UP Board Class 7 Science Chapter 1 Question Answer | मानव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी
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पाठ 1: मानव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी
UP Board Class 7 Science Chapter 1 “मानव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी” में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के महत्व, उनके आपसी सम्बन्ध तथा मानव जीवन पर उनके प्रभाव के बारे में बताया गया है। इस अध्याय में विज्ञान के लाभ, हानियाँ, हरित क्रान्ति, इन्टरनेट, राष्ट्रीय सुरक्षा में प्रौद्योगिकी का योगदान आदि विषयों को सरल रूप में समझाया गया है।
यहाँ Class 7 Science Chapter 1 Question Answer सरल भाषा में दिए गए हैं जिससे विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी आसानी से कर सकें।
विज्ञान ने हमारे जीवन को बहुत प्रभावित किया है। विज्ञान के नियमों एवं सिद्धान्तों के अनुप्रयोग से मानव हित में संसाधनों का निर्माण ही प्रौद्योगिकी है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास से यातायात, चिकित्सा, जनसंचार, मनोरंजन, कृषि तथा उद्योग सभी क्षेत्रों में क्रान्तिकारी परिवर्तन आए हैं। इस पाठ में हम इन्हीं परिवर्तनों, उनके लाभ-हानि और विभिन्न क्रान्तियों के बारे में विस्तार से पढ़ेंगे।
विज्ञान के नियमों और सिद्धान्तों के अनुप्रयोग से मानव हित में संसाधनों का निर्माण प्रौद्योगिकी कहलाता है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी एक-दूसरे के पूरक हैं और इनके विकास से चिकित्सा, यातायात, संचार, कृषि और उद्योग में क्रान्तिकारी परिवर्तन हुए हैं।
इस अध्याय में क्या पढ़ेंगे?
- बहुविकल्पीय प्रश्न
- रिक्त स्थान पूर्ति
- स्तम्भ मिलान
- लघु उत्तरीय प्रश्न
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
- हरित क्रान्ति और प्रौद्योगिकी
(ख) मोबाइल, कम्प्यूटर और वीडियोगेम मनोरंजन के साधन हैं।
(ग) ढेकुली, रहट सिंचाई के पारम्परिक साधन हैं।
(घ) कृषि उपज में आशातीत वृद्धि को हरितक्रान्ति कहते हैं।
(ङ) विज्ञान के नियमों एवं सिद्धान्तों का अनुप्रयोग प्रौद्योगिकी कहलाता है।
| स्तम्भ (क) | सही मिलान — स्तम्भ (ख) |
|---|---|
| क. ई-मेल | ✅ (स) कम्प्यूटर आधारित संचार की युक्ति |
| ख. कृत्रिम उपग्रह | ✅ (द) दूर संचार व्यवस्था |
| ग. मनोरंजन के साधन बढ़ने से | ✅ (य) वन प्रदूषण |
| घ. पृथ्वी, अग्नि और शूल | ✅ (अ) मिसाइल |
| ङ. एल.पी.जी. | ✅ (ब) खाना पकाने का गैस |
प्रौद्योगिकी (Technology) का अर्थ है — विज्ञान के नियमों एवं सिद्धान्तों के अनुप्रयोग से मानव हित में संसाधनों का निर्माण। दूसरे शब्दों में, जब विज्ञान के सिद्धान्तों को व्यावहारिक रूप देकर मनुष्य की जीवनशैली को सरल, आसान और उन्नत बनाने के लिए उपकरण, मशीनें और तकनीकें विकसित की जाती हैं, तो उसे प्रौद्योगिकी कहते हैं।
बैलगाड़ी का उदाहरण लीजिए। वस्तु को घसीटने की तुलना में लुढ़काकर ले जाना सरल होता है — यह विज्ञान का सिद्धान्त है। इस सिद्धान्त का अनुप्रयोग करके बैलगाड़ी में पहिया लगाया गया जिससे घर्षण बल कम हुआ और भारी बोझ को बैलों द्वारा खींचना सरल हो गया। यही प्रौद्योगिकी है। इसी प्रकार ट्रैक्टर, कम्प्यूटर, मोबाइल, वायुयान — सभी प्रौद्योगिकी के उदाहरण हैं।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों का आपसी सम्बन्ध बहुत गहरा है। इनके सम्बन्ध को निम्न प्रकार समझा जा सकता है —
- 1विज्ञान से प्रौद्योगिकी का विकास: विज्ञान के नियमों और सिद्धान्तों का दैनिक जीवन में उपयोग करके ही नई प्रौद्योगिकी विकसित होती है। जितना अधिक विज्ञान का विकास होता है, उतनी ही उत्तम प्रौद्योगिकी विकसित होती है। जैसे — भाप के इंजन के वैज्ञानिक सिद्धान्त से रेल और बड़े जहाज बने।
- 2प्रौद्योगिकी से विज्ञान का विकास: प्रौद्योगिकी विज्ञान को नए प्रयोग करने के अवसर देती है। दूरबीन, सूक्ष्मदर्शी, दूरसंचार उपग्रह जैसी तकनीकों के आने से वैज्ञानिकों ने ब्रह्माण्ड और प्रकृति के नए रहस्य खोजे। इस प्रकार प्रौद्योगिकी ने विज्ञान का भी विकास किया।
- 3परस्पर आश्रितता: विज्ञान और प्रौद्योगिकी दोनों एक-दूसरे पर आश्रित हैं। विज्ञान के बिना प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी के बिना विज्ञान का विकास सम्भव नहीं है।
आधुनिक कृषि उपकरणों, उन्नतशील बीजों, उर्वरकों और पर्याप्त सिंचाई के साधनों द्वारा कृषि उपज में आशातीत वृद्धि को हरितक्रान्ति (Green Revolution) कहते हैं।
पहले: खेत जोतने के लिए हल-बैल एवं सिंचाई के लिए ढेकुली और रहट जैसे पारम्परिक साधनों का उपयोग होता था। पर्याप्त उपजाऊ भूमि उपलब्ध होने पर भी खाद्यान्न का उत्पादन अपेक्षाकृत कम था।
अब: ट्रैक्टर, थ्रेसर, हार्वेस्टर, ट्यूबवेल, उन्नत बीज, यूरिया, सुपर फॉस्फेट जैसे रासायनिक उर्वरकों के उपयोग से कृषि उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। अब भारत खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो गया है और विदेशों को भी खाद्यान्न निर्यात करता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के बल पर बहुत तेजी से उन्नति की है। इससे एक नई क्रान्ति आ गई है।
- 1मिसाइल निर्माण: पृथ्वी, अग्नि, शूल जैसी मिसाइलों का निर्माण हमारे देश में हो चुका है। इनका सफल प्रक्षेपण भी हुआ है। मिसाइल का उपयोग दूसरे देश द्वारा आक्रमण होने पर उनके युद्ध अस्त्रों को नष्ट करने में होता है — इससे हमारे देश की प्रभावी ढंग से सुरक्षा होती है।
- 2लड़ाकू विमान और जलपोत: लड़ाकू विमान, युद्धपोत, पनडुब्बी, वायुयान भेदी तोप और टैंक आदि के निर्माण में हम आत्मनिर्भर हैं।
- 3कृत्रिम उपग्रह और दूर संवेदन: भारत ने कृत्रिम उपग्रहों को विकसित करके पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने की प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण सफलता पाई है। इससे न केवल दूर संचार व्यवस्था में विकास हुआ है, बल्कि सुदूर संसूचन (Remote Sensing) में भी भारत विश्व में अग्रणी हो गया है।
- 4परमाणु ऊर्जा: परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने अनेक कीर्तिमान स्थापित किए हैं। परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से विद्युत उत्पादन के अलावा चिकित्सा और कृषि में भी इसका उपयोग किया जा रहा है।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी से मनुष्य को केवल लाभ ही नहीं मिला है, वरन् इससे अनेक प्रकार की हानियाँ भी हुई हैं। प्रमुख हानियाँ निम्नलिखित हैं —
- 1जल प्रदूषण: बड़े-बड़े उद्योगों की संख्या बहुत बढ़ गई है। इनसे निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ बिना उपचार किए ही नदियों में बहा दिए जाते हैं जिससे नदियों का जल प्रदूषित हो रहा है।
- 2भू-प्रदूषण: औद्योगिक अपशिष्ट भूमि में विसर्जित किए जाने से भू-प्रदूषण हो रहा है।
- 3मृदा प्रदूषण: कृषि उपज बढ़ाने के लिए उर्वरकों और कीटनाशक दवाओं के अत्यधिक उपयोग से मृदा प्रदूषण की समस्या उत्पन्न हो रही है और भूमि की उर्वरा शक्ति कम हो रही है।
- 4वायु और ध्वनि प्रदूषण: मनोरंजन के साधन बढ़ने से वन प्रदूषण (ध्वनि प्रदूषण) हो रहा है। वाहनों और कारखानों से वायु प्रदूषण हो रहा है।
- 5बेरोजगारी: स्वचालित मशीनों के उपयोग से कारखानों में मजदूरों की आवश्यकता कम पड़ती है जिससे बेरोजगारी की संख्या में वृद्धि हुई है।
- 6वन विनाश और जीव संकट: जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है, फलस्वरूप वन नष्ट हो रहे हैं और अनेक जातियों के जन्तु — जैसे बाघ — की संख्या में कमी हो रही है तथा उनका अस्तित्व खतरे में पड़ गया है।
इन्टरनेट (Internet) कम्प्यूटर की नवीनतम प्रणाली है। विश्व के हजारों छोटे-छोटे कम्प्यूटर नेटवर्क को टेलीफोन लाइन से जोड़ दिया जाता है — इस प्रकार आपस में जुड़े विशाल कम्प्यूटर नेटवर्क को इन्टरनेट कहते हैं।
- ➤कमरे में बैठे-बैठे विश्व के विभिन्न देशों और किसी भी विषय से सम्बन्धित सूचनाएँ एवं आँकड़े पलभर में प्राप्त कर सकते हैं।
- ➤इनका संग्रह भी कर सकते हैं।
- ➤कई नवीन पुस्तकें भी पढ़ सकते हैं।
- ➤ई-मेल (Electronic Mail) द्वारा कृत्रिम उपग्रह के माध्यम से अन्य देशों के कम्प्यूटरों को सूचना, संदेश आदि का आदान-प्रदान अत्यन्त सस्ते में किया जा सकता है।
- ➤रेल आरक्षण, आँकड़ों का रख-रखाव, गणना, टाइपिंग — अनेक कार्य किए जा सकते हैं।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के विकास के कारण परिवहन के अनेक साधन विकसित हुए हैं। इन्हें मुख्यतः तीन श्रेणियों में बाँटा जा सकता है — स्थलीय परिवहन, जलीय परिवहन और वायु परिवहन। परिवहन के चार प्रमुख साधन निम्नलिखित हैं —
| साधन | विवरण |
|---|---|
| 1. रेलगाड़ी (Train) | भाप के इंजन के आविष्कार से रेल का निर्माण हुआ। यह स्थलीय परिवहन का एक प्रमुख साधन है जो लम्बी दूरी तय करता है। |
| 2. वायुयान (Aeroplane) | पेट्रोल की उपलब्धता से हल्के एवं शक्तिशाली इंजन बने और वायुयान विकसित हुआ। सुपर सोनिक जेट और हेलीकॉप्टर लम्बी दूरी कम समय में तय करते हैं। |
| 3. मोटरकार / बस (Car/Bus) | सड़क मार्ग पर चलने वाले ये वाहन पेट्रोल/डीजल से चलते हैं और दैनिक जीवन में सबसे अधिक उपयोगी हैं। |
| 4. जलपोत (Ship) | समुद्री मार्ग से माल एवं सवारी ढोने के लिए बड़े-बड़े जहाजों का उपयोग होता है। यह अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार का महत्वपूर्ण साधन है। |
| क्षेत्र | पहले (पारम्परिक) | अब (आधुनिक) |
|---|---|---|
| यातायात | बैलगाड़ी, ताँगा, घुड़सवारी | मोटरकार, बस, ट्रेन, वायुयान, जलपोत |
| चिकित्सा | घरेलू उपचार | एस-रे, अल्ट्रासाउण्ड, स्कैनर, इन्डोस्कोप |
| जनसंचार | पत्र, टेलीग्राम, कबूतर | फैक्स, ई-मेल, मोबाइल, इन्टरनेट |
| मनोरंजन | शतरंज, ढोलक, चौपाल | मोबाइल, कम्प्यूटर, वीडियोगेम, TV |
| कृषि | हल-बैल, ढेकुली, रहट | ट्रैक्टर, थ्रेसर, ट्यूबवेल, उन्नत बीज |
| ईंधन | लकड़ी, उपले, कोयला | पेट्रोल, डीजल, एल.पी.जी., सोलर कुकर |
📚 पाठ की मुख्य बातें — एक नज़र में
FAQs – Class 7 Science Chapter 1
प्रश्न: प्रौद्योगिकी क्या है?
उत्तर: विज्ञान के नियमों एवं सिद्धान्तों के अनुप्रयोग से मानव हित में संसाधनों का निर्माण प्रौद्योगिकी कहलाता है।
प्रश्न: हरित क्रान्ति क्या है?
उत्तर: आधुनिक कृषि उपकरणों, उन्नत बीजों, उर्वरकों और सिंचाई के साधनों से कृषि उत्पादन में अत्यधिक वृद्धि को हरित क्रान्ति कहते हैं।
प्रश्न: इन्टरनेट क्या है?
उत्तर: टेलीफोन लाइन से जुड़े अनेक कम्प्यूटर नेटवर्क के समूह को इन्टरनेट कहते हैं।
प्रश्न: विज्ञान और प्रौद्योगिकी में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर: विज्ञान सिद्धान्त देता है और प्रौद्योगिकी उन सिद्धान्तों का व्यावहारिक उपयोग करती है।
Class 7 Science के अन्य अध्याय
📚 UP Board Class 7 Science – सभी अध्यायों के समाधान
यदि आप UP Board Class 7 Science Question Answer की पूरी तैयारी करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए सभी अध्यायों के समाधान पढ़ सकते हैं।
| अध्याय | अध्याय का नाम |
|---|---|
| 1 | मानव, विज्ञान और प्रौद्योगिकी |
| 2 | रेशों से वस्त्र तक |
| 3 | पदार्थ की संरचना एवं प्रकृति |
| 4 | भौतिक और रासायनिक परिवर्तन |
| 5 | ऊष्मा एवं ताप |
| 6 | पौधों में पोषण |
| 7 | जन्तुओं में पोषण |
| 8 | जीवों में श्वसन (Coming Soon) |
| 9 | जन्तुओं एवं पौधों में परिवहन (Coming Soon) |
| 10 | जीवों में उत्सर्जन (Coming Soon) |
| 11 | पौधों में जनन |
| 12 | लाभदायक एवं हानिकारक पौधे तथा जन्तु |
| 13 | भोजन, स्वास्थ्य एवं रोग |
📌 Note: सभी अध्यायों के विस्तृत प्रश्न-उत्तर और नोट्स इस वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाते हैं ताकि छात्र परीक्षा की तैयारी आसानी से कर सकें।
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