Basic Shiksha Solution: शिक्षकों के लिए एक विश्वसनीय मंच। यहाँ Basic Shiksha Parishad के आदेश, Teacher updates और Meena Manch की जानकारी के साथ-साथ Income Tax Calculator और MDM Calculator जैसे उपयोगी टूल्स उपलब्ध हैं। प्राइमरी शिक्षकों के लिए स्कूल डेटा फॉर्म और सरकारी योजनाओं का संपूर्ण संग्रह।"
BASICSHIKSHASOLUTION
✨ "शिक्षा ही सफलता की कुंजी है" ✨
LATEST:
🔴 शीतकालीन अवकाश की घोषणा जल्द • कक्षा 6 विज्ञान प्रश्नोत्तरी लाइव है • स्कूल डेटा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 20 दिसंबर है...
नमस्ते प्यारे बच्चों और सम्मानित शिक्षकों! 'बेसिक शिक्षा सॉल्यूशन' परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है। यह वेबसाइट विशेष रूप से कक्षा 1 से 8तक के सभी छात्रों और शिक्षकों के लिए तैयार की है। यहाँ आपको क्या मिलेगा: व्यापक कवरेज: कक्षा 1 से 8 तक के सभी मुख्य विषयों (जैसे गणित, विज्ञान, हिंदी, सामाजिक विज्ञान, आदि) के सरल नोट्स और शिक्षण सामग्री मिलेगी। विषयों को आसान बनाना: जटिल विषयों को आसान भाषा, चित्र और उदाहरणों के साथ समझाया जाएगा, जो NCERT/UP बोर्ड पाठ्यक्रम पर आधारित होंगे। अभ्यास सामग्री: स्कूल की परीक्षाओं और अवधारणाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर और अभ्यास पत्र यहाँ उपलब्ध होंगे। शिक्षकों के लिए संसाधन: बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी उपयोगी शिक्षण सामग्री और अपडेट भी समय-समय पर साझा की जाएगी। मेरा उद्देश्य है कि आप सभी को गुणवत्तापूर्ण और सरल शिक्षा सामग्री एक ही जगह पर मिल सके। जुड़े रहें! आप अपनी किसी भी शंका या सुझाव को नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। मुझे आपकी मदद करके खुशी होगी। आपका शुभचिंतक, बेसिक शिक्षा सॉल्यूशन
Get link
Facebook
X
Pinterest
Email
Other Apps
UP Board Class 7 Science Chapter 11 Question Answer | पौधों में जनन
Get link
Facebook
X
Pinterest
Email
Other Apps
-
UP Board Class 7 Science | इकाई 11 — पौधों में जनन
इकाई 11 — पौधों में जनन
UP Board Class 7 | विज्ञान | सम्पूर्ण समाधान
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📖 पाठ परिचय: इस इकाई में हम पौधों में होने वाले दो प्रकार के जनन — अलैंगिक जनन (मुकुलन, खण्डन, बीजाणु निर्माण, वर्धी जनन) तथा लैंगिक जनन (पुष्प की संरचना, परागण, निषेचन, बीज निर्माण) के बारे में पढ़ेंगे। साथ ही बीजों के प्रकीर्णन की विभिन्न विधियों को भी समझेंगे। यह अध्याय परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
UP Board Class 7 Science की इकाई 11 — पौधों में जनन में पौधों के प्रजनन की विभिन्न विधियों का अध्ययन कराया जाता है। इस अध्याय में पौधों में होने वाले अलैंगिक जनन, लैंगिक जनन, परागण, निषेचन तथा बीज प्रकीर्णन की प्रक्रियाओं को विस्तार से समझाया गया है।
यहाँ Class 7 Science Chapter 11 Question Answer सरल और स्पष्ट भाषा में दिए गए हैं ताकि विद्यार्थी इस अध्याय की अवधारणाओं को आसानी से समझ सकें और परीक्षा की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकें।
Quick Answer – पौधों में जनन
पौधों में नए पौधों के बनने की प्रक्रिया को जनन कहा जाता है। पौधों में मुख्य रूप से दो प्रकार के जनन पाए जाते हैं — अलैंगिक जनन और लैंगिक जनन। अलैंगिक जनन में एक ही पौधे से नया पौधा बनता है जबकि लैंगिक जनन में पुष्प के नर और मादा अंगों की सहायता से बीज का निर्माण होता है।
इस अध्याय में क्या पढ़ेंगे?
पौधों में जनन का अर्थ
अलैंगिक जनन के प्रकार
वर्धी जनन (Vegetative Propagation)
बीजाणु द्वारा जनन
पुष्प की संरचना
परागण (Pollination)
निषेचन (Fertilization)
बीज और फल का निर्माण
बीज प्रकीर्णन
अभ्यास प्रश्न उत्तर
📝 प्रश्न 1 — सही विकल्प पर (✓) निशान लगाइए
प्रश्न 1 (क): नर और मादा युग्मक के युग्मन का क्रम कहलाता है —
(1) निषेचन
(2) परागण
(3) जनन
(4) बीज निर्माण
✅ सही उत्तर: (1) निषेचन
व्याख्या: जब नर युग्मक (परागकण के भीतर) और मादा युग्मक (बीजाण्ड में उपस्थित अण्डा) आपस में मिलते हैं तो इस क्रिया को निषेचन (Fertilization) कहते हैं। निषेचन से युग्मनज (Zygote) बनता है जिससे आगे भ्रूण का विकास होता है। परागण और निषेचन दो अलग-अलग क्रियाएँ हैं — परागण पहले होता है, फिर निषेचन।
प्रश्न 1 (ख): परिपक्व होने पर अण्डाशय विकसित हो जाता है —
(1) बीज में
(2) पुंकेसर में
(3) स्त्रीकेसर में
(4) फल में
✅ सही उत्तर: (4) फल में
व्याख्या: निषेचन के पश्चात् पुष्प के अण्डाशय की दीवार मोटी और रसीली होकर फल बन जाती है। अण्डाशय के भीतर स्थित बीजाण्ड विकसित होकर बीज बनते हैं। अर्थात् — बीजाण्ड → बीज और अण्डाशय → फल। पुष्प के अन्य भाग (बाह्यदल, दल, पुंकेसर) मुरझाकर गिर जाते हैं।
प्रश्न 1 (ग): अजूबा अपने जिस भाग द्वारा जनन करता है, वह है —
(1) तना
(2) पत्ती
(3) जड़
(4) पुष्प
✅ सही उत्तर: (2) पत्ती
व्याख्या:अजूबा (Bryophyllum) और विगोनिया में पत्तियों द्वारा वर्धी जनन होता है। अजूबा की पत्तियों के किनारों पर कलिकाएँ (Buds) होती हैं जो मिट्टी के सम्पर्क में आने पर अंकुरित होकर नये पौधे को जन्म देती हैं। यही कारण है कि अजूबा को "चमत्कारी पत्ती" या "Miracle Leaf" भी कहते हैं।
प्रश्न 1 (घ): पौधे के जनन अंग हैं —
(1) जड़
(2) तना
(3) पत्ती
(4) फूल
✅ सही उत्तर: (4) फूल
व्याख्या: पौधे में जड़, तना और पत्ती — ये तीनों कायिक अंग (Vegetative Organs) हैं जो पोषण और वृद्धि का कार्य करते हैं। इसके विपरीत फूल (पुष्प) पौधे का जनन अंग (Reproductive Organ) है क्योंकि इसमें पुंकेसर (नर जननांग) और स्त्रीकेसर (मादा जननांग) पाये जाते हैं।
प्रश्न 1 (ड़): परागकण का वर्तिकाग्र पर स्थानान्तरण कहलाता है —
(1) निषेचन
(2) परागण
(3) जनन
(4) फल का बनना
✅ सही उत्तर: (2) परागण
व्याख्या: परागकोश (Anther) से परागकण (Pollen Grains) का निकलकर वर्तिकाग्र (Stigma) पर पहुँचने की क्रिया को परागण (Pollination) कहते हैं। यह क्रिया वायु, जल, कीट, पतंग, मधुमक्खी आदि के द्वारा होती है। परागण के बाद ही निषेचन की क्रिया होती है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📝 प्रश्न 2 — रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए
(क) जनक पौधे के कायिक भाग से नए पौधे का उत्पन्न होना ................. जनन कहलाता है।
✅ उत्तर: वर्धी (Vegetative)
व्याख्या: जब पौधे के कायिक भागों जैसे जड़, तना या पत्ती से नये पौधे उत्पन्न होते हैं, तो उसे वर्धी जनन या कायिक प्रवर्धन (Vegetative Propagation) कहते हैं। इसमें बीज की आवश्यकता नहीं होती। जैसे — आलू (तना), शकरकन्द (जड़), अजूबा (पत्ती)।
(ख) जिन फूलों में केवल नर या केवल मादा जनन अंग होते हैं वे ................. पुष्प कहे जाते हैं।
✅ उत्तर: एकलिंगी
व्याख्या:एकलिंगी पुष्प (Unisexual Flower) वे होते हैं जिनमें केवल पुंकेसर (नर) या केवल स्त्रीकेसर (मादा) में से एक ही अंग होता है। जैसे — पपीता, मक्का, ककड़ी, लौकी, खीरा। इसके विपरीत द्विलिंगी पुष्प में दोनों अंग एक साथ होते हैं — जैसे गुड़हल, सरसों।
(ग) परागकोश से परागकण का वर्तिकाग्र पर स्थानान्तरण की क्रिया ................. कहलाती है।
✅ उत्तर: परागण (Pollination)
व्याख्या:परागण लैंगिक जनन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। परागकण वायु, जल, कीटों (तितली, मधुमक्खी) तथा अन्य जन्तुओं के माध्यम से वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं। परागण के बिना निषेचन सम्भव नहीं है।
(घ) नर और मादा युग्मक का युग्मन ............... कहलाता है।
✅ उत्तर: निषेचन (Fertilization)
व्याख्या:निषेचन में परागनलिका अण्डाशय के बीजाण्ड में प्रवेश करती है और नर युग्मक, मादा युग्मक (अण्डा) से संयोग करता है। इस संयोग से बनी कोशिका युग्मनज (Zygote) कहलाती है जिससे भ्रूण विकसित होता है।
(ङ) बीज का प्रकीर्णन ......, ............. और ................. के द्वारा होता है।
✅ उत्तर: वायु, जल और जन्तुओं
व्याख्या: बीजों का प्रकीर्णन तीन माध्यमों द्वारा होता है — (1) वायु द्वारा — पंखयुक्त या रोमयुक्त बीज जैसे मदार, सूरजमुखी; (2) जल द्वारा — नारियल जैसे रेशेदार आवरण वाले फल; (3) जन्तुओं द्वारा — काँटेदार बीज जो जानवरों के शरीर से चिपक जाते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📝 प्रश्न 3 — सही (✓) तथा गलत (✗) का चिह्न लगाइये
(अ) स्पाइरोगाइरा तथा यूलोथ्रिक्स खण्डन विधि से जनन करते हैं।
✓ सही
व्याख्या:स्पाइरोगाइरा और यूलोथ्रिक्स दोनों शैवाल (Algae) हैं जो तालाबों में पाये जाते हैं। इनके तन्तु कई खण्डों में टूट जाते हैं और प्रत्येक खण्ड से नया पौधा बनता है। इस क्रिया को खण्डन (Fragmentation) कहते हैं।
(ब) कलम लगाना कृत्रिम वर्धी जनन है।
✓ सही
व्याख्या:कलम लगाना (Cutting), दाब कलम और आरोपण (Grafting) — ये सभी कृत्रिम वर्धी जनन की विधियाँ हैं। इनमें मनुष्य कृत्रिम तरीके से पौधों का प्रवर्धन करता है। गन्ना, गुलाब आदि में कलम लगाकर नये पौधे तैयार किये जाते हैं।
(स) यीस्ट में जनन खण्डन विधि द्वारा होता है।
✗ गलत
व्याख्या: यह कथन गलत है। यीस्ट (Yeast) में जनन मुकुलन विधि (Budding) द्वारा होता है — खण्डन द्वारा नहीं। यीस्ट कोशिका से एक छोटी उभार (मुकुल) निकलती है जो बढ़कर अलग हो जाती है। खण्डन विधि स्पाइरोगाइरा जैसे शैवालों में होती है।
(द) स्त्रीकेसर पुष्प का नर भाग है।
✗ गलत
व्याख्या: यह कथन गलत है। स्त्रीकेसर (Pistil/Carpel) पुष्प का मादा भाग है जिसमें अण्डाशय, वर्तिका और वर्तिकाग्र होते हैं। पुष्प का नर भागपुंकेसर (Stamen) होता है जिसमें परागकोश और तन्तु होते हैं।
(य) पुष्प के सभी भाग पुष्पासन पर टिके होते हैं।
✓ सही
व्याख्या: यह कथन सही है। पुष्पासन (Thalamus/Receptacle) पुष्प का वह आधार है जिस पर बाह्यदल, दल, पुंकेसर और स्त्रीकेसर — सभी चारों भाग टिके रहते हैं। यह पुष्प के डण्ठल (पुष्पवृन्त) का ऊपरी फूला हुआ हिस्सा होता है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📝 प्रश्न 4 — स्तम्भ (क) का स्तम्भ (ख) से मिलान कीजिए
स्तम्भ (क)
स्तम्भ (ख)
क. कली/मुकुल
स. यीस्ट
ख. आँख
य. आलू
ग. खण्डन
ब. स्पाइरोगाइरा
घ. पंख
अ. मेपल
ङ. बीजाणु
द. डबलरोटी की फफूँद
📘 विस्तार से समझें: यीस्ट में मुकुलन (कली बनना) से जनन होता है। आलू में आँख (Eye/पर्व सन्धि) से अंकुरण होता है। स्पाइरोगाइरा में खण्डन होता है। मेपल के बीज पंखयुक्त होते हैं जो हवा से उड़ते हैं। और डबलरोटी की फफूँद (राइजोपस) में बीजाणु द्वारा जनन होता है।
📝 प्रश्न 5 — निषेचन किसे कहते हैं?
प्रश्न 5: निषेचन किसे कहते हैं?उत्तर:
निषेचन (Fertilization) की परिभाषा: नर युग्मक और मादा युग्मक के आपसी संयोग (युग्मन) की क्रिया को निषेचन कहते हैं। निषेचन के फलस्वरूप बनी कोशिका युग्मनज (Zygote) कहलाती है जिससे भ्रूण का विकास होता है।
🌸 निषेचन की सम्पूर्ण प्रक्रिया
1
परागकण वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं (परागण)। वर्तिकाग्र नम और चिपचिपा होता है।
2
वर्तिकाग्र पर परागकण अंकुरित होकर परागनलिका बनाते हैं। इस नलिका में नर युग्मक होते हैं।
3
परागनलिका वर्तिका से होती हुई अण्डाशय के बीजाण्ड (अण्डकोश) में प्रवेश करती है।
4
नर युग्मक, बीजाण्ड में उपस्थित मादा युग्मक (अण्डा) से संयोग करता है — यही निषेचन है।
5
निषेचन के बाद बीजाण्ड → बीज और अण्डाशय → फल बनता है।
📌 याद रखें: परागण और निषेचन दो अलग-अलग क्रियाएँ हैं। परागण में परागकण वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं जबकि निषेचन में नर और मादा युग्मक आपस में मिलते हैं।
📝 प्रश्न 6 — पौधों में अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियाँ
प्रश्न 6: पौधों में अलैंगिक जनन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए। प्रत्येक का उदाहरण दीजिए।उत्तर:
अलैंगिक जनन वह जनन विधि है जिसमें जनन अंगों की भागीदारी नहीं होती और केवल एक जनक से नया पौधा उत्पन्न होता है। इसमें बीज की आवश्यकता नहीं होती। अलैंगिक जनन निम्नलिखित चार विधियों से होता है:
🌱 (1) मुकुलन (Budding)
परिभाषा: जब जनक कोशिका पर एक छोटा सा उभार (मुकुल या कली) निकलता है, धीरे-धीरे बड़ा होकर अलग हो जाता है और नया जीव बन जाता है, तो इस क्रिया को मुकुलन कहते हैं।
उदाहरण:यीस्ट (Yeast) — यह एककोशिक जीव है जिसे सूक्ष्मदर्शी से देखा जाता है। पर्याप्त पोषण मिलने पर यीस्ट कोशिका से मुकुल निकलता है जो बढ़कर अलग हो जाता है। मुकुलन इतनी तेज़ गति से होता है कि कई मुकुल जनक कोशिका से अलग हुए बिना ही एक श्रृंखला में पाये जाते हैं।
उपयोग: ब्रेड फुलाने में यीस्ट का उपयोग होता है।
🌿 (2) खण्डन (Fragmentation)
परिभाषा: जब किसी जीव का शरीर कई टुकड़ों (खण्डों) में टूट जाता है और प्रत्येक खण्ड से नये जीव का निर्माण होता है, तो इसे खण्डन कहते हैं।
उदाहरण:स्पाइरोगाइरा और यूलोथ्रिक्स (शैवाल) — ये तालाबों और जलाशयों में हरे तन्तुओं के गुच्छे के रूप में दिखते हैं। इनके तन्तु अनेक खण्डों में टूट जाते हैं और प्रत्येक खण्ड से नया पौधा बनता है।
🍄 (3) बीजाणु निर्माण (Spore Formation)
परिभाषा: जब किसी जीव में अत्यन्त सूक्ष्म रचनाएँ बीजाणु (Spores) बनती हैं जो उड़कर नम स्थानों पर अंकुरित होकर नये पौधे उत्पन्न करती हैं, तो इसे बीजाणु निर्माण कहते हैं।
उदाहरण:राइजोपस (फफूँद) — अचार या भीगी डबलरोटी पर सफेद फफूँद में धागे जैसी संरचनाएँ (कवक तन्तु) होती हैं। इनके ऊपरी सिरे फूल जाते हैं जिनमें बीजाणु बनते हैं। बीजाणु हवा द्वारा नम स्थानों पर पहुँचकर नई फफूँद उत्पन्न करते हैं।
कृत्रिम विधियाँ: आरोपण (Grafting), दाब कलम (Layering), कलम लगाना (Cutting) — ये सभी कृत्रिम वर्धी जनन की विधियाँ हैं।
📘 वर्धी जनन का महत्व: वर्धी जनन से उत्पन्न पौधे जनक पौधे के समान होते हैं और उनके गुणों को बनाये रखते हैं। अधिक पैदावार और उपयोगी गुण बनाये रखने के लिए किसान वर्धी जनन का उपयोग करते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📝 प्रश्न 7 — स्व-परागण तथा पर-परागण में अंतर
प्रश्न 7: स्व-परागण तथा पर-परागण में अंतर लिखिए।उत्तर:
आधार
🌼 स्व-परागण (Self-Pollination)
🌸 पर-परागण (Cross-Pollination)
परिभाषा
परागकण अपने ही पुष्प के वर्तिकाग्र पर या उसी पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं।
किसी पुष्प के परागकण उसी जाति के अन्य पौधे के पुष्प के वर्तिकाग्र पर पहुँचते हैं।
जनकों की संख्या
केवल एक पौधा भाग लेता है।
दो अलग-अलग पौधे भाग लेते हैं।
माध्यम
बाहरी माध्यम की आवश्यकता नहीं होती।
वायु, जल, कीट, मधुमक्खी आदि माध्यम आवश्यक होते हैं।
संतति के गुण
संतति जनक के समान होती है — नई विविधता नहीं आती।
संतति में नई विविधता आती है — जो कभी-कभी अधिक लाभदायक होती है।
उदाहरण
मटर, गेहूँ, धान।
सूरजमुखी, सेब, सरसों।
📌 महत्वपूर्ण: तितलियाँ और मधुमक्खियाँ मकरंद (Nectar) के लिए फूलों पर बैठती हैं और उनके पंखों व पैरों में परागकण चिपक जाते हैं। इस प्रकार ये पर-परागण में सहायक होती हैं।
📝 प्रश्न 8 — पुष्प का चित्र और जनन अंगों का नामांकन
प्रश्न 8: किसी पुष्प का चित्र खींचकर उनके जनन अंगों को नामांकित कीजिए।उत्तर:
🌸 पुष्प के जनन अंगों का विवरण
पुष्प के चार मुख्य भाग होते हैं — बाह्यदल, दल, पुंकेसर और स्त्रीकेसर। इनमें से पुंकेसर और स्त्रीकेसर जनन अंग हैं।
पुंकेसर (Stamen) — नर जनन अंग: यह पुष्प का नर भाग है। इसके दो भाग होते हैं — तन्तु (Filament) और ऊपर फूला हुआ परागकोश (Anther)। परागकोश में चूर्ण के समान परागकण भरे होते हैं।
स्त्रीकेसर (Pistil/Carpel) — मादा जनन अंग: यह पुष्प का मादा भाग है जो मध्य में स्थित होता है। इसके तीन भाग होते हैं — नीचे का फूला हुआ अण्डाशय (Ovary), उससे जुड़ी वर्तिका (Style) और ऊपर वर्तिकाग्र (Stigma)। अण्डाशय में बीजाण्ड होते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📝 प्रश्न 9 — अलैंगिक तथा लैंगिक जनन में अंतर
प्रश्न 9: अलैंगिक तथा लैंगिक जनन में अंतर लिखिए।उत्तर:
आधार
🌿 अलैंगिक जनन
🌸 लैंगिक जनन
जनकों की संख्या
केवल एक जनक (Single Parent) की आवश्यकता होती है।
दो जनकों (नर और मादा) की भागीदारी होती है।
युग्मकों की भूमिका
जनन अंगों और युग्मकों की कोई भूमिका नहीं।
नर और मादा युग्मकों का युग्मन (निषेचन) होता है।
बीज की आवश्यकता
बीज की आवश्यकता नहीं होती।
बीज के द्वारा ही नये पौधे उगते हैं।
संतति के गुण
संतान, जनक के बिल्कुल समान होती है।
संतान में माता-पिता दोनों के गुण आते हैं — भिन्नता सम्भव।
गति
तीव्र गति से होता है।
अपेक्षाकृत धीमी प्रक्रिया है।
विधियाँ
मुकुलन, खण्डन, बीजाणु निर्माण, वर्धी जनन।
परागण → निषेचन → बीज निर्माण।
उदाहरण
यीस्ट, स्पाइरोगाइरा, फफूँद, आलू, अदरक।
गुड़हल, सरसों, मटर, पपीता, मक्का।
📝 प्रश्न 10 — बीज के प्रकीर्णन की विभिन्न विधियाँ
प्रश्न 10: बीज के प्रकीर्णन की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।उत्तर:
प्रकृति में बीजों और फलों का एक स्थान से दूसरे स्थान तक फैलना प्रकीर्णन (Dispersal) कहलाता है। यह इसलिए आवश्यक है ताकि एक ही स्थान पर बहुत अधिक पौधे न उगें और उनके बीच भोजन, जल, खनिज लवण तथा प्रकाश के लिए संघर्ष न हो। बीज का प्रकीर्णन निम्नलिखित तीन विधियों से होता है:
💨 (1) वायु द्वारा प्रकीर्णन
विशेषता: ऐसे बीज या फल जो हल्के, पंखयुक्त या रोमयुक्त होते हैं, वायु द्वारा उड़कर दूर-दूर तक पहुँच जाते हैं।
उदाहरण:
मदार (आक) — रोमयुक्त बीज हवा में उड़ते हैं।
सूरजमुखी — रोमयुक्त फल।
मेपल और विल्वक — पंखयुक्त बीज।
घास — अत्यन्त हल्के बीज।
💧 (2) जल द्वारा प्रकीर्णन
विशेषता: ऐसे फल जिनका आवरण रेशेदार (तन्तुमय) होता है, वे जल में तैरकर दूर-दूर तक पहुँच जाते हैं।
उदाहरण:नारियल — इसका आवरण रेशेदार होता है जिससे यह जल में तैरता रहता है और समुद्र की लहरों के साथ दूर-दूर तक पहुँचता है। कमल के बीज भी जल द्वारा फैलते हैं।
🐾 (3) जन्तुओं द्वारा प्रकीर्णन
विशेषता: कुछ बीज जन्तुओं के शरीर से चिपककर या उनके पाचन तंत्र से होकर दूर-दूर तक पहुँचते हैं।
दो तरीके:
चिपककर: यूरेना और जैग्जियम जैसे काँटेदार बीज जानवरों के शरीर से चिपक जाते हैं और दूर जाकर गिरते हैं।
मल द्वारा: पीपल, बरगद जैसे वृक्षों के बीज पक्षी फल खाते हैं — बीज पचते नहीं और मल के साथ बाहर आकर उग जाते हैं। इसीलिए पीपल का पेड़ दीवारों पर उगता दिखता है।
💥 (4) स्वयं फटने द्वारा प्रकीर्णन (विशेष विधि)
उदाहरण:मटर, अरण्ड (Castor) जैसे पौधों के फल पकने पर झटके के साथ फट जाते हैं। इससे बीज जनक पौधे से दूर जाकर गिरते हैं।
📘 प्रकीर्णन का महत्व: यदि सभी बीज एक ही स्थान पर गिरकर उग जाएँगे तो नये पौधों के बीच स्थान, जल, खनिज लवण और प्रकाश के लिए भारी संघर्ष होगा और कोई भी पौधा स्वस्थ रूप से विकसित नहीं हो पाएगा। इसलिए प्रकीर्णन पौधों के स्वस्थ विकास के लिए आवश्यक है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
❓ FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: परागण और निषेचन में क्या अंतर है?
उत्तर: परागण में परागकण परागकोश से वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं जबकि निषेचन में नर और मादा युग्मक बीजाण्ड में आपस में मिलते हैं। परागण पहले होता है, निषेचन बाद में।
प्रश्न: अजूबा किस भाग से जनन करता है?
उत्तर: अजूबा (Bryophyllum) पत्ती द्वारा वर्धी जनन करता है। इसकी पत्तियों के किनारों पर कलिकाएँ होती हैं जो नये पौधे को जन्म देती हैं।
प्रश्न: द्विलिंगी और एकलिंगी पुष्प के उदाहरण क्या हैं?
उत्तर: द्विलिंगी पुष्प (दोनों अंग एक साथ): गुड़हल, सरसों, मटर, सेम। एकलिंगी पुष्प (एक ही अंग): पपीता, मक्का, ककड़ी, लौकी, खीरा।
प्रश्न: UP Board Class 7 Science Chapter 11 Solution कहाँ मिलेगा?
उत्तर: Basic Shiksha Solution वेबसाइट पर इस अध्याय का सम्पूर्ण समाधान उपलब्ध है।
🔎 निष्कर्ष
निष्कर्ष:
इस प्रकार UP Board Class 7 Science इकाई 11 — पौधों में जनन Solution में हमने अलैंगिक जनन की चारों विधियाँ (मुकुलन, खण्डन, बीजाणु निर्माण, वर्धी जनन), पुष्प की संरचना, परागण की प्रक्रिया, स्व-परागण व पर-परागण में अंतर, निषेचन की पूरी प्रक्रिया तथा बीज प्रकीर्णन की विधियों को विस्तार से समझा। यह इकाई परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UP BOARD CLASS 7 SCIENCE SOLUTION
📚 UP Board Class 7 Science – सभी अध्यायों के समाधान
यदि आप UP Board Class 7 Science Question Answer की पूरी तैयारी करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए सभी अध्यायों के समाधान पढ़ सकते हैं।
UP Basic Shiksha Enrollment Form UP Board Enrollment Form Tool 2026-27 शिक्षकों के लिए एक उपयोगी ऑनलाइन टूल है, जिससे वे छात्र नवीन नामांकन विवरण आसानी से भर सकते हैं और तुरंत print-ready PDF प्राप्त कर सकते हैं। 📌 Enrollment Form Tool क्या है? यह एक ऑनलाइन टूल है जिससे शिक्षक कक्षा 1 से 8 तक के छात्र नामांकन (Enrollment Data) को भरकर Auto Calculation के साथ तुरंत Print-ready PDF प्राप्त कर सकते हैं। 📑 Table of Contents Tool Features कैसे उपयोग करें लाभ FAQs ✨ Enrollment Tool की मुख्य विशेषताएं Auto Calculation (स्वतः गणना) Editable Print Preview Primary / Upper / Composite विकल्प Instant PDF Download Mobile Friendly Interface 🧑🏫 Enrollment Form कैसे भरें? विद्यालय का प्रकार चुनें विद्यालय विवरण भरें छात्र संख्या दर्ज करें नीचे Preview देखें Print / PDF Download करें ✅ इस टूल के फायदे समय की बचत गलतियों में कमी Manual कार्य से छुटकारा Instant Print सुविधा सभी डेटा एक जगह 📊 उ०प्र...
Primary (1-5) Master Time Table Tool - Updated यदि आप प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5) के लिए एक सुंदर, व्यवस्थित और प्रिंटेबल समय सारिणी बनाना चाहते हैं, तो यह Primary Master Time Table Generator Tool आपके लिए सबसे उपयोगी है। इसमें आप विद्यालय विवरण भरकर तुरंत Editable Preview देख सकते हैं और सीधे प्रिंट निकाल सकते हैं। 🔹 Featured Snippet: Primary Master Time Table Generator एक ऑनलाइन टूल है जिससे शिक्षक कक्षा 1 से 5 तक की समय सारिणी आसानी से बना सकते हैं। इसमें Editable Preview, Print Option और विषयवार शिक्षक भरने की सुविधा उपलब्ध है। 📚 Table of Contents मुख्य विशेषताएं कैसे उपयोग करें लाभ FAQ ✨ इस टूल की मुख्य विशेषताएं ✔ कक्षा 1 से 5 तक के लिए तैयार ✔ Editable Preview (सीधे बदल सकते हैं) ✔ प्रिंटेबल A4 Landscape Format ✔ ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन समय शामिल ✔ विषयवार शिक्षक नाम भरने की सुविधा ✔ सुंदर रंगीन डिजाइन 🛠️ इस टूल का उपयोग कैसे करें? विद्यालय का नाम, ब्लॉक, जनपद भरें प्रत्येक कक्षा के शिक्षक नाम भरें Genera...
UP Basic Shiksha General Enrollment Form 📊 उ०प्र० बेसिक शिक्षा 'कुल छात्र संख्या विवरण' (General Enrollment) यह टूल परिषदीय विद्यालयों के लिए सामान्य छात्र संख्या विवरण तैयार करने के लिए है। अपना विद्यालय प्रकार चुनें और छात्रों की जातिवार संख्या भरें। (नोट: 'दिव्यांग' छात्र कुल संख्या का ही हिस्सा हैं, इसलिए वे स्वतः कुल योग में नहीं जुड़ेंगे।) भरा हुआ डेटा नीचे 'Print Preview' में तैयार हो जाएगा。 UP Board General Enrollment Form Tool 2026-27 एक डिजिटल टूल है जिससे शिक्षक आसानी से विद्यालय की कुल छात्र संख्या विवरण (जातिवार) तैयार कर सकते हैं। इस टूल में SC, ST, OBC, GEN, MIN और CWSN (दिव्यांग) छात्रों की संख्या भरकर तुरंत Print Preview और PDF प्राप्त किया जा सकता है। 📌 Featured Snippet (Quick Answer) General Enrollment Form Tool एक ऑनलाइन सिस्टम है जिससे शिक्षक विद्यालय की छात्र संख्या (जातिवार व वर्गवार) भरकर तुरंत प्रिंट या PDF डाउनलोड कर सकते हैं। यह UP Board विद्यालयों के लिए अत्यंत उपयोगी है। 📚...
Master Time Table - Editable Tool (Final) 📌 Master Time Table Generator Tool क्या है? Master Time Table Generator Tool एक स्मार्ट ऑनलाइन टूल है जिसकी मदद से आप कक्षा 6, 7 और 8 के लिए विद्यालय की समय सारिणी (Time Table) आसानी से बना सकते हैं, उसे edit कर सकते हैं और सीधे PDF में डाउनलोड भी कर सकते हैं। ✔ Editable Time Table (सीधे बदलाव करें) ✔ Print Ready PDF Format ✔ Class-wise Teacher Assignment ✔ Mobile Friendly Tool 📚 Table of Contents Master Time Table Tool क्या है? मुख्य विशेषताएँ कैसे उपयोग करें? इस टूल के फायदे FAQs 📌 Master Time Table Tool क्या है? यह टूल शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए बनाया गया है जिससे वे विद्यालय की समय सारिणी (Time Table) को आसानी से तैयार कर सकें। इसमें आप शिक्षक का नाम भरकर तुरंत एक प्रोफेशनल टाइम टेबल बना सकते हैं। ✨ मुख्य विशेषताएँ 📊 Editable Preview System 🖨️ One Click Print PDF 🏫 School Details Add Option 📱 Mobile + Desktop Compatible 🎯 Class 6, 7, 8 Complete Setup 📌 कैसे उप...
✨ "हम सभी का है एक ही लक्ष्य, निपुण प्रदेश हो हमारा!" ✨ Welcome to the UP Basic Shiksha Parishad Admission Form 2026-27 Portal. This platform allows teachers and parents to easily fill out, generate, and download the standardized admission form for classes 1 to 8. You can print a completely blank PDF for manual entry or fill the data online to generate a neat, printed record. उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रवेश फॉर्म 2026-27 पोर्टल पर आपका स्वागत है। यह प्लेटफ़ॉर्म शिक्षकों और अभिभावकों को कक्षा 1 से 8 तक के लिए मानकीकृत प्रवेश फॉर्म को आसानी से भरने, जनरेट करने और डाउनलोड करने की सुविधा प्रदान करता है। आप मैन्युअल एंट्री के लिए पूरी तरह से खाली PDF प्रिंट कर सकते हैं या साफ-सुथरा प्रिंटेड रिकॉर्ड बनाने के लिए ऑनलाइन डेटा भर सकते हैं। ✔️ महत्वपूर्ण तथ्य (Fact): प्रवेश के समय बच्चे का आधार कार्ड और UDISE/PEN डेटा सिंक होना अनिवार्य है ताकि सही ट्रैकिंग हो सके। ❌ भ्रांति (Myth): बिना आधार कार्ड के...
जनगणना 2027: प्रगणक (Enumerator) के प्रमुख कर्तव्य 📋 मकानसूचीकरण और मकानों की गणना विशेष | ✍️ Basic Shiksha Solution नमस्कार शिक्षक साथियों! भारत की जनगणना 2027 का बिगुल बज चुका है। दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक, इस जनगणना के प्रथम चरण (मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना) को सफल बनाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी 'प्रगणक' (Enumerator) के कंधों पर होती है। यह मैन्युअल ही इस पूरे कार्यक्रम की "आत्मा" (Soul) है। फील्ड में जाने से पहले आपके मन में कई सवाल होंगे — "मुझे क्या करना है? कहाँ से शुरू करना है? ऐप कैसे काम करेगा?" आज की इस पोस्ट में हम आधिकारिक अनुदेश पुस्तिका के आधार पर प्रगणक के कर्तव्यों को बहुत ही सरल भाषा में समझेंगे। 📌 जनगणना 2027 में प्रगणक के मुख्य कर्तव्य क्या हैं? प्रगणक (Enumerator) का कार्य मकानों की गणना, डेटा संग्रह, मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी भरना, तथा सभी घरों का सही कवरेज सुनिश्चित करना होता है। इसमें Pre-HLO तैयारी, फील्ड कार्य और Post-HLO रिपोर्टिंग शामिल होती है। ...
यह Holiday List Generator विशेष रूप से उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत संचालित विद्यालयों के लिए बनाया गया है। Generated Holiday List A4 साइज में, साफ-सुथरे सरकारी फॉर्मेट में प्रिंट हो जाती है, जिसे स्कूल रिकॉर्ड में सीधे प्रयोग किया जा सकता है। इस टूल की मदद से आप विद्यालय का नाम, विकास खंड, जनपद, प्रधानाध्यापक व SDI का नाम भरकर तुरंत UP Primary / Upper Primary School Holiday List 2026 को प्रिंट-रेडी फॉर्मेट में तैयार कर सकते हैं। Holiday List Generator 2026 UP Basic Shiksha Holiday List 2026 Maker विद्यालय का नाम (School Name): विकास खंड (Block): जनपद (District): प्रधानाध्यापक का नाम: खंड शिक्षा अधिकारी का नाम: 📄 Generate & Print Holiday List 📄 शासनादेश की मूल प्रतियां (Official Order Copies) आध...
✨ मानव संपदा (eHRMS) ऑनलाइन अवकाश जेनरेटर ✨ eHRMS Casual Leave (आकस्मिक अवकाश) Application Maker: अध्यापकों को मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन अवकाश लेते समय प्रार्थना पत्र अपलोड करना होता है। इस टूल की मदद से आप अपनी जानकारी भरकर एक सेकंड में एकदम प्रोफेशनल और सुंदर PDF जेनरेट कर सकते हैं जिसे सीधा eHRMS पर अपलोड किया जा सकता है। eHRMS Leave Application Generator: यह एक स्मार्ट ऑनलाइन टूल है जिसकी मदद से शिक्षक मानव संपदा (eHRMS) पोर्टल के लिए अवकाश प्रार्थना पत्र कुछ ही सेकंड में तैयार कर सकते हैं। 📌 Quick Answer: eHRMS Leave Application Generator एक ऑनलाइन टूल है जिससे शिक्षक अपना Casual Leave (CL) या अन्य अवकाश आवेदन भरकर तुरंत PDF में डाउनलोड कर सकते हैं और मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं। 📑 Table of Contents eHRMS Leave Generator क्या है इस टूल का उपयोग कैसे करें मुख्य विशेषताएं शिक्षकों के लिए लाभ FAQ 📌 eHRMS Leave Application Generator क्या है? eHRMS Leave Application Generator एक ऑनलाइन टूल है जो उत्तर प्रदेश के शिक्षकों के लिए बनाया...
Class 6 Hindi Chapter 2 Solution पाठ 2: अपना स्थान स्वयं बनाइए || UP BOARD CLASS 6 HINDI SOLUTION || BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 6 HINDI SOLUTION कहानी का विस्तृत सारांश (Detailed Summary) 1. राजा की खोज और युवक का चयन एक बार एक राजा ने अपने मंत्री से कहा कि उसे अपने निजी कार्य के लिए एक ऐसे आदमी की जरूरत है जो ईमानदार और अच्छा हो। मंत्री ने काफी जाँच-पड़ताल के बाद एक युवक को चुना। मंत्री ने उस युवक की पुरानी नौकरी छुड़वा दी और उसे उन्नति का भरोसा दिलाकर राजा के सामने पेश किया। 2. चपरासी की नौकरी और समर्पण राजा पहले तो भूल गए, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि इस समय कोई बड़ा पद खाली नहीं है, केवल 'चपरासी' की नौकरी मिल सकती है। मंत्री को यह सुनकर बुरा लगा, लेकिन युवक ने बड़ी विनम्रता से कहा, "मेरे लिए सबसे बड़ा वेतन यह है कि मुझे अपने राजा की सेवा करने का मौका मिल रहा है।" वह खुशी-खुशी चपरासी बनने को तैयार हो गया। 3. दफ्तर ...
MDM Calculation Form 👉 पूरा फॉर्म देखने के लिए बाएँ–दाएँ स्लाइड करें एम.डी.एम. उपभोग प्रमाण पत्र (MDM Consumption Certificate) माह: जनवरी फरवरी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई अगस्त सितम्बर अक्टूबर नवम्बर दिसंबर वर्ष: 2025 2026 2027 विद्यालय: न्याय पंचायत: वि० ख०: जनपद: प्र०अ० का नाम: मो० न०: यू डायस: कुल कार्य दिवस: कुल पंजीकृत छात्र: दिनांक 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 ...
Comments
Post a Comment