BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
पाठ 3: परमाणु की संरचना
|| UP Board Class 8 Science — Complete Solution ||
📖 पाठ का संक्षिप्त परिचय:
इस पाठ में हम पदार्थ की सबसे छोटी और मूलभूत इकाई — परमाणु (Atom) — के बारे में विस्तार से समझेंगे। परमाणु क्या है, इसकी खोज कैसे हुई, इसमें कौन-कौन से मूल कण होते हैं, और विभिन्न वैज्ञानिकों ने परमाणु को समझाने के लिए कौन से मॉडल प्रस्तुत किए — इन सभी रोचक प्रश्नों के उत्तर इस पाठ में मिलेंगे। साथ ही हम परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक, आयन और संयोजकता भी सीखेंगे।UP Board Class 8 Science Chapter 3 “परमाणु की संरचना” में पदार्थ की सबसे छोटी इकाई — परमाणु (Atom) — का विस्तृत अध्ययन किया गया है। इस अध्याय में परमाणु के मूल कण (इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन), परमाणु संख्या, द्रव्यमान संख्या, समस्थानिक, आयन, संयोजकता तथा विभिन्न परमाणु मॉडल (थॉमसन, रदरफोर्ड, नील्स बोर) को सरल भाषा में समझाया गया है। इस पोस्ट में पाठ 3 के सभी प्रश्नों के उत्तर क्रमबद्ध और परीक्षा उपयोगी रूप में दिए गए हैं।
📌 Quick Answer — UP Board Class 8 Science Chapter 3 परमाणु की संरचना
परमाणु पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है। इसमें तीन मूल कण होते हैं — इलेक्ट्रॉन (ऋण आवेश), प्रोटॉन (धन आवेश) और न्यूट्रॉन (उदासीन)। परमाणु संख्या = प्रोटॉनों की संख्या तथा द्रव्यमान संख्या = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
Basic Shiksha Solution ● बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) न्यूट्रॉन की खोज की है —
(अ) कणाद
(ब) डॉल्टन
(स) जेम्स चैडविक
(द) रदरफोर्ड
✅ उत्तर: (स) जेम्स चैडविक
💡 व्याख्या: सन् 1932 में जेम्स चैडविक ने न्यूट्रॉन की खोज की। न्यूट्रॉन एक विद्युत उदासीन मूल कण है — इस पर न धन आवेश होता है, न ऋण आवेश। इसका द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के लगभग बराबर होता है। न्यूट्रॉन परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन के साथ उपस्थित रहता है।
📌 सभी खोजकर्ता याद रखें: इलेक्ट्रॉन — जे.जे. थॉमसन | प्रोटॉन — गोल्डस्टीन (और रदरफोर्ड ने नाम दिया) | न्यूट्रॉन — जेम्स चैडविक।
(ख) किसी तत्व के वे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान होती है परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, कहलाती हैं —
(अ) प्रोटॉनों की संख्या
(ब) द्रव्यमान संख्या
(स) समस्थानिक
(द) परमाणु क्रमांक
✅ उत्तर: (स) समस्थानिक
💡 व्याख्या: समस्थानिक (Isotopes) वे परमाणु होते हैं जिनमें प्रोटॉनों की संख्या (परमाणु संख्या) समान होती है परंतु न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होने के कारण उनकी द्रव्यमान संख्या अलग-अलग होती है। उदाहरण — हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक: प्रोटियम (H¹), ड्यूटेरियम (H²) और ट्रिटियम (H³)।
(ग) जल में ऑक्सीजन की संयोजकता होती है —
(अ) 1
(ब) 4
(स) 3
(द) 2
✅ उत्तर: (द) 2
💡 व्याख्या: जल का सूत्र H₂O है। इसमें ऑक्सीजन का एक परमाणु हाइड्रोजन के 2 परमाणुओं से संयोग करता है। चूँकि संयोजकता यह बताती है कि एक परमाणु हाइड्रोजन के कितने परमाणुओं से जुड़ता है, इसलिए H₂O में ऑक्सीजन की संयोजकता 2 होती है।
📌 आसान Trick: H₂O → ऑक्सीजन से 2 H जुड़े → संयोजकता = 2 | HCl → Cl से 1 H जुड़ा → Cl की संयोजकता = 1।
(घ) न्यूट्रॉन पर आवेश होता है —
(अ) धन आवेश
(ब) ऋण आवेश
(स) कोई आवेश नहीं
(द) कभी धन आवेश कभी ऋण आवेश
✅ उत्तर: (स) कोई आवेश नहीं
💡 व्याख्या: न्यूट्रॉन एक विद्युत उदासीन कण है — इस पर कोई आवेश नहीं होता। इसीलिए इसे "न्यूट्रल (Neutral)" कण भी कहते हैं। तुलना के लिए — इलेक्ट्रॉन पर ऋण (-) आवेश और प्रोटॉन पर धन (+) आवेश होता है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
(क) परमाणु अविभाज्य कण होता है।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: डॉल्टन ने परमाणु को अविभाज्य माना था, परंतु बाद में यह धारणा गलत सिद्ध हुई। आधुनिक विज्ञान ने सिद्ध किया कि परमाणु को विभाजित किया जा सकता है — इसमें इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसे मूल कण होते हैं। अतः परमाणु अविभाज्य नहीं है।
📌 सुधार: सही कथन होगा — "परमाणु में इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन जैसे मूल कण होते हैं, इसलिए यह विभाज्य है।"
(ख) किसी परमाणु के नाभिक में उसका द्रव्यमान होता है।
✅ उत्तर: सही (✓)
💡 व्याख्या: परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन उपस्थित होते हैं जिनका द्रव्यमान इलेक्ट्रॉन की तुलना में बहुत अधिक होता है। इसलिए परमाणु का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान उसके नाभिक में केंद्रित रहता है। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान नगण्य होता है।
(ग) परमाणु से इलेक्ट्रॉन के निकलने से ऋण आवेशित आयन प्राप्त होता है।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: यह कथन बिल्कुल विपरीत है। जब परमाणु से इलेक्ट्रॉन निकलता है तो ऋणावेश कम हो जाता है और धनावेश (प्रोटॉन) की अधिकता हो जाती है — इससे धन आवेशित (धनायन) बनता है। ऋण आवेशित आयन (ऋणायन) तब बनता है जब परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करता है।
📌 सरल नियम: इलेक्ट्रॉन निकले → धन आयन (+) | इलेक्ट्रॉन जुड़े → ऋण आयन (-)
(घ) जल में ऑक्सीजन की संयोजकता 3 होती है।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: जल का सूत्र H₂O है। इसमें ऑक्सीजन, हाइड्रोजन के केवल 2 परमाणुओं से संयोग करती है — इसलिए ऑक्सीजन की संयोजकता 2 है, न कि 3।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
(क) दो या दो से अधिक परमाणु आपस में मिलकर अणु बनाते हैं।
💡 व्याख्या: जब दो या दो से अधिक परमाणु रासायनिक बंध बनाकर आपस में जुड़ते हैं तो अणु (Molecule) बनता है। यदि समान परमाणु जुड़ें तो तत्व का अणु बनता है (जैसे O₂, H₂) और यदि असमान परमाणु जुड़ें तो यौगिक का अणु बनता है (जैसे H₂O, HCl)।
(ख) प्रोटॉन की खोज गोल्डस्टीन ने की थी।
💡 व्याख्या: गोल्डस्टीन ने सन् 1886 में प्रोटॉन की खोज की और बाद में रदरफोर्ड ने इसे "प्रोटॉन" नाम दिया। प्रोटॉन पर इकाई धन आवेश (+1) होता है और इसका द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के लगभग बराबर होता है।
(ग) न्यूट्रॉन का द्रव्यमान, हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के लगभग बराबर होता है।
💡 व्याख्या: न्यूट्रॉन और प्रोटॉन — दोनों का द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान के लगभग बराबर होता है। इसी कारण नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की संख्या का योग ही परमाणु की द्रव्यमान संख्या निर्धारित करता है।
(घ) नील्स बोर के अनुसार परमाणु का समस्त द्रव्यमान उसके नाभिक में उपस्थित होता है।
💡 व्याख्या: नील्स बोर के परमाणु मॉडल के अनुसार परमाणु का समस्त द्रव्यमान और धन आवेश उसके केंद्र में स्थित नाभिक में होता है और इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित (स्थिर) कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं। प्रत्येक कक्षा में एक निश्चित संख्या तक ही इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
| स्तम्भ (क) | सही मिलान (स्तम्भ ख) |
| क. चैडविक | ✅ (स) न्यूट्रॉन |
| ख. इलेक्ट्रॉन | ✅ (अ) ऋण आवेशित कण |
| ग. कार्बन | ✅ (ब) तत्व |
💡 स्मरण बिंदु: चैडविक ने न्यूट्रॉन खोजा। इलेक्ट्रॉन पर ऋण आवेश (-1) होता है। कार्बन (C) एक तत्व है जिसकी परमाणु संख्या 6 है — इसके नाभिक में 6 प्रोटॉन और 6 न्यूट्रॉन होते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न 5: किसी परमाणु में पाए जाने वाले कणों के नाम लिखिए।
उत्तर:
किसी परमाणु में तीन प्रमुख मूल कण पाए जाते हैं — इलेक्ट्रॉन (Electron), प्रोटॉन (Proton) और न्यूट्रॉन (Neutron)।
परमाणु की संरचना
परमाणु = इलेक्ट्रॉन + प्रोटॉन + न्यूट्रॉन
नाभिक में → प्रोटॉन + न्यूट्रॉन | नाभिक के बाहर → इलेक्ट्रॉन
💡 विशेष: प्रोटॉन और न्यूट्रॉन परमाणु के नाभिक (Nucleus) में रहते हैं, जबकि इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं में चक्कर लगाते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न 6: इलेक्ट्रॉन पर किस प्रकार का आवेश होता है?
उत्तर:
इलेक्ट्रॉन पर ऋण आवेश (Negative Charge) होता है। इस पर इकाई ऋणावेश (-1) होता है। इलेक्ट्रॉन की खोज सर जे.जे. थॉमसन ने कैथोड किरणों के अध्ययन से की थी। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान हाइड्रोजन परमाणु के द्रव्यमान का लगभग 1/1837 भाग होता है — अर्थात यह अत्यंत हल्का कण है।
📌 तीनों कणों के आवेश: इलेक्ट्रॉन = ऋण (-1) | प्रोटॉन = धन (+1) | न्यूट्रॉन = उदासीन (0)।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न 7: हाइड्रोजन के तीन समस्थानिकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
प्रकृति में पाए जाने वाले हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक हैं — प्रोटियम (H¹), ड्यूटेरियम (H²) और ट्रिटियम (H³)।
प्रोटियम (H¹)
1 प्रोटॉन, 0 न्यूट्रॉन
ड्यूटेरियम (H²)
1 प्रोटॉन, 1 न्यूट्रॉन
ट्रिटियम (H³)
1 प्रोटॉन, 2 न्यूट्रॉन
💡 मुख्य बात: तीनों में प्रोटॉन की संख्या 1 है (इसलिए परमाणु संख्या समान = 1), परंतु न्यूट्रॉनों की संख्या भिन्न होने से द्रव्यमान संख्या अलग-अलग है। इसीलिए ये समस्थानिक हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न 8: निम्नलिखित की परिभाषा लिखिए
उत्तर:
(क) परमाणु संख्या (Atomic Number)
किसी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या उस तत्व की परमाणु संख्या अथवा परमाणु क्रमांक कहलाती है। इसे Z से प्रदर्शित करते हैं। चूँकि परमाणु विद्युत उदासीन होता है, इसलिए इलेक्ट्रॉनों की संख्या भी प्रोटॉनों की संख्या के बराबर होती है।
परमाणु संख्या (Z) = प्रोटॉनों की संख्या = इलेक्ट्रॉनों की संख्या
(ख) द्रव्यमान संख्या (Mass Number)
किसी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों तथा न्यूट्रॉनों की संख्या का योग उस परमाणु की द्रव्यमान संख्या कहलाता है। इसे A से प्रदर्शित करते हैं।
द्रव्यमान संख्या (A) = प्रोटॉन (p) + न्यूट्रॉन (n)
💡 उदाहरण: कार्बन (C) में 6 प्रोटॉन + 6 न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या 12 होती है।
(ग) संयोजकता (Valency)
किसी भी तत्व की संयोजकता वह संख्या है जो यह दर्शाती है कि उस तत्व का एक परमाणु हाइड्रोजन के कितने परमाणुओं से संयोग करता है अथवा उन्हें विस्थापित करता है। हाइड्रोजन की संयोजकता 1 मानकर अन्य तत्वों की संयोजकता ज्ञात की जाती है।
💡 उदाहरण: H₂O में O की संयोजकता = 2 | HCl में Cl की संयोजकता = 1 | NH₃ में N की संयोजकता = 3।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
Basic Shiksha Solution ● विस्तृत उत्तर
प्रश्न 9: जे.जे. थॉमसन के परमाणु मॉडल की विफलता के क्या कारण थे? रदरफोर्ड का नाभिकीय मॉडल क्या है?
उत्तर:
जे.जे. थॉमसन का परमाणु मॉडल और उसकी विफलता
जे.जे. थॉमसन के अनुसार परमाणु एक धनावेशित ठोस गोला है जिसमें ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन इस प्रकार धँसे हुए हैं जैसे तरबूज में बीज होते हैं। इस मॉडल की विफलता का एकमात्र कारण यह था कि किसी भी प्रयोग द्वारा इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। रदरफोर्ड के अल्फा-प्रकीर्णन प्रयोग ने यह सिद्ध कर दिया कि परमाणु एक ठोस गोला नहीं है — इसका अधिकांश भाग खोखला है और धन आवेश केंद्र में एकत्रित है।
रदरफोर्ड का नाभिकीय मॉडल
रदरफोर्ड ने सोने की पतली पन्नी पर अल्फा (α) कणों से बमबारी करके अपना प्रयोग किया और निम्नलिखित निष्कर्ष निकाले —
- 1
परमाणु का संपूर्ण धन आवेश (प्रोटॉन) केंद्र में स्थित एक अत्यंत सूक्ष्म एवं सघन भाग में उपस्थित होता है जिसे नाभिक (Nucleus) कहते हैं।
- 2
परमाणु का अधिकांश भाग खोखला है — इसीलिए अधिकांश α-कण बिना विचलित हुए सीधे निकल गए।
- 3
ऋणावेशित इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते रहते हैं ठीक वैसे जैसे ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं।
- 4
जो α-कण नाभिक के पास से गुजरे वे विचलित हो गए और जो सीधे नाभिक से टकराए वे वापस लौट गए।
📘 रदरफोर्ड मॉडल की कमी: इस मॉडल में एक दोष था — नाभिक के चारों ओर चक्कर लगाने वाले इलेक्ट्रॉनों की ऊर्जा लगातार कम होती जाती और अंत में वे नाभिक में गिर जाते। परंतु व्यवहार में ऐसा नहीं होता। इस कमी को बाद में नील्स बोर ने अपने मॉडल से दूर किया।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न 10: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन एवं न्यूट्रॉन के गुणों की तुलना कीजिए।
उत्तर:
परमाणु के तीनों मूल कणों — इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन — के गुणों की तुलना निम्नलिखित तालिका में दी गई है —
| गुण / विशेषता |
इलेक्ट्रॉन |
प्रोटॉन |
न्यूट्रॉन |
| खोजकर्ता |
जे.जे. थॉमसन |
गोल्डस्टीन / रदरफोर्ड |
जेम्स चैडविक |
| आवेश |
ऋण (-1) |
धन (+1) |
उदासीन (0) |
| द्रव्यमान |
H का 1/1837 भाग |
H के बराबर |
H के बराबर |
| स्थान |
नाभिक के बाहर (कक्षाओं में) |
नाभिक में |
नाभिक में |
| प्रतीक |
e⁻ |
p⁺ |
n⁰ |
💡 महत्वपूर्ण बात: परमाणु में प्रोटॉनों और इलेक्ट्रॉनों की संख्या बराबर होती है — इसीलिए परमाणु विद्युत उदासीन होता है। नाभिक में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन मिलकर परमाणु का लगभग संपूर्ण द्रव्यमान बनाते हैं।
📌 याद रखने योग्य: इलेक्ट्रॉन परमाणु का सबसे हल्का कण है। प्रोटॉन और न्यूट्रॉन लगभग बराबर भार के हैं। नाभिक में केवल प्रोटॉन और न्यूट्रॉन रहते हैं — इलेक्ट्रॉन नहीं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न: परमाणु किसे कहते हैं?
उत्तर: पदार्थ की सबसे छोटी इकाई जो स्वतंत्र रूप से अस्तित्व में रह सकती है, परमाणु कहलाती है।
प्रश्न: परमाणु संख्या क्या होती है?
उत्तर: किसी तत्व के परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या को परमाणु संख्या (Z) कहते हैं।
प्रश्न: द्रव्यमान संख्या कैसे ज्ञात करते हैं?
उत्तर: प्रोटॉन और न्यूट्रॉन की संख्या को जोड़कर द्रव्यमान संख्या (A) प्राप्त की जाती है।
प्रश्न: समस्थानिक क्या होते हैं?
उत्तर: जिन परमाणुओं की परमाणु संख्या समान लेकिन द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है, वे समस्थानिक कहलाते हैं।
प्रश्न: UP Board Class 8 Science Chapter 3 Solution कहाँ मिलेगा?
उत्तर: Basic Shiksha Solution पर इस अध्याय का सम्पूर्ण समाधान उपलब्ध है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
📚 UP Board Class 8 Science – सभी अध्यायों के समाधान
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
सुझाव, सहयोग, लेटेस्ट अपडेट्स के लिए हमसे जुड़ें
~ Basic Shiksha Solution ~
Comments
Post a Comment