जल का निकासन कर देते हैं जिससे उनकी वृद्धि रुक जाती है। उदाहरण: अचार, मुरब्बा, जैम, जैली, टमाटर सॉस।
🥫 (5) डिब्बाबंदी (Canning)
अनेक भोज्य पदार्थ जैसे मटर, अनानास आदि को वायुरोधी (Airtight) डिब्बों में बंद करके संरक्षित किया जाता है। डिब्बे में हवा न होने से सूक्ष्मजीव पनप नहीं सकते।
🥛 (6) पाश्चुरीकरण (Pasteurization)
इस विधि में दूध को पहले 63°C पर आधे घंटे तक या 72°C पर 15 सेकेंड तक गर्म करते हैं, उसके बाद तुरंत 10°C तक ठंडा करके जीवाणुरहित पैकेट में बंद करके ठंडे स्थान पर भंडारण करते हैं। इस विधि से दूध में उपस्थित हानिकारक जीवाणु नष्ट हो जाते हैं और पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।
📘 भोजन की गुणवत्ता बनाये रखने के टिप्स: सब्जी को काटने से पहले धोएँ (काटकर नहीं), लोहे की कढ़ाई में सब्जी पकाएँ, ढककर पकाएँ, आवश्यकता से अधिक न पकाएँ, प्रेशर कुकर का उपयोग करें — इससे ईंधन और पोषक तत्व दोनों बचते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
| रोग |
रोगाणु |
फैलने का माध्यम |
प्रमुख लक्षण |
बचाव |
| हैजा |
विब्रियो कॉलेरी (जीवाणु) |
दूषित जल/भोजन |
पतले दस्त, उल्टी |
शुद्ध पानी, ORS |
| टी.बी. |
माइकोबैक्टीरियम (जीवाणु) |
वायु (खाँसी/छींक) |
खाँसी, बुखार, वजन घटना |
BCG टीका, DOT दवा |
| टायफाइड |
साल्मोनेला टाइफी (जीवाणु) |
दूषित जल/भोजन |
तेज बुखार, सिरदर्द |
स्वच्छ जल, टीकाकरण |
| चेचक |
वेरियोला वायरस |
वायु, सम्पर्क |
शरीर पर दाने, बुखार |
चेचक का टीका |
| पोलियो |
पोलियो वायरस |
दूषित जल/भोजन |
अंगों में लकवा |
पोलियो ड्रॉप्स |
| मलेरिया |
प्लाज्मोडियम (प्रोटोज़ोआ) |
एनोफेलीज मच्छर |
ठंड के साथ बुखार |
मच्छरदानी, क्लोरोक्विन |
| प्लेग |
पास्चुरेला पेस्टिस (जीवाणु) |
पिस्सू (fleas) |
लिम्फ ग्रंथियों में सूजन |
चूहों से दूरी, स्वच्छता |
| पेचिश |
एंटअमीबा (प्रोटोज़ोआ) |
दूषित जल/भोजन |
खूनी दस्त, पेट दर्द |
स्वच्छ जल, हाथ धोना |
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न: पाश्चुरीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर: दूध को 63°C पर 30 मिनट या 72°C पर 15 सेकेंड गर्म करके फिर 10°C तक ठंडा करने की विधि को पाश्चुरीकरण कहते हैं। इससे हानिकारक जीवाणु नष्ट होते हैं।
प्रश्न: संचारी और असंचारी रोग में क्या अंतर है?
उत्तर: संचारी रोग एक से दूसरे में फैलते हैं (जैसे हैजा, टी.बी.), जबकि असंचारी रोग शरीर की आंतरिक कमी से होते हैं और नहीं फैलते (जैसे कैंसर, डायबिटीज)।
प्रश्न: ORS घोल कैसे बनाते हैं?
उत्तर: एक लीटर स्वच्छ पानी में 6 चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक मिलाकर ORS (Oral Rehydration Solution) घोल बनाया जाता है। यह डायरिया/हैजे में निर्जलीकरण रोकने के लिए दिया जाता है।
प्रश्न: निःसंक्रमण पदार्थ कौन से हैं?
उत्तर: फिनाइल, कार्बोलिक एसिड, चूना, डी.डी.टी., क्लोरीन — ये सभी निःसंक्रमण पदार्थ हैं जो रोगाणुओं को नष्ट करते हैं।
निष्कर्ष:
इस प्रकार UP Board Class 7 Science इकाई 13 — भोजन, स्वास्थ्य व रोग Solution में हमने भोजन की आवश्यकता, भोजन खराब होने के कारण (जीवाणु, कवक, यीस्ट, कीट), परिरक्षण की छह प्रमुख विधियाँ (सुखाना, उबालना, ठंडा करना, रसायन, डिब्बाबंदी, पाश्चुरीकरण), संचारी व असंचारी रोगों में अंतर, निःसंक्रमण की प्रक्रिया तथा प्रमुख संक्रामक रोगों की जानकारी विस्तार से प्राप्त की। यह ज्ञान हमें स्वस्थ जीवन जीने में सहायक है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📚 UP Board Class 7 Science – सभी अध्यायों के समाधान
यदि आप UP Board Class 7 Science Question Answer की पूरी तैयारी करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए सभी अध्यायों के समाधान पढ़ सकते हैं।
📌 Note: सभी अध्यायों के विस्तृत प्रश्न-उत्तर और नोट्स इस वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाते हैं ताकि छात्र परीक्षा की तैयारी आसानी से कर सकें।
सुझाव, सहयोग, लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमसे जुड़ें
~ Basic Shiksha Solution ~
Comments
Post a Comment