पाठ 7: जन्तुओं में जनन
|| UP Board Class 8 Science — Complete Solution ||
UP Board Class 8 Science Chapter 7 – जन्तुओं में जनन Solution
इस पोस्ट में UP Board Class 8 Science Chapter 7 जन्तुओं में जनन के सभी प्रश्नों के उत्तर विस्तार से दिए गए हैं।
यहाँ आपको MCQ, सत्य-असत्य, स्तम्भ मिलान, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न, आन्तरिक एवं बाह्य निषेचन,
अण्डयुज और जरायुज जन्तुओं का सम्पूर्ण समाधान सरल एवं परीक्षा उपयोगी भाषा में मिलेगा।
नर युग्मक (शुक्राणु)
+
मादा युग्मक (अण्डाणु)
→
निषेचन
→
युग्मनज
→
भ्रूण
→
नवजात शिशु
Quick Answer – जन्तुओं में जनन (Class 8 Science)
जनन वह जैविक प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने जैसे नए जीव उत्पन्न करते हैं।
जन्तुओं में जनन दो प्रकार का होता है —
(1) अलैंगिक जनन और (2) लैंगिक जनन।
लैंगिक जनन में शुक्राणु और अण्डाणु के संलयन से निषेचन होता है।
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Basic Shiksha Solution ● बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) जन्तुओं में निरन्तरता के लिए आवश्यकता है —
(अ) पाचन
(ब) श्वसन
(स) प्रजनन
(द) उत्सर्जन
✅ उत्तर: (स) प्रजनन
💡 व्याख्या: पाचन, श्वसन और उत्सर्जन ये क्रियाएँ एक जीव के जीवित रहने के लिए आवश्यक हैं, परन्तु ये प्रजाति की निरन्तरता नहीं बनाए रखतीं। प्रजनन (Reproduction) ही वह एकमात्र क्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने जैसे नए जीव उत्पन्न करता है और इस तरह अपनी जाति का अस्तित्व बनाए रखता है। यदि प्रजनन बंद हो जाए तो कुछ पीढ़ियों में वह प्रजाति पृथ्वी से विलुप्त हो जाएगी।
(ख) बाह्य निषेचन होता है —
(अ) मेढ़क
(ब) गाय
(स) मनुष्य
(द) बकरी
✅ उत्तर: (अ) मेढ़क
💡 व्याख्या: बाह्य निषेचन (External Fertilization) वह प्रक्रिया है जिसमें शुक्राणु और अण्डाणु जन्तु के शरीर के बाहर — जल में — मिलते हैं। मेढ़क, मछली और अधिकतर अकशेरुकी जन्तुओं में बाह्य निषेचन होता है। मादा मेढ़क जल में अण्डे देती है और नर उन पर शुक्राणु छोड़ता है — निषेचन जल में होता है। गाय, मनुष्य, बकरी — सभी में आन्तरिक निषेचन होता है जो मादा के शरीर के अन्दर होता है।
📌 स्मरण सूत्र: बाह्य निषेचन = मेढ़क, मछली, अधिकतर अकशेरुकी (जल में रहने वाले)। आन्तरिक निषेचन = मनुष्य, गाय, बकरी, कुत्ता, बिल्ली (स्तनधारी)।
(ग) लैंगिक प्रजनन में भाग लेते हैं —
(अ) दो नर जन्तु
(ब) एक नर एवं एक मादा जन्तु
(स) दो मादा जन्तु
(द) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (ब) एक नर एवं एक मादा जन्तु
💡 व्याख्या: लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) के लिए नर तथा मादा — दोनों जनन अंगों का होना अनिवार्य है। नर जनन अंग (वृषण) में शुक्राणु (नर युग्मक) बनते हैं और मादा जनन अंग (अण्डाशय) में अण्डाणु (मादा युग्मक) बनते हैं। इन दोनों युग्मकों के संलयन (Fertilization) से ही नया जीव बनता है। इसीलिए लैंगिक प्रजनन में दो जनकों — एक नर और एक मादा — की आवश्यकता होती है।
(घ) आन्तरिक निषेचन होता है —
(अ) नर शरीर के बाहर
(ब) मादा शरीर के बाहर
(स) नर शरीर के अन्दर
(द) मादा शरीर के अन्दर
✅ उत्तर: (द) मादा शरीर के अन्दर
💡 व्याख्या: आन्तरिक निषेचन (Internal Fertilization) में शुक्राणु और अण्डाणु का संलयन मादा के शरीर के अन्दर होता है। मनुष्य में यह प्रक्रिया अण्डवाहिनी (Fallopian Tube) में होती है। निषेचित अण्डाणु (युग्मनज) फिर गर्भाशय में रोपित हो जाता है और वहीं भ्रूण का विकास होता है। नर शरीर में निषेचन कभी नहीं होता।
(ङ) मादा जननांग है —
(अ) वृषण
(ब) गर्भाशय
(स) शिश्न
(द) शुक्रवाहिनी
✅ उत्तर: (ब) गर्भाशय
💡 व्याख्या: गर्भाशय (Uterus) स्त्रियों का मादा जनन अंग है जिसमें निषेचित अण्डाणु (युग्मनज) रोपित होता है और भ्रूण का पूर्ण विकास होता है। स्त्रियों के मादा जनन अंगों में — अण्डाशय (अण्डाणु बनाना), अण्डवाहिनी (अण्डाणु को गर्भाशय तक ले जाना), और गर्भाशय (भ्रूण का विकास) — ये तीन प्रमुख हैं। वृषण, शिश्न और शुक्रवाहिनी — ये सब नर जनन अंग हैं।
📌 नर जनन अंग: वृषण, शुक्रवाहिनी, शिश्न। मादा जनन अंग: अण्डाशय, अण्डवाहिनी, गर्भाशय।
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Basic Shiksha Solution ● सत्य / असत्य
(क) अमीबा मुकुलन द्वारा प्रजनन करता है।
❌ उत्तर: असत्य (✗)
💡 व्याख्या: अमीबा मुकुलन से नहीं बल्कि द्विखण्डन (Binary Fission) द्वारा प्रजनन करता है। द्विखण्डन में अमीबा का केन्द्रक पहले दो भागों में बँटता है और फिर सम्पूर्ण शरीर भी दो बराबर भागों में विभाजित हो जाता है — इस प्रकार एक जनक अमीबा दो नई सन्तति उत्पन्न करता है। मुकुलन हाइड्रा में होता है जहाँ शरीर पर उभार (मुकुल) निकलकर नया जीव बनता है।
📌 सुधार: अमीबा → द्विखण्डन | हाइड्रा → मुकुलन। दोनों अलग-अलग विधियाँ हैं।
(ख) मेढ़क में बाह्य निषेचन होता है।
✅ उत्तर: सत्य (√)
💡 व्याख्या: मेढ़क में बाह्य निषेचन होता है। मादा मेढ़क जल में अण्डे देती है और नर मेढ़क उन अण्डों पर शुक्राणु छोड़ता है — निषेचन जल में, शरीर के बाहर होता है। निषेचित अण्डे धीरे-धीरे टैडपोल लार्वा और फिर वयस्क मेढ़क में विकसित होते हैं।
(ग) अलैंगिक प्रजनन की क्रिया में निषेचन होता है।
❌ उत्तर: असत्य (✗)
💡 व्याख्या: अलैंगिक प्रजनन में निषेचन बिल्कुल नहीं होता। निषेचन लैंगिक जनन की प्रक्रिया है जिसमें नर और मादा युग्मकों का संलयन होता है। अलैंगिक जनन में केवल एक ही जनक भाग लेता है, कोई जनन अंग नहीं होता और इसीलिए न शुक्राणु बनते हैं, न अण्डाणु — इसलिए निषेचन का कोई प्रश्न ही नहीं।
📌 सुधार: सही कथन — "अलैंगिक प्रजनन में निषेचन नहीं होता।" निषेचन केवल लैंगिक जनन में होता है।
(घ) शुक्राणु नर युग्मक है।
✅ उत्तर: सत्य (√)
💡 व्याख्या: शुक्राणु (Sperm) नर जनन अंग वृषण (Testis) में बनने वाला नर युग्मक (Male Gamete) है। यह एककोशिक, अत्यंत सूक्ष्म संरचना होती है और लाखों की संख्या में एक साथ बाहर निकलते हैं। शुक्राणु गतिशील होते हैं और अण्डाणु की ओर तैरकर जाते हैं। इसके विपरीत अण्डाणु मादा युग्मक होता है।
(ङ) अण्डाशय से शुक्राणु निकलते हैं।
❌ उत्तर: असत्य (✗)
💡 व्याख्या: अण्डाशय (Ovary) मादा जनन अंग है जिससे अण्डाणु (Ovum/Egg) निकलते हैं — शुक्राणु नहीं। शुक्राणु नर जनन अंग वृषण (Testis) में बनते हैं और शुक्रवाहिनी के माध्यम से शिश्न द्वारा बाहर निकलते हैं।
📌 सुधार: अण्डाशय से → अण्डाणु निकलते हैं | वृषण से → शुक्राणु निकलते हैं।
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Basic Shiksha Solution ● स्तम्भ मिलान
| स्तम्भ क | सही मिलान — स्तम्भ ख |
| क. मेढ़क | ✅ (स) बाह्य निषेचन |
| ख. केंचुआ | ✅ (द) द्विलिंगी |
| ग. शुक्राणु | ✅ (अ) नर युग्मक |
| घ. मनुष्य | ✅ (ब) जरायुज |
| ङ. अण्डाणु | ✅ (र) मादा युग्मक |
| च. भ्रूण | ✅ (य) गर्भाशय |
💡 मिलान की व्याख्या: मेढ़क → बाह्य निषेचन (जल में)। केंचुआ → द्विलिंगी (नर और मादा दोनों अंग एक ही जन्तु में)। शुक्राणु → नर युग्मक (वृषण में बनता है)। मनुष्य → जरायुज (सीधे शिशु को जन्म देता है)। अण्डाणु → मादा युग्मक (अण्डाशय में बनता है)। भ्रूण → गर्भाशय (भ्रूण का विकास गर्भाशय में होता है)।
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Basic Shiksha Solution ● लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
उत्तर:
द्विलिंगी जन्तु — परिभाषा
जिन जन्तुओं में नर और मादा दोनों जनन अंग एक ही जन्तु में पाये जाते हैं, उन्हें द्विलिंगी (Hermaphrodite / Bisexual) जन्तु कहते हैं। ऐसे जन्तु एक साथ शुक्राणु और अण्डाणु — दोनों बना सकते हैं।
द्विलिंगी = एक ही जन्तु में नर + मादा दोनों जनन अंग
प्रमुख उदाहरण
- 1
केंचुआ (Earthworm) — केंचुए में नर और मादा दोनों जनन अंग होते हैं। परन्तु ये स्वयं अपने अण्डाणुओं को निषेचित नहीं करते — दो केंचुए मिलकर एक-दूसरे के शुक्राणुओं का आदान-प्रदान (Cross Fertilization) करते हैं।
- 2
जोंक (Leech) — जोंक भी द्विलिंगी जन्तु है जिसमें दोनों प्रकार के जनन अंग पाये जाते हैं।
- 3
फीताकृमि (Tapeworm) — यह परजीवी कृमि भी द्विलिंगी होता है।
📘 एकलिंगी बनाम द्विलिंगी: मनुष्य, गाय, मछली, मेढ़क — ये एकलिंगी (Unisexual) जन्तु हैं जिनमें नर और मादा अलग-अलग होते हैं। केंचुआ, जोंक — ये द्विलिंगी जन्तु हैं।
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उत्तर:
प्रजनन — परिभाषा और महत्व
प्रजनन (Reproduction) सजीवों का वह मूलभूत और अनिवार्य लक्षण है जिसके द्वारा प्रत्येक जीव अपने जैसे नए जीवों की उत्पत्ति करता है। यह एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है जो प्रजाति की निरन्तरता और अस्तित्व बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
प्रजनन = जीव द्वारा अपने जैसे नए जीव की उत्पत्ति करने की क्रिया
प्रजनन का महत्व
- ➤
प्रजनन से प्रजाति का अस्तित्व बना रहता है — बिना जनन के कुछ ही पीढ़ियों में प्रजाति विलुप्त हो जाएगी।
- ➤
लैंगिक जनन में माता-पिता दोनों के लक्षण शिशु में आते हैं — इससे विविधता और अनुकूलन बढ़ता है।
- ➤
अलैंगिक जनन में तीव्र गति से नए जीव उत्पन्न होते हैं — यह एककोशिक जीवों में विशेष रूप से उपयोगी है।
💡 जन्तुओं में जनन की दो मुख्य विधियाँ: (1) अलैंगिक जनन — बिना जनन अंगों के, जैसे मुकुलन (हाइड्रा) और द्विखण्डन (अमीबा)। (2) लैंगिक जनन — नर और मादा युग्मकों के संलयन से, जैसे मनुष्य, मेढ़क, मछली आदि।
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उत्तर:
| अन्तर का आधार |
🔵 लैंगिक प्रजनन |
🟢 अलैंगिक प्रजनन |
| जनकों की संख्या |
दो जनक — नर और मादा |
केवल एक जनक |
| जनन अंग |
नर व मादा जनन अंग आवश्यक |
जनन अंगों की आवश्यकता नहीं |
| निषेचन |
निषेचन होता है |
निषेचन नहीं होता |
| युग्मक |
शुक्राणु + अण्डाणु बनते हैं |
कोई युग्मक नहीं बनता |
| सन्तान के गुण |
माता और पिता दोनों के लक्षण |
जनक के समान ही लक्षण |
| गति |
अपेक्षाकृत धीमा |
बहुत तीव्र |
| उदाहरण |
मनुष्य, मेढ़क, मछली, मुर्गी |
हाइड्रा (मुकुलन), अमीबा (द्विखण्डन) |
💡 सरल याद रखने का तरीका: लैंगिक = लिंग (नर + मादा) → दो जनक → युग्मक → निषेचन → नई सन्तान जिसमें दोनों के गुण होते हैं। अलैंगिक = अकेले → कोई युग्मक नहीं → जनक जैसी सन्तान।
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उत्तर:
आन्तरिक निषेचन — परिभाषा
जब शुक्राणु और अण्डाणु का संलयन मादा के शरीर के अन्दर होता है, उसे आन्तरिक निषेचन (Internal Fertilization) कहते हैं। इस प्रकार के निषेचन में नर अपने शुक्राणु को मादा के शरीर के अन्दर पहुँचाता है, जहाँ वे अण्डाणु से मिलकर युग्मनज (Zygote) बनाते हैं।
शुक्राणु (मादा शरीर में प्रवेश) + अण्डाणु → युग्मनज → गर्भाशय में रोपण → भ्रूण → शिशु
उदाहरण
मनुष्य, गाय, भैंस, बकरी, बिल्ली, कुत्ता — इन सभी स्तनधारी जन्तुओं में आन्तरिक निषेचन होता है। मनुष्य में यह निषेचन अण्डवाहिनी (Fallopian Tube) में होता है।
📌 आन्तरिक बनाम बाह्य निषेचन: आन्तरिक निषेचन → मादा शरीर के अन्दर (मनुष्य, गाय)। बाह्य निषेचन → शरीर के बाहर, जल में (मेढ़क, मछली)।
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उत्तर:
अण्डयुज (Oviparous) — परिभाषा
जो जन्तु अण्डे देते हैं और उन अण्डों से शिशु बाद में विकसित होते हैं, उन्हें अण्डयुज (Oviparous Animals) कहते हैं। इन जन्तुओं में भ्रूण का विकास माँ के शरीर के बाहर, अण्डे के अन्दर होता है।
अण्डयुज = अण्डे देने वाले जन्तु → अण्डे के अन्दर भ्रूण का विकास → शिशु
प्रमुख उदाहरण
- 1
मुर्गी — मुर्गी अण्डे देती है। अण्डे सेने के बाद 21 दिनों में चूजा बाहर निकलता है।
- 2
कबूतर — कबूतर भी अण्डे देता है और उन्हें सेकर पक्षी बनाता है।
- 3
साँप — अधिकतर साँप अण्डे देते हैं जिनसे बाद में बच्चे निकलते हैं।
- 4
मछली — मछली जल में असंख्य अण्डे देती है।
- 5
मेढ़क — मेढ़क जल में अण्डे देता है जिनसे टैडपोल लार्वा और फिर मेढ़क बनते हैं।
📘 अण्डयुज की विशेषता: अण्डे एक सुरक्षात्मक कवच (Shell) से ढके होते हैं जो भ्रूण की रक्षा करता है और उसे पोषण देता है। भ्रूण अण्डे के अन्दर की जर्दी (Yolk) से पोषण पाता है।
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उत्तर:
बाह्य निषेचन — परिभाषा
जब शुक्राणु और अण्डाणु का संलयन जन्तु के शरीर के बाहर — सामान्यतः जल में — होता है, उसे बाह्य निषेचन (External Fertilization) कहते हैं। इस प्रकार के निषेचन में मादा अण्डाणु जल में छोड़ती है और नर उन पर शुक्राणु छोड़ता है।
मादा → अण्डाणु (जल में) + नर → शुक्राणु (जल में) → जल में निषेचन → भ्रूण
प्रमुख उदाहरण
-
1
मेढ़क — मेढ़क में बाह्य निषेचन का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है। मादा मेढ़क जल में अण्डे देती है और नर मेढ़क तुरन्त उन अण्डों पर शुक्राणु छोड़ता है। निषेचन जल में होता है और निषेचित अण्डों से पहले टैडपोल (लार्वा) बनता है, फिर वयस्क मेढ़क।
-
2
मछली — मछली भी जल में अण्डे देती है और नर मछली उन पर शुक्राणु छोड़ता है — निषेचन जल में होता है।
📌 बाह्य निषेचन की कमजोरी: चूँकि निषेचन शरीर के बाहर जल में होता है, इसलिए अधिकतर अण्डे नष्ट हो जाते हैं — इसीलिए मेढ़क और मछली एक बार में बहुत अधिक संख्या में अण्डे देते हैं ताकि कुछ तो जीवित रह सकें।
उत्तर:
मादा के गर्भाशय (Uterus) में भ्रूण का रोपण होता है।
विस्तृत व्याख्या — निषेचन से शिशु जन्म तक की क्रमबद्ध प्रक्रिया
अण्डाशय → अण्डाणु
→
अण्डवाहिनी में निषेचन
→
युग्मनज बनता है
→
गर्भाशय में रोपण
→
भ्रूण का विकास
→
शिशु जन्म
पहले अण्डाशय में अण्डाणु बनता है। फिर यह अण्डवाहिनी (Fallopian Tube) में आता है जहाँ शुक्राणु से इसका निषेचन होता है। निषेचित अण्डाणु जिसे युग्मनज (Zygote) कहते हैं, गति करते हुए गर्भाशय में आकर उसकी दीवार में रोपित (Implant) हो जाता है। यहाँ युग्मनज की कोशिकाएँ विभाजित होने लगती हैं और भ्रूण में बदल जाती हैं। भ्रूण में धीरे-धीरे सिर, पैर, नाक, आँखें जैसे सभी अंग विकसित होते हैं। इस अवस्था को गर्भ कहते हैं। गर्भ का विकास पूरा हो जाने पर माँ शिशु को जन्म देती है।
📌 महत्वपूर्ण: नवजात शिशु में माता और पिता दोनों के लक्षण पाये जाते हैं क्योंकि उसका जन्म नर और मादा दोनों युग्मकों के संलयन से होता है।
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Basic Shiksha Solution ● विशेष — जरायुज एवं अण्डयुज
| अन्तर का आधार |
🤱 जरायुज (Viviparous) |
🥚 अण्डयुज (Oviparous) |
| परिभाषा |
सीधे शिशु को जन्म देने वाले जन्तु |
अण्डे देने वाले जन्तु |
| भ्रूण का विकास |
माँ के गर्भाशय के अन्दर |
अण्डे के अन्दर, माँ के शरीर के बाहर |
| पोषण |
माँ से सीधे (नाल / Placenta द्वारा) |
अण्डे की जर्दी (Yolk) से |
| सुरक्षा |
माँ के शरीर में सुरक्षित |
अण्डे के कवच से सुरक्षित |
| उदाहरण |
मनुष्य, गाय, बकरी, कुत्ता, चमगादड़, व्हेल |
मुर्गी, कबूतर, साँप, मछली, मेढ़क |
💡 स्मरण सूत्र: जरायुज — "जर" यानी गर्भ — गर्भ में पलने वाले = सीधे शिशु को जन्म देते हैं। अण्डयुज — "अण्ड" = अण्डे — अण्डे देने वाले जन्तु।
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FAQs – जन्तुओं में जनन Class 8 Science
प्रश्न 1: जनन क्या है?
उत्तर: जनन वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा जीव अपने जैसे नए जीव उत्पन्न करते हैं और अपनी प्रजाति का अस्तित्व बनाए रखते हैं।
प्रश्न 2: अलैंगिक और लैंगिक जनन में क्या अंतर है?
उत्तर: अलैंगिक जनन में एक जनक भाग लेता है और निषेचन नहीं होता, जबकि लैंगिक जनन में नर और मादा युग्मकों के संलयन से निषेचन होता है।
प्रश्न 3: बाह्य निषेचन किसे कहते हैं?
उत्तर: जब शुक्राणु और अण्डाणु का संलयन शरीर के बाहर जल में होता है, उसे बाह्य निषेचन कहते हैं।
प्रश्न 4: आन्तरिक निषेचन कहाँ होता है?
उत्तर: आन्तरिक निषेचन मादा के शरीर के अन्दर होता है, जैसे मनुष्य और गाय में।
प्रश्न 5: अण्डयुज और जरायुज में अंतर क्या है?
उत्तर: अण्डयुज जन्तु अण्डे देते हैं, जबकि जरायुज जन्तु सीधे शिशु को जन्म देते हैं।
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