पाठ 4: खनिज एवं धातु
|| UP Board Class 8 Science — Complete Solution ||
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 SCIENCE SOLUTION
📖 पाठ का संक्षिप्त परिचय:
इस पाठ में हम खनिज (Minerals) और धातु (Metals) के बारे में विस्तार से जानेंगे। पृथ्वी की भू-पपर्टी में पाए जाने वाले प्राकृतिक अकार्बनिक पदार्थ खनिज कहलाते हैं। इन्हीं खनिजों से धातुएँ निकाली जाती हैं। हम धातुओं और अधातुओं के भौतिक एवं रासायनिक गुण, उनके उपयोग, संक्षारण (जंग लगना) से बचाव तथा मिश्र धातु के बारे में सीखेंगे।
📌 Quick Answer — UP Board Class 8 Science Chapter 4 खनिज एवं धातु
खनिज पृथ्वी की भू-पपर्टी में पाए जाने वाले प्राकृतिक अकार्बनिक पदार्थ हैं। जिन खनिजों से धातु का निष्कर्षण सरलता से किया जा सके उन्हें अयस्क कहते हैं। धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया कर धातु ऑक्साइड बनाती हैं तथा संक्षारण के लिए ऑक्सीजन और नमी आवश्यक हैं।
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Basic Shiksha Solution ● बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) निम्नलिखित वस्तुओं में कौन सी वस्तु संक्षारित हो सकती है —
(अ) लकड़ी की मेज
(ब) स्टील की कुर्सी
(स) खुले स्थानों पर रखी लोहे की छड़
(द) तेल लेपित लोहे की छड़
✅ उत्तर: (स) खुले स्थानों पर रखी लोहे की छड़
💡 व्याख्या: संक्षारण (Corrosion) तब होता है जब धातु वायु में उपस्थित ऑक्सीजन और नमी के सम्पर्क में आती है। खुले स्थान पर रखी लोहे की छड़ को ऑक्सीजन और नमी दोनों मिलती हैं, इसलिए उस पर जंग (आयरन ऑक्साइड) लग जाती है। तेल-लेपित छड़ की सतह वायु और नमी से सुरक्षित रहती है — इसलिए उस पर जंग नहीं लगती। लकड़ी और स्टील की कुर्सी संक्षारित नहीं होती क्योंकि लकड़ी अधातु है और स्टील जंग-रोधी मिश्र धातु है।
📌 याद रखें: जंग लगने के लिए ऑक्सीजन + नमी — दोनों आवश्यक हैं। अकेले किसी एक से जंग नहीं लगती।
(ख) बॉक्साइट किसका अयस्क है —
(अ) सोडियम
(ब) लोहा
(स) एलुमीनियम
(द) कॉपर
✅ उत्तर: (स) एलुमीनियम
💡 व्याख्या: बॉक्साइट (Al₂O₃·2H₂O) एलुमीनियम का प्रमुख अयस्क है। यह एलुमीनियम ऑक्साइड और जल का यौगिक है। इसी अयस्क से एलुमीनियम धातु निकाली जाती है। लोहे का अयस्क हेमेटाइट (Fe₂O₃) है और कॉपर का अयस्क कैल्कोपाइराइट (CuFeS₂) है।
📌 प्रमुख अयस्क याद करें: बॉक्साइट → एलुमीनियम | हेमेटाइट → लोहा | गैलेना → सीसा | पाइरोलुसाइट → मैंगनीज।
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Basic Shiksha Solution ● रिक्त स्थान पूर्ति
(क) सोडियम धातु को मिट्टी के तेल (केरोसीन) में रखते हैं।
💡 व्याख्या: सोडियम और पोटैशियम अत्यधिक क्रियाशील धातुएँ हैं। ये वायु में उपस्थित ऑक्सीजन से तुरन्त अभिक्रिया करके ऑक्साइड बना लेती हैं और जल के साथ भी तीव्र अभिक्रिया करती हैं। इसीलिए इन्हें ऑक्सीकरण से बचाने के लिए मिट्टी के तेल (केरोसीन) में डुबाकर रखा जाता है।
(ख) जंग लगने के लिए ऑक्सीजन (वायु) तथा नमी (जल) आवश्यक है।
💡 व्याख्या: क्रियाकलाप 4 के प्रयोग से यह सिद्ध होता है कि जंग लगने के लिए वायु (ऑक्सीजन) और नमी दोनों का एक साथ होना ज़रूरी है। जहाँ केवल शुष्क वायु हो या केवल ऑक्सीजन-रहित जल हो — वहाँ जंग नहीं लगती।
(ग) धातु से तार बनाने का गुण तन्यता (Ductility) कहलाता है।
💡 व्याख्या: धातुओं को खींचकर पतला तार बनाया जा सकता है — इस गुण को तन्यता कहते हैं। ताँबा, ऐलुमीनियम और लोहे के तार इसी गुण के कारण बनाए जाते हैं। अधातुओं में तन्यता नहीं होती — उन्हें खींचने पर वे टूट जाती हैं।
(घ) जिन खनिजों से धातु का निष्कर्षण किया जाता है उन्हें अयस्क (Ore) कहते हैं।
💡 व्याख्या: वे खनिज जिनमें धातु की मात्रा अधिक हो और जिनसे धातु का निष्कर्षण सरलता से एवं कम लागत में हो सके, अयस्क कहलाते हैं। ध्यान रहे — सभी अयस्क खनिज होते हैं, परन्तु सभी खनिज अयस्क नहीं होते।
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Basic Shiksha Solution ● सही / गलत
(क) हीरा कार्बन का रूप है।
✅ उत्तर: सही (√)
💡 व्याख्या: हीरा (Diamond) कार्बन का एक अपरूप है — यह कार्बन परमाणुओं की एक विशेष त्रिआयामी जालक संरचना है। कार्बन के अन्य अपरूप हैं — ग्रेफाइट और फुलेरीन। हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है।
(ख) हेमेटाइट एलुमीनियम का अयस्क है।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: यह कथन गलत है। हेमेटाइट (Fe₂O₃) लोहे (आयरन) का अयस्क है, एलुमीनियम का नहीं। एलुमीनियम का अयस्क बॉक्साइट (Al₂O₃·2H₂O) है।
📌 सुधार: सही कथन होगा — "हेमेटाइट लोहे (आयरन) का अयस्क है।"
(ग) धातु ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड बनाते हैं।
✅ उत्तर: सही (√)
💡 व्याख्या: यह कथन बिल्कुल सही है। जब धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करती हैं तो वे धातु ऑक्साइड बनाती हैं। उदाहरण — सोडियम + ऑक्सीजन → सोडियम ऑक्साइड (4Na + O₂ → 2Na₂O) तथा मैग्नीशियम + ऑक्सीजन → मैग्नीशियम ऑक्साइड (2Mg + O₂ → 2MgO)।
(घ) क्वार्ट्ज धात्विक खनिज है।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: क्वार्ट्ज (SiO₂) एक अधात्विक खनिज है — यह सिलिकेट खनिज है जिससे धातु नहीं निकाली जाती। स्फटिक, माइका (अभ्रक) और क्वार्ट्ज — ये सभी अधात्विक खनिज हैं।
📌 सुधार: सही कथन होगा — "क्वार्ट्ज एक अधात्विक खनिज है।"
(ङ) संगमरमर चूने के पत्थर से बनता है।
✅ उत्तर: सही (√)
💡 व्याख्या: संगमरमर (Marble) चूने के पत्थर (Limestone — CaCO₃) के रूपान्तरण से बनता है। अत्यधिक ताप और दाब के कारण चूना पत्थर रूपांतरित होकर संगमरमर बन जाता है — यह एक रूपान्तरित चट्टान है। दोनों का रासायनिक सूत्र CaCO₃ है।
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Basic Shiksha Solution ● स्तम्भ मिलान
| स्तम्भ (क) | सही मिलान (स्तम्भ ख) |
| क. बॉक्साइट | ✅ (स) ऐलुमीनियम |
| ख. गैलेना | ✅ (ब) लेड (सीसा) |
| ग. हेमेटाइट | ✅ (अ) आयरन (लोहा) |
| घ. पाइरोलुसाइट | ✅ (द) मैंगनीज |
💡 स्मरण बिंदु: बॉक्साइट (Al₂O₃·2H₂O) → एलुमीनियम | गैलेना (PbS) → सीसा (Lead) | हेमेटाइट (Fe₂O₃) → लोहा | पाइरोलुसाइट (MnO₂) → मैंगनीज। इन्हें एक बार तालिका के रूप में याद कर लें।
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Basic Shiksha Solution ● लघु उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 5(क): खनिज तथा अयस्क में क्या अन्तर है?
उत्तर:
| आधार | खनिज (Mineral) | अयस्क (Ore) |
| परिभाषा | भू-पपर्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक तत्व या यौगिक | वह खनिज जिससे धातु का निष्कर्षण सरलता से एवं कम लागत में हो सके |
| धातु की मात्रा | कम या अधिक — दोनों हो सकती है | धातु की मात्रा पर्याप्त एवं अधिक होती है |
| आर्थिक उपयोगिता | आवश्यक नहीं कि आर्थिक दृष्टि से उपयोगी हो | आर्थिक दृष्टि से लाभकर होता है |
| सम्बन्ध | सभी अयस्क खनिज होते हैं | सभी खनिज अयस्क नहीं होते |
| उदाहरण | क्वार्ट्ज, माइका, बॉक्साइट | बॉक्साइट (Al का), हेमेटाइट (Fe का) |
📌 सरल सूत्र: सभी अयस्क खनिज हैं, परन्तु सभी खनिज अयस्क नहीं हैं।
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प्रश्न 5(ख): अधिकांश खनिज किस रूप में पाए जाते हैं?
उत्तर:
अधिकांश खनिज ऑक्साइड के रूप में पाए जाते हैं। इसके अतिरिक्त खनिज सल्फाइड, सल्फेट और कार्बोनेट के रूप में भी पाए जाते हैं। प्रकृति में केवल कुछ ही धातुएँ जैसे सोना (Gold) और प्लेटिनम मुक्त अवस्था (तत्व के रूप) में पाई जाती हैं। लोहा, एलुमीनियम, मैंगनीज आदि ऑक्साइड रूप में, और कॉपर (ताँबा), लेड (सीसा), जिंक (जस्ता) सल्फाइड रूप में पाए जाते हैं।
💡 संक्षेप: ऑक्साइड (सबसे अधिक) → सल्फाइड → सिलिकेट → कार्बोनेट — यह क्रम याद रखें।
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प्रश्न 5(ग): धातुओं की अघातवर्धनीयता तथा तन्यता के गुण का क्या अर्थ है?
उत्तर:
अघातवर्धनीयता (Malleability)
धातुओं को पीटकर (आघात पहुँचाकर) चादरों के रूप में परिवर्तित करने के गुण को अघातवर्धनीयता कहते हैं। सोना और चाँदी सर्वाधिक अघातवर्धनीय हैं। इसी गुण के कारण एलुमीनियम की पतली पन्नियाँ और सोने-चाँदी की पतली चादरें बनाई जाती हैं।
तन्यता (Ductility)
धातुओं को खींचकर पतला तार बनाने के गुण को तन्यता कहते हैं। ताँबे, ऐलुमीनियम और लोहे के तार इसी गुण के कारण बनाए जाते हैं। अधातुओं में तन्यता नहीं होती।
अघातवर्धनीयता = पीटकर चादर बनाना
तन्यता = खींचकर तार बनाना
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प्रश्न 5(घ): धातुओं का संक्षारण क्या है?
उत्तर:
धातु की सतह पर उसका यौगिक बनकर धातु की एक-एक परत के रूप में उतरने से धातु का नष्ट होना संक्षारण (Corrosion) कहलाता है। लोहे के संक्षारण को जंग लगना कहते हैं — लोहे पर भूरी परत आयरन ऑक्साइड (Fe₂O₃) के बनने से होती है। ताँबे पर हरे रंग की कॉपर कार्बोनेट और चाँदी पर काले रंग की सिल्वर सल्फाइड की परत संक्षारण के अन्य उदाहरण हैं।
💡 कारण: संक्षारण के लिए ऑक्सीजन + नमी दोनों की उपस्थिति आवश्यक है। अकेले किसी एक से संक्षारण नहीं होता।
प्रश्न 5(ङ): मुक्त अवस्था में पाए जाने वाले किन्हीं दो धातुओं के नाम लिखिए।
उत्तर:
प्रकृति में मुक्त अवस्था (तत्व के रूप) में पाई जाने वाली दो धातुएँ हैं — (1) सोना (Gold) और (2) प्लेटिनम (Platinum)।
💡 कारण: ये धातुएँ रासायनिक दृष्टि से अत्यन्त अक्रियाशील (Non-reactive) होती हैं, इसलिए ये ऑक्सीजन, नमी या अन्य पदार्थों से क्रिया नहीं करतीं और प्रकृति में तत्व के रूप में ही मिलती हैं।
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प्रश्न 5(च): मिश्र धातु क्या होती है?
उत्तर:
दो या अधिक धातुओं अथवा एक धातु और एक अधातु को पिघली हुई अवस्था में मिलाकर प्राप्त समांगी मिश्रण को मिश्र धातु (Alloy) कहते हैं। मिश्र धातु के भौतिक एवं धात्विक गुण अपने मूल धातु के गुणों से भिन्न एवं श्रेष्ठ होते हैं।
💡 उदाहरण: स्टेनलेस स्टील (लोहा + क्रोमियम + कार्बन), पीतल (ताँबा + जिंक), काँसा (ताँबा + टिन), सोल्डर (सीसा + टिन)।
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प्रश्न 5(छ): खनिज तथा अयस्क में क्या अन्तर है? (पुनः)
उत्तर:
यह प्रश्न 5(क) का ही पुनरावृत्ति है। खनिज वे प्राकृतिक अकार्बनिक पदार्थ हैं जो भू-पपर्टी में पाए जाते हैं, चाहे उनमें धातु की मात्रा कम हो या अधिक। जबकि अयस्क वे विशेष खनिज हैं जिनमें धातु की मात्रा इतनी अधिक हो कि उनसे धातु का निष्कर्षण लाभकर एवं कम खर्चीला हो। सभी अयस्क खनिज हैं परन्तु सभी खनिज अयस्क नहीं हैं।
प्रश्न 5(ज): किसी एक द्रव धातु का नाम लिखिए।
उत्तर:
पारा (Mercury — Hg) एकमात्र ऐसी धातु है जो सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाती है। अन्य सभी धातुएँ सामान्य ताप पर ठोस अवस्था में होती हैं।
💡 विशेष जानकारी: अधातुओं में ब्रोमीन (Bromine) सामान्य ताप पर द्रव अवस्था में पाई जाती है। इस प्रकार पारा और ब्रोमीन — दो ऐसे तत्व हैं जो सामान्य ताप पर द्रव होते हैं।
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Basic Shiksha Solution ● दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 6(क): धातुओं की ऑक्सीजन से अभिक्रिया को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड बनाती हैं। यह अभिक्रिया विभिन्न धातुओं के लिए अलग-अलग ताप पर होती है —
-
1
सोडियम और पोटैशियम — ये कमरे के सामान्य ताप पर ही ऑक्सीजन से क्रिया करके ऑक्साइड बना लेती हैं। इसीलिए इन्हें मिट्टी के तेल में रखा जाता है।
-
2
मैग्नीशियम — जलाने पर तीव्र श्वेत प्रकाश के साथ जलकर सफेद मैग्नीशियम ऑक्साइड पाउडर बनाता है।
-
3
ऐलुमीनियम, लोहा, ताँबा — ये केवल उच्च ताप पर ऑक्सीजन से क्रिया करते हैं।
4Na + O₂ → 2Na₂O (सोडियम ऑक्साइड)
2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड)
3C + 2O₂ → CO + CO₂ (कार्बन — अधातु)
💡 महत्वपूर्ण: धातु ऑक्साइड क्षारीय (Basic) प्रकृति के होते हैं जबकि अधातु ऑक्साइड (जैसे CO₂, SO₂) अम्लीय (Acidic) प्रकृति के होते हैं।
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प्रश्न 6(ख): धातु तथा अधातु की जल से क्रिया लिखिए।
उत्तर:
धातुओं की जल से अभिक्रिया
सक्रिय धातुएँ जल के साथ क्रिया करके धातु हाइड्रॉक्साइड / ऑक्साइड तथा हाइड्रोजन गैस बनाती हैं।
2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂↑ (सोडियम + जल)
Mg + H₂O → MgO + H₂↑ (मैग्नीशियम + गर्म जल/भाप)
अधातुओं की जल से अभिक्रिया
अधिकांश अधातुएँ जल के साथ सामान्यतः अभिक्रिया नहीं करतीं। कुछ विशेष परिस्थितियों में क्लोरीन (Cl₂) जल से अभिक्रिया करती है। अधातुएँ जल से हाइड्रोजन गैस नहीं बनातीं।
📌 तुलना: धातुएँ जल से हाइड्रोजन गैस निकालती हैं, जबकि अधातुएँ सामान्यतः जल से अभिक्रिया नहीं करतीं।
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प्रश्न 6(ग): लोहा, ताँबा तथा सोने के अयस्क देश में कहाँ पाए जाते हैं?
उत्तर:
| धातु | अयस्क का नाम | भारत में प्राप्ति स्थान |
| लोहा (Iron) | हेमेटाइट, मैग्नेटाइट | झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, कर्नाटक |
| ताँबा (Copper) | कैल्कोपाइराइट | राजस्थान, झारखंड, मध्यप्रदेश |
| सोना (Gold) | मुक्त अवस्था में / Calaverite | कर्नाटक (कोलार), आंध्रप्रदेश |
💡 विशेष: भारत में सोना, ताँबा, जिंक (जस्ता) तथा टंगस्टन खनिजों की उपलब्धता बहुत कम है। प्लेटिनम खनिज का पूर्ण अभाव है — इसे विदेशों से आयात करना पड़ता है।
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प्रश्न 6(घ): धातुओं की ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया को दो उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
धातुएँ ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके धातु ऑक्साइड बनाती हैं। दो प्रमुख उदाहरण —
उदाहरण 1 — सोडियम की ऑक्सीजन से अभिक्रिया
सोडियम कमरे के सामान्य ताप पर ही ऑक्सीजन से तेजी से क्रिया करके सोडियम ऑक्साइड (Na₂O) बनाता है।
4Na + O₂ → 2Na₂O (सोडियम ऑक्साइड)
उदाहरण 2 — मैग्नीशियम की ऑक्सीजन से अभिक्रिया
मैग्नीशियम का तार जलाने पर तीव्र श्वेत प्रकाश के साथ जलकर सफेद रंग का पाउडर — मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) बनाता है।
2Mg + O₂ → 2MgO (मैग्नीशियम ऑक्साइड)
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प्रश्न 6(ङ): सोडियम धातु का जल तथा ऑक्सीजन से क्रिया का रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
1. सोडियम की जल से अभिक्रिया
सोडियम जल के साथ तीव्र गति से अभिक्रिया करके सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) तथा हाइड्रोजन गैस (H₂) बनाता है।
2Na + 2H₂O → 2NaOH + H₂↑
सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन गैस
2. सोडियम की ऑक्सीजन से अभिक्रिया
सोडियम सामान्य ताप पर ही ऑक्सीजन से क्रिया करके सोडियम ऑक्साइड (Na₂O) बनाता है।
4Na + O₂ → 2Na₂O
सोडियम + ऑक्सीजन → सोडियम ऑक्साइड
📌 इसीलिए सोडियम को मिट्टी के तेल में रखते हैं — ताकि वायु और नमी के सम्पर्क से बचाया जा सके।
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प्रश्न 6(च): धातु तथा अधातु में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
| गुण / आधार | धातु (Metal) | अधातु (Non-metal) |
| भौतिक अवस्था | सामान्य ताप पर ठोस (पारा अपवाद) | गैसीय या ठोस; ब्रोमीन द्रव |
| चमक | धात्विक चमक होती है | सामान्यतः चमक नहीं होती |
| कठोरता | प्रायः कठोर होती हैं | अधिकांश मुलायम होती हैं |
| अघातवर्धनीयता | पीटने पर चादर बनती है | पीटने पर टूट जाती हैं (भंगुर) |
| तन्यता | तार बनाया जा सकता है | तार नहीं बनाया जा सकता |
| विद्युत चालकता | विद्युत की सुचालक | प्रायः कुचालक (कार्बन अपवाद) |
| ऊष्मा चालकता | ऊष्मा की सुचालक | प्रायः ऊष्मा की कुचालक |
| जल से क्रिया | हाइड्रोजन गैस बनाती हैं | सामान्यतः जल से क्रिया नहीं |
| उदाहरण | लोहा, ताँबा, सोना, एलुमीनियम | ऑक्सीजन, सल्फर, हाइड्रोजन |
📘 उपधातु (Metalloid): जर्मेनियम, आर्सेनिक तथा एन्टीमनी ऐसे तत्व हैं जिनमें धातु तथा अधातु — दोनों के गुण पाए जाते हैं। इन्हें उपधातु (Metalloid) कहते हैं।
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प्रश्न 6(छ): धातुओं के संक्षारण की रोकथाम के लिए अपनाई जाने वाली विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
धातुओं को नमी तथा हवा (ऑक्सीजन) से बचाकर संक्षारण रोका जा सकता है। निम्नलिखित विधियाँ प्रयोग में लाई जाती हैं —
-
1
पेंट का लेप चढ़ाकर — धातु की वस्तुओं की सतह पर पेंट लगाकर उसे वायु और नमी से बचाया जाता है। स्टील के फर्नीचर, लोहे के पुल, रेल के डिब्बे, बस, ट्रक आदि को पेंट किया जाता है।
-
2
ग्रीस या तेल लगाकर — तेल या ग्रीस की परत धातु को वायु और नमी के सम्पर्क से बचाती है। नए औजारों जैसे कैंची, चाकू पर ग्रीस लगाकर रखा जाता है।
-
3
गैल्वेनीकरण (Galvanization) — लोहे को जंग से बचाने के लिए उसे पिघले हुए जस्ते (Zinc) में डुबाया जाता है जिससे लोहे पर जस्ते की पतली परत जम जाती है। घरों की छतें बनाने वाली लोहे की चादरें, बाल्टियाँ आदि का गैल्वेनीकरण किया जाता है।
-
4
विद्युत लेपन (Electroplating) — क्रोमियम, निकल तथा टिन जैसी धातुएँ संक्षारण से प्रभावित नहीं होतीं। लोहे पर क्रोमियम या टिन की इलेक्ट्रोप्लेटिंग करने से जंग नहीं लगती।
-
5
मिश्र धातु बनाकर — कभी-कभी एक धातु में दूसरी धातु या अधातु मिलाने पर वह संक्षारण से सुरक्षित हो जाती है। उदाहरण — लोहे में क्रोमियम और कार्बन मिलाने से स्टेनलेस स्टील बनता है जिसमें जंग नहीं लगती।
📌 5 विधियाँ याद रखें: पेंट → ग्रीस/तेल → गैल्वेनीकरण → विद्युत लेपन → मिश्र धातु।
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प्रश्न 6(ज): तवे की हैंडिल में लकड़ी लगी होती है — क्यों?
उत्तर:
तवे का मुख्य भाग लोहे या एलुमीनियम जैसी धातु का बना होता है जो ऊष्मा की सुचालक है। जब तवे को गर्म किया जाता है तो उसके मुख्य भाग की गर्मी हैंडिल में भी आ जाएगी — इससे हैंडिल को पकड़ना खतरनाक और कष्टदायक हो जाएगा। इसलिए हैंडिल में लकड़ी या प्लास्टिक लगाई जाती है क्योंकि ये ऊष्मा की कुचालक (Bad Conductor) हैं — ये हाथ तक गर्मी नहीं पहुँचने देतीं।
💡 सिद्धान्त: धातुएँ ऊष्मा की सुचालक हैं — इसीलिए बर्तन और बॉयलर धातु के बनते हैं। अधातु ऊष्मा की कुचालक हैं — इसीलिए हैंडिल, इन्सुलेटर में लकड़ी/प्लास्टिक का उपयोग होता है।
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प्रश्न: खनिज किसे कहते हैं?
उत्तर: पृथ्वी की भू-पपर्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक पदार्थों को खनिज कहते हैं।
प्रश्न: अयस्क क्या होता है?
उत्तर: वह खनिज जिससे धातु का निष्कर्षण सरलता से और आर्थिक रूप से किया जा सके, अयस्क कहलाता है।
प्रश्न: धातुओं में संक्षारण क्यों होता है?
उत्तर: धातुएँ वायु की ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आकर रासायनिक अभिक्रिया करती हैं, जिससे संक्षारण होता है।
प्रश्न: मिश्र धातु क्या है?
उत्तर: दो या दो से अधिक धातुओं या धातु एवं अधातु के मिश्रण से बनी नई धातु को मिश्र धातु कहते हैं।
प्रश्न: UP Board Class 8 Science Chapter 4 खनिज एवं धातु Solution कहाँ मिलेगा?
उत्तर: Basic Shiksha Solution पर इस अध्याय का सम्पूर्ण समाधान सरल भाषा में उपलब्ध है।
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