पाठ 1: विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति
|| UP Board Class 8 Science — Complete Solution ||
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
📖 अध्याय परिचय — Class 8 Science Chapter 1
विज्ञान अपने हर नये अनुसंधान के साथ हमारे दैनिक जीवन को सरल बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इस पाठ में हम विज्ञान और तकनीकी के विभिन्न क्षेत्रों — जैसे संचार, शिक्षा (ICT), अंतरिक्ष, रक्षा, चिकित्सा, विनिर्माण, ऊर्जा और ई-गवर्नेंस — में हुए नवीनतम परिवर्तनों का विस्तृत अध्ययन करेंगे। इस पोस्ट में आपको पाठ 1 के सभी प्रश्नों के क्रमबद्ध, सरल एवं परीक्षा उपयोगी उत्तर मिलेंगे।
📌 Quick Answer — Class 8 Science Chapter 1
विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति से तात्पर्य संचार, अंतरिक्ष अनुसंधान (ISRO), रक्षा तकनीक (DRDO), ई-गवर्नेंस, ICT शिक्षा, ई-कॉमर्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में हुए आधुनिक विकास से है, जिन्होंने मानव जीवन को सरल, तेज़ और सुविधाजनक बना दिया है।
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Basic Shiksha Solution ● बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) आधुनिक संचार का माध्यम है —
(i) इण्टरनेट
(ii) पत्र
(iii) कबूतर
(iv) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (i) इण्टरनेट
💡 व्याख्या: इंटरनेट आज के युग का सबसे तेज़, सस्ता और व्यापक संचार माध्यम है। इसके द्वारा ई-मेल, वीडियो कॉल और सोशल मीडिया — सब कुछ पल भर में संभव है। पत्र और कबूतर बहुत पुराने माध्यम थे जो धीमे और सीमित थे।
📌 याद रखें: कम्प्यूटर के आविष्कार के बाद संचार क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। भारतीय डाक विभाग ने वर्ष 2001 में ई-पोस्ट सेवा भी प्रारम्भ की थी।
(ख) भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक हैं —
(i) डॉ. हार्वर्ड माइकल
(ii) आर्यभट्ट
(iii) डॉ. विक्रम साराभाई
(iv) इनमें से कोई नहीं
✅ उत्तर: (iii) डॉ. विक्रम साराभाई
💡 व्याख्या: डॉ. विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का संस्थापक और जनक माना जाता है। उनकी अध्यक्षता में 1962 में INCOSPAR और 1969 में ISRO की स्थापना हुई।
📌 अतिरिक्त जानकारी: अंतरिक्ष में पहुँचने वाले प्रथम व्यक्ति — यूरी गागरिन | अंतरिक्ष में जाने वाले प्रथम भारतीय — राकेश शर्मा | प्रथम भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री — कल्पना चावला।
(ग) सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का आरम्भ हुआ है —
(i) वर्ष 2003 में
(ii) वर्ष 2004 में
(iii) वर्ष 2005 में
(iv) वर्ष 2006 में
✅ उत्तर: (ii) वर्ष 2004 में
💡 व्याख्या: शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए भारत सरकार द्वारा ICT योजना का आरम्भ दिसम्बर 2004 में किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी तैयार करना था।
📌 याद रखें: ICT के अंतर्गत ही स्मार्ट स्कूलों और ई-किताबों के प्रयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। EDUSAT — भारत का पहला शिक्षा-उपग्रह — भी इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
(घ) ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत हैं —
(i) पेट्रोल
(ii) डीजल
(iii) एल.पी.जी.
(iv) सौर ऊर्जा
✅ उत्तर: (iv) सौर ऊर्जा
💡 व्याख्या: नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत वे होते हैं जिनकी पुनः पूर्ति होती रहती है और जो कभी समाप्त नहीं होते — जैसे सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा। पेट्रोल, डीजल और LPG अनवीकरणीय स्रोत हैं — ये एक दिन पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
📌 विशेष नोट: जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन का उद्देश्य सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करना है। सौर ऊर्जा सबसे कम प्रदूषणकारी नवीकरणीय स्रोत है।
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Basic Shiksha Solution ● रिक्त स्थान पूर्ति
(क) व्यापार का अर्थ है ......... और ......... ।
✅ उत्तर: क्रय और विक्रय
💡 व्याख्या: व्यापार का अर्थ है वस्तुओं का लेन-देन — किसी को खरीदना (क्रय) और किसी को बेचना (विक्रय)। आधुनिक युग में मुद्रा के स्थान पर क्रेडिट कार्ड और अब ई-कॉमर्स का प्रयोग व्यापार में होने लगा है।
(ख) ......... , ......... और ......... परिवहन के नवीन साधन हैं।
✅ उत्तर: मेट्रो रेल, मोनोरेल और बुलेट ट्रेन
💡 व्याख्या: ये तीनों आधुनिक परिवहन प्रणालियाँ तेज़, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल हैं। बुलेट ट्रेन की गति 300 km/h से भी अधिक हो सकती है। भारत में मेट्रो रेल अनेक महानगरों में सफलतापूर्वक चल रही है।
(ग) स्नैपडील, फ्लिपकार्ट आदि ......... कम्पनियाँ हैं।
✅ उत्तर: ई-कॉमर्स
💡 व्याख्या: ई-कॉमर्स कम्पनियाँ इंटरनेट के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय करती हैं। फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, अमेज़न आदि इसके प्रमुख उदाहरण हैं जो घर बैठे खरीदारी का अवसर देती हैं।
(घ) आई.सी.टी. योजना का आरम्भ ......... में हुआ।
✅ उत्तर: दिसम्बर 2004
💡 व्याख्या: ICT योजना का उद्देश्य विद्यालयों में कम्प्यूटर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना और छात्रों की डिजिटल कौशल क्षमता को विकसित करना था। यह छात्रों के सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक अवरोधों को पार करने का सेतु है।
(ङ) 3-जी और 4-जी ......... के साधन हैं।
✅ उत्तर: संचार
💡 व्याख्या: 3G (थर्ड जेनरेशन) और 4G (फोर्थ जेनरेशन) मोबाइल नेटवर्क तकनीकें हैं। इनके द्वारा ब्रॉडबैंड, वायरलेस इंटरनेट, डेटा, वीडियो, TV — सब कुछ मोबाइल पर आसानी से उपलब्ध है। बिना किसी बाधा के वीडियो क्लिपिंग और मनोरंजन का आदान-प्रदान अब सम्भव हो गया है।
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Basic Shiksha Solution ● सही जोड़े बनाइए
| स्तम्भ (क) | सही मिलान (स्तम्भ ख) |
| क. विडियो कांफ्रेंसिंग | ✅ (द) संचार का साधन |
| ख. आई.सी.टी. (ICT) | ✅ (स) शिक्षा के स्तर में सुधार |
| ग. आई.आर.एस. (IRS) | ✅ (य) भारतीय सुदूर संवेदन उपग्रह |
| घ. रक्षा एवं प्रतिरक्षा | ✅ (अ) डी.आर.डी.ओ. (DRDO) |
| ङ. भूरी क्रान्ति | ✅ (ब) उर्वरक के क्षेत्र में |
💡 स्मरण बिंदु: IRS (Indian Remote Sensing) उपग्रह प्राकृतिक संसाधनों के सर्वेक्षण के लिए उपयोग होता है। DRDO रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन है जो मिसाइल, टैंक और रक्षा प्रणालियाँ बनाता है। भूरी क्रांति उर्वरक एवं कृषि रसायन उत्पादन से सम्बन्धित है।
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Basic Shiksha Solution ● एक शब्द / वाक्य में उत्तर
(क) राष्ट्रीय अनुसंधान समिति का गठन कब हुआ?
✅ उत्तर: वर्ष 1962 में
💡 व्याख्या: INCOSPAR (Indian National Committee for Space Research) का गठन डॉ. विक्रम साराभाई की अध्यक्षता में वर्ष 1962 में हुआ था। इसी से आगे चलकर 1969 में ISRO की स्थापना हुई।
(ख) प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत किसका प्रक्षेपण किया गया?
✅ उत्तर: बैलिस्टिक प्रक्षेपास्त्र, आकाश मिसाइल और ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल
💡 व्याख्या: DRDO द्वारा प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पृथ्वी (सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल), आकाश मिसाइल और ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल विकसित किए गए। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को भारत में "मिसाइल मैन" के रूप में जाना जाता है।
(ग) बीसवीं सदी के सर्वाधिक सफल ऊर्जा के स्रोत क्या थे?
✅ उत्तर: जीवाश्म ईंधन — कोयला और पेट्रोलियम
💡 व्याख्या: बीसवीं शताब्दी में कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस सर्वाधिक उपयोग किए जाने वाले ऊर्जा स्रोत रहे। परंतु ये अनवीकरणीय हैं — अर्थात् इनके भंडार सीमित हैं और ये एक दिन समाप्त हो जाएंगे।
(घ) व्यापार एवं वाणिज्य की नवीनतम तकनीक कौन सी है?
✅ उत्तर: ई-व्यवसाय / ई-कॉमर्स (e-Commerce)
💡 व्याख्या: ई-कॉमर्स इंटरनेट के माध्यम से व्यापार संचालन की नवीनतम पद्धति है। इसमें खरीदना, बेचना और ग्राहक सेवाएँ — सभी ऑनलाइन होती हैं। फ्लिपकार्ट, अमेज़न, स्नैपडील इसके सफल उदाहरण हैं।
(ङ) एन.ई.जी.पी. (NEGP) की शुरुआत कब हुई थी?
✅ उत्तर: 18 मई 2006 को
💡 व्याख्या: राष्ट्रीय ई-शासन योजना (National e-Governance Plan) के तहत 18 मई 2006 को सम्पूर्ण भारत में साझा सेवा केन्द्र (CSC) स्थापित किए गए। ये केन्द्र आम आदमी को सीधे सरकारी सुविधाएँ उनके घर तक पहुँचाते हैं।
(च) भू-तापीय ऊर्जा किस प्रकार की ऊर्जा है?
✅ उत्तर: नवीकरणीय (अक्षय) ऊर्जा
💡 व्याख्या: भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy) पृथ्वी के आंतरिक भाग की ऊष्मा से प्राप्त होती है। यह नवीकरणीय ऊर्जा का स्रोत है क्योंकि पृथ्वी की आंतरिक ऊष्मा अनंत काल तक उपलब्ध रहेगी और कभी समाप्त नहीं होगी।
(छ) इसरो (ISRO) का गठन कब हुआ था?
✅ उत्तर: नवम्बर 1969 में
💡 व्याख्या: Indian Space Research Organisation (ISRO) की स्थापना नवम्बर 1969 में हुई। यह भारत की प्रमुख अंतरिक्ष अनुसंधान संस्था है जिसने मंगलयान, चंद्रयान-1 जैसे ऐतिहासिक अभियान सफलतापूर्वक पूरे किए हैं।
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Basic Shiksha Solution ● विस्तृत उत्तर
प्रश्न 5: विनिर्माण से आप क्या समझते हैं? सविस्तार समझाइए।
उत्तर:
कच्चे माल को मूल्यवान उत्पाद में परिवर्तित कर अधिक मात्रा में वस्तुओं के उत्पादन को विनिर्माण (Manufacturing) कहते हैं। सरल भाषा में — जब कोई कच्ची सामग्री लेकर उससे उपयोगी तैयार माल बनाया जाता है, तो उस पूरी प्रक्रिया को विनिर्माण कहते हैं।
विनिर्माण का सविस्तार वर्णन:
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क्षेत्र और गतिविधियाँ: विनिर्माण के अंतर्गत हस्तकला से लेकर उच्च तकनीक तक अनेक मानवीय गतिविधियाँ आती हैं। इसका उपयोग मुख्यतः औद्योगिक उत्पादन के अर्थ में होता है जिसमें कच्चा माल बड़े पैमाने पर तैयार माल में बदला जाता है।
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रोजगार सृजन: विनिर्माण क्षेत्र रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में काफी सफल रहा है। जब उद्योग लगते हैं तो लाखों लोगों को काम मिलता है और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
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अर्थव्यवस्था का आधार: विनिर्माण क्षेत्र किसी भी अर्थव्यवस्था की सम्पन्नता का जनक होता है। यह हमारे प्राकृतिक और कृषि संसाधनों के मूल्य संवर्धन के लिए भी महत्वपूर्ण है।
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राष्ट्रीय विनिर्माण नीति: इस नीति में राष्ट्रीय विनिर्माण एवं निवेश क्षेत्रों की स्थापना, व्यापार के नियमों को सरल बनाना, औद्योगिक प्रशिक्षण और कौशल उन्नयन के उपाय शामिल हैं।
💡 व्यावहारिक उदाहरण: गन्ने से चीनी बनाना, कपास से कपड़ा बनाना, लोहे से मशीनें बनाना — ये सभी विनिर्माण के जीवंत उदाहरण हैं। एक छोटे से कच्चे माल से उपयोगी वस्तु बनाना ही विनिर्माण की शक्ति है।
📌 याद रखें: विनिर्माण से तैयार माल उपभोक्ताओं द्वारा उपयोग किया जाता है और यह संपोषणीय विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 6: शिक्षा के क्षेत्र में आई.सी.टी. (ICT) की क्या भूमिका है?
उत्तर:
ICT (Information and Communication Technology) यानी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई क्रांति का सूत्रपात किया है। इसका आरम्भ दिसम्बर 2004 में हुआ।
शिक्षा में ICT की प्रमुख भूमिकाएँ:
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1
कौशल क्षमता का विकास: ICT के अंतर्गत छात्रों को अपनी ICT कौशल क्षमता बढ़ाने और कम्प्यूटर सहायक शिक्षण प्रक्रिया के माध्यम से सीखने के बेहतरीन अवसर प्राप्त हुए। यह उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।
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2
डिजिटल विभाजन को पाटना: यह योजना छात्रों के सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक अवरोधों को पार करने का सेतु है। दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चे भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
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3
स्मार्ट स्कूल और ई-किताबें: ICT के अंतर्गत कई राज्यों में स्मार्ट स्कूलों का अनुमोदन किया गया है। ई-किताबों के प्रयोग से बच्चों को खुशनुमा वातावरण में मनोरंजक तरीके से शिक्षा मिलती है और विषय के प्रति भय दूर होता है।
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4
EDUSAT — शिक्षा उपग्रह: सितम्बर 2004 में GSLV-F1 द्वारा प्रक्षेपित EDUSAT भारत का पहला शिक्षा-उपग्रह है। यह देश के कोने-कोने तक ICT शिक्षा पहुँचाने में सहायक है।
📘 निष्कर्ष: ICT शिक्षा के क्षेत्र में एक सहायक सामग्री के रूप में नई क्रांति है। National Mission on Education भी ICT की भूमिका पर विशेष बल देता है क्योंकि यह उच्च शिक्षा में नामांकन अनुपात बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का सबसे प्रभावशाली साधन है।
प्रश्न 7: ई-गवर्नेंस क्या है?
उत्तर:
सरकार की आम नागरिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को इंटरनेट के माध्यम से उपलब्ध कराना ही ई-गवर्नेंस (e-Governance) या ई-शासन कहलाता है। इसके अंतर्गत शासकीय सेवाएँ और सूचनाएँ ऑनलाइन उपलब्ध होती हैं।
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यह 'अच्छे शासन' (Good Governance) का पर्याय बनता जा रहा है।
- ➤
ई-शासन से शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, कुशल तथा जवाबदेह बनती है।
- ➤
इसके अंतर्गत शासन सम्बन्धी सभी सूचनाओं को इंटरनेट पर उपलब्ध करा दिया जाता है। विद्यालय में दाखिला हो, बिल भरना हो या आय-जाति का प्रमाणपत्र बनवाना हो — सभी मूलभूत सुविधाएँ हिन्दी में भी ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
- ➤
डिजिटल इंडिया ई-गवर्नेंस का ही विस्तारित रूप है जो सभी प्रकार की शासन सम्बन्धी जानकारियों का डिजिटलाइजेशन करता है।
💡 सरल उदाहरण: ऑनलाइन बिजली बिल जमा करना, पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन, जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन प्राप्त करना — ये सभी ई-गवर्नेंस के जीवंत उदाहरण हैं जो हमारा समय और धन दोनों बचाते हैं।
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प्रश्न 8: ई-गवर्नेंस की आम जीवन में क्या उपलब्धियाँ हैं?
उत्तर:
ई-गवर्नेंस ने आम नागरिकों के जीवन को अत्यंत सुगम और सुविधाजनक बना दिया है। इसकी प्रमुख उपलब्धियाँ निम्नलिखित हैं —
-
1
घर बैठे सरकारी सेवाएँ: आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज अब घर बैठे बनवाए जा सकते हैं। सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं रही।
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2
साझा सेवा केन्द्र (CSC): NEGP के तहत 18 मई 2006 को सम्पूर्ण भारत में CSC स्थापित किए गए। ये केन्द्र ग्रामीण क्षेत्रों में भी आम आदमी को सीधे तौर पर सरकारी सुविधाएँ उनके घर तक पहुँचाते हैं।
-
3
पारदर्शिता और समय-धन की बचत: ई-गवर्नेंस से शासन में भ्रष्टाचार कम हुआ है क्योंकि सारा लेन-देन डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होता है। नागरिकों के बहुमूल्य समय और धन की बचत हो रही है।
-
4
ई-हॉस्पिटल: डिजिटल इंडिया के अंतर्गत ई-हॉस्पिटल की शुरुआत हुई जिससे मरीज ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकते हैं और चिकित्सीय रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहते हैं।
📘 महत्व: ई-गवर्नेंस 'अच्छे शासन' का पर्याय बनता जा रहा है। यह समाज के हर वर्ग को — नागरिकों, व्यापारियों और सरकारी संगठनों को — सूचना और प्रौद्योगिकी की सहायता से विभिन्न सेवाएँ प्रदान करता है।
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प्रश्न 9: व्यापार एवं वाणिज्य के क्षेत्र में ई-कॉमर्स की क्या भूमिका रही?
उत्तर:
नवीनतम तकनीक के अंतर्गत व्यापार एवं वाणिज्य अब ई-व्यवसाय / ई-कॉमर्स (e-Commerce) के रूप में अत्यंत प्रचलित है। यह इंटरनेट के माध्यम से व्यापार का संचालन है जिसमें न केवल खरीदना और बेचना, बल्कि ग्राहकों के लिए सेवाएँ और व्यापार के भागीदारों के साथ सहयोग भी शामिल है।
ई-कॉमर्स की महत्वपूर्ण भूमिका:
- ➤
सीमाओं से मुक्ति: ई-कॉमर्स ने व्यापार को स्थान और समय की सीमाओं से मुक्त कर दिया है। कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने से कभी भी कुछ भी खरीद-बेच सकता है।
- ➤
ऑनलाइन सेवाएँ: इसमें मोबाइल कॉमर्स, इलेक्ट्रॉनिक धन हस्तांतरण, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन, इंटरनेट विपणन और ऑनलाइन लेनदेन जैसी प्रौद्योगिक सेवाएँ शामिल हैं।
- ➤
वैश्विक प्रचार-प्रसार: इंटरनेट के माध्यम से उत्पादों का वैश्विक स्तर पर प्रचार आसानी से किया जाता है। छोटे व्यापारी भी अपने उत्पाद अब विश्व स्तर पर बेच सकते हैं।
- ➤
प्रमुख ई-कॉमर्स कम्पनियाँ: फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, अमेज़न जैसी कम्पनियाँ आम जनजीवन में अत्यंत प्रचलित हो गई हैं। इन्होंने लाखों लोगों को रोजगार भी दिया है और व्यापार को सरल, सुलभ व व्यापक बना दिया है।
📘 निष्कर्ष: ई-कॉमर्स ने व्यापार को नई दिशा और गति दी है। यह डिजिटल भारत की सबसे महत्वपूर्ण देन है। आरम्भ में सामान के बदले सामान लेने वाला व्यापार आज इंटरनेट पर एक क्लिक में होने लगा है — यही विज्ञान और तकनीकी की असली ताकत है।
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प्रश्न: विज्ञान एवं तकनीकी में नवीनतम प्रगति क्या है?
उत्तर: संचार, अंतरिक्ष, रक्षा, चिकित्सा, शिक्षा (ICT), ई-गवर्नेंस और ऊर्जा के क्षेत्र में हुए आधुनिक विकास को नवीनतम प्रगति कहते हैं।
प्रश्न: भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक कौन हैं?
उत्तर: डॉ. विक्रम साराभाई।
प्रश्न: ICT योजना का आरम्भ कब हुआ?
उत्तर: दिसम्बर 2004 में।
प्रश्न: ई-गवर्नेंस क्या है?
उत्तर: इंटरनेट के माध्यम से सरकारी सेवाएँ उपलब्ध कराना ई-गवर्नेंस कहलाता है।
प्रश्न: UP Board Class 8 Science Chapter 1 Solution कहाँ मिलेगा?
उत्तर: Basic Shiksha Solution पर इस अध्याय का सम्पूर्ण समाधान उपलब्ध है।
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