UP Board Class 8 Hindi Chapter 7 जूलिया Solution
|| UP BOARD CLASS 8 HINDI SOLUTION ||
UP Board Class 8 Hindi Chapter 7 “जूलिया” प्रसिद्ध रूसी साहित्यकार अन्तोन चेखोव द्वारा रचित एक प्रेरक एकांकी है।
इस पाठ में अन्याय, शोषण और आत्मसम्मान की भावना का मार्मिक चित्रण किया गया है।
इस पोस्ट में आपको विस्तृत सारांश, शब्दार्थ, अभ्यास प्रश्नोत्तर तथा व्याकरण खण्ड सरल एवं परीक्षा उपयोगी भाषा में मिलेगा।
यदि आप UP Board Class 8 Hindi Chapter 7 जूलिया Solution खोज रहे हैं, तो यह लेख आपकी तैयारी के लिए पूर्ण मार्गदर्शक है।
UP Board Class 8 Hindi Chapter 7 जूलिया Solution:
यहाँ आपको “जूलिया” एकांकी का विस्तृत सारांश, शब्दार्थ, अभ्यास प्रश्न उत्तर और व्याकरण एक ही स्थान पर सरल एवं परीक्षा उपयोगी रूप में मिलेगा।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 HINDI SOLUTION
लेखक परिचय : अन्तोन चेखोव
- नाम: अन्तोन चेखोव (Anton Chekhov)
- विशेषता: ये विश्व प्रसिद्ध रूसी नाटककार और कहानीकार थे। इनकी रचनाओं में मानवीय संवेदनाओं और समाज की वास्तविकताओं का अत्यंत सजीव चित्रण मिलता है।
सन्दर्भ (Context):
प्रस्तुत एकांकी (नाटक) हमारी पाठ्यपुस्तक 'मंजरी' के 'जूलिया' नामक पाठ से ली गई है। इसके रचयिता प्रसिद्ध रूसी साहित्यकार अन्तोन चेखोव जी हैं।
प्रसंग (Theme):
इस एकांकी में एक भोली-भाली और डरपोक सेविका (गवर्नेस) की विवशता का सजीव चित्रण किया गया है। साथ ही यह प्रेरणा दी गई है कि इस क्रूर और स्वार्थी संसार में अन्याय का विरोध करना अत्यंत आवश्यक है; कमज़ोर लोगों का यहाँ केवल शोषण होता है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● EXPLANATION
कहानी की शुरुआत में गृहस्वामी (मालिक) बच्चों की सेविका 'जूलिया' को उसका वेतन (पारिश्रमिक) देने के लिए बुलाते हैं। जूलिया का वेतन 40 रूबल (रूसी मुद्रा) प्रतिमाह तय हुआ था, परन्तु गृहस्वामी अपनी डायरी का झूठा हवाला देते हुए कहते हैं कि वेतन केवल 30 रूबल तय हुआ था। जूलिया डर के मारे विरोध नहीं कर पाती। गृहस्वामी यह भी कहता है कि उसे काम करते हुए ठीक दो महीने हुए हैं, जबकि जूलिया के अनुसार दो महीने पाँच दिन हो चुके थे।
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गृहस्वामी जूलिया को ठगने के उद्देश्य से उसके वेतन से तरह-तरह की झूठी कटौतियाँ करने लगता है। वह 9 रविवार, 3 अन्य अवकाश (छुट्टियाँ), कोल्या (बच्चे) के बीमार होने के 4 दिन और जूलिया के दाँत दर्द के 3 दिन जोड़कर कुल 19 दिन का वेतन काट लेता है। इसके पश्चात् वह प्याली टूटने, बच्चे की जैकेट फटने और जूतों के चोरी होने का आरोप लगाकर और भी पैसे काट लेता है। जूलिया भीतर ही भीतर रोती रहती है, परन्तु अपनी सफाई में कुछ बोल नहीं पाती।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 HINDI SOLUTION
अंत में गृहस्वामी जूलिया पर 10 रूबल अग्रिम (एडवांस) लेने का झूठा आरोप लगाता है। जूलिया रोते हुए कहती है कि उसे गृहस्वामिनी से केवल 3 रूबल मिले थे। इस प्रकार कुल 80 रूबल में से मनमानी कटौतियाँ करके गृहस्वामी जूलिया के हाथ में केवल 11 रूबल थमा देता है। जूलिया इतनी विवश और डरी हुई है कि वह उन 11 रूबल को भी स्वीकार कर लेती है और काँपते हुए स्वर में गृहस्वामी को 'धन्यवाद' कहती है।
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जूलिया के मुख से 'धन्यवाद' सुनकर गृहस्वामी का क्रोध भड़क उठता है। वह चिल्लाकर कहता है कि "तुम जानती हो कि मैंने तुम्हारे साथ अन्याय किया है, तुम्हारे पैसे हड़प लिए हैं, फिर भी तुम मुझे धन्यवाद दे रही हो!" जूलिया बताती है कि इससे पहले जिन लोगों के यहाँ उसने काम किया, उन्होंने उसे एक पैसा भी नहीं दिया था।
तब गृहस्वामी अपना स्वर धीमा करते हुए कहता है कि यह केवल एक कठोर परिहास (मज़ाक) था, वह उसके पूरे 80 रूबल देगा। वह जूलिया को समझाता है कि इंसान को इतना दब्बू, डरपोक और रीढ़रहित (कमज़ोर) नहीं होना चाहिए। अपने अधिकारों के लिए इस निर्मम और कठोर संसार से पूरी शक्ति के साथ लड़ना चाहिए।
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| शब्द |
अर्थ |
| गवर्नेस | सेविका (जो बच्चों को पढ़ाने के साथ उनकी देखभाल भी करे) |
| रूबल | रूस देश की मुद्रा (करेंसी) |
| भीरू | डरपोक / कायर |
| बोदा | मोटी अक्ल का / सीधा-सादा |
| क्रूर | निर्दय / जिसमें दया न हो |
| निर्मम | ममतारहित / कठोर हृदय वाला |
| नागे | अनुपस्थिति / काम पर न आना (छुट्टी) |
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प्रश्न 1: "इससे पहले मैंने जहाँ-जहाँ काम किया, उन लोगों ने तो मुझे एक पैसा तक नहीं दिया, आप कुछ तो दे रहे हैं।" इस वाक्य के भाव के आधार पर बताइए कि जूलिया ने किस-किस तरह के लोगों के बीच गवर्नेश का काम किया होगा ?
उत्तर: इस वाक्य से स्पष्ट होता है कि जूलिया ने इससे पूर्व अत्यंत स्वार्थी, शोषक, क्रूर और बेईमान लोगों के यहाँ कार्य किया होगा, जो गरीबों की विवशता का लाभ उठाकर उनका पारिश्रमिक (वेतन) हड़प लेते थे।
प्रश्न 2: यदि इन लोगों की जगह आप होते तो जूलिया को पैसे देते अथवा नहीं ? क्यों ?
उत्तर: यदि मैं उन लोगों के स्थान पर होता/होती, तो मैं जूलिया को उसकी मेहनत का पूरा पारिश्रमिक अवश्य देता। क्योंकि किसी के परिश्रम का धन रोकना या हड़पना सबसे बड़ा अन्याय और पाप है।
प्रश्न 3: यदि आप जूलिया के स्थान पर होते तो ऐसे लोगों से कैसा व्यवहार करते ?
उत्तर: यदि मैं जूलिया के स्थान पर होता, तो मैं चुपचाप अन्याय सहन नहीं करता। मैं पूरी दृढ़ता और साहस के साथ अपने अधिकारों की माँग करता और उन शोषक लोगों का उचित विरोध करता।
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प्रश्न 1: गृहस्वामी ने 'उन्नीस नागे' किस प्रकार गिनाये और इसके लिए कितने रूबल की कटौती की?
उत्तर: गृहस्वामी ने 9 रविवार, 3 अन्य अवकाश (छुट्टियाँ), 4 दिन कोल्या की बीमारी और 3 दिन जूलिया के दाँतों में दर्द होने के आधार पर कुल 19 नागे (अनुपस्थिति) गिनाए। इसके लिए उसने जूलिया के वेतन से 19 रूबल की कटौती की।
प्रश्न 2: गृहस्वामी के अनुसार जूलिया के कारण क्या-क्या नुकसान हुआ था?
उत्तर: गृहस्वामी के अनुसार जूलिया की लापरवाही के कारण चाय की प्याली और प्लेट टूटी थी, पेड़ की खरोंच से बच्चे (कोल्या) की जैकेट फट गई थी, और नौकरानी ने छोटे बच्चे (वान्या) के नए जूते चुरा लिए थे।
प्रश्न 3: गृहस्वामी ने सत्ताइस रूबल किस आधार पर काट लिये थे?
उत्तर: गृहस्वामी ने प्याली टूटने के 2 रूबल, जैकेट फटने के 10 रूबल, जूते चोरी होने के 5 रूबल और जूलिया द्वारा 10 जनवरी को लिए गए 10 रूबल के अग्रिम (एडवांस) को जोड़कर कुल 27 रूबल काट लिए थे।
प्रश्न 4: गृहस्वामी को अंत में जूलिया पर गुस्सा क्यों आया और उसने जूलिया को क्या समझाया?
उत्तर: गृहस्वामी को जूलिया पर क्रोध इसलिए आया क्योंकि उसके द्वारा इतना अधिक ठगे जाने और अन्याय सहने के बाद भी जूलिया ने उसे 'धन्यवाद' कहा। गृहस्वामी ने उसे समझाया कि इस क्रूर और कठोर संसार में सम्मान से जीने के लिए व्यक्ति को अन्याय के विरुद्ध लड़ना आना चाहिए, मौन रहकर काम नहीं चलेगा।
प्रश्न 5: 'इस संसार में दब्बू और रीढ़रहित लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है' इस वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इस वाक्य का आशय यह है कि जो लोग डरपोक होते हैं और अन्याय का विरोध नहीं कर पाते (रीढ़रहित होते हैं), समाज हमेशा उनका शोषण करता है। इस दुनिया में सम्मानपूर्वक जीने के लिए मनुष्य को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और साहसी होना ही पड़ता है।
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प्रश्न 1: पाठ में अनेक जगहों पर अंग्रेजी तथा अरबी-फारसी के शब्द आये हैं, जैसे- गवर्नेस, तनख्वाह। इसी प्रकार के अन्य शब्दों को पाठ से छाँटकर उनका वर्गीकरण कीजिए।
विदेशी (आगत) शब्द:
हिंदी भाषा में जो शब्द विदेशी भाषाओं (अंग्रेज़ी, अरबी, फ़ारसी आदि) से आकर घुल-मिल गए हैं, उन्हें विदेशी या आगत शब्द कहते हैं।
| अंग्रेज़ी शब्द (English) |
अरबी-फ़ारसी शब्द (Arabic/Persian) |
| गवर्नेस, डायरी, नोट, जैकेट। |
तनख्वाह, रूबल, खयाल, ज़रूरत, नुकसान, माफ़, क्रूर, मज़ाक, यकीन, हिसाब, आदि। |
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प्रश्न 2: रीढ़रहित का अर्थ है 'रीढ़ से हीन' इसका विपरीतार्थक अर्थ होगा- 'रीढ़युक्त'। इसी प्रकार निम्नलिखित शब्दों में 'रहित' और 'युक्त' लगाकर शब्द बनाइए- (प्राण, धन, बल, यश)
व्याकरण ज्ञान (प्रत्यय द्वारा विलोम निर्माण):
किसी शब्द के अंत में 'रहित' लगाने से उसका अर्थ 'के बिना' (Without) हो जाता है, और 'युक्त' लगाने से उसका अर्थ 'सहित' (With) हो जाता है। इस प्रकार ये दोनों एक-दूसरे के विपरीतार्थक (विलोम) बन जाते हैं।
| मूल शब्द | 'रहित' लगाकर (के बिना) | 'युक्त' लगाकर (सहित) |
| प्राण | प्राणरहित (निर्जीव) | प्राणयुक्त (सजीव) |
| धन | धनरहित (निर्धन) | धनयुक्त (धनी) |
| बल | बलरहित (निर्बल) | बलयुक्त (बलवान) |
| यश | यशरहित (अपयश) | यशयुक्त (यशस्वी) |
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प्रश्न 3: निम्नलिखित शब्दों के विपरीतार्थक (विलोम) शब्द लिखिए- अन्याय, क्रूर, मूर्ख, दुर्बल, करुण।
| शब्द |
विपरीतार्थक (विलोम) शब्द |
| अन्याय | न्याय |
| क्रूर | अक्रूर / दयालु |
| मूर्ख | बुद्धिमान / चतुर |
| दुर्बल | सबल / बलवान |
| करुण | निष्ठुर / कठोर |
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प्रश्न: जूलिया पाठ किस कक्षा में है?
उत्तर: यह पाठ UP Board Class 8 Hindi में शामिल है।
प्रश्न: जूलिया पाठ के लेखक कौन हैं?
उत्तर: इस एकांकी के लेखक रूसी साहित्यकार अन्तोन चेखोव हैं।
प्रश्न: जूलिया पाठ का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: इस पाठ का मुख्य संदेश है कि व्यक्ति को अन्याय के विरुद्ध साहसपूर्वक अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए।
प्रश्न: UP Board Class 8 Hindi Chapter 7 जूलिया Solution कहाँ मिलेगा?
उत्तर: Basic Shiksha Solution पर इस अध्याय का सम्पूर्ण समाधान उपलब्ध है।
उत्तर:
इस प्रकार UP Board Class 8 Hindi Chapter 7 जूलिया Solution में हमने एकांकी का सारांश, शब्दार्थ, प्रश्न उत्तर एवं व्याकरण विस्तार से प्रस्तुत किया।
यह समाधान विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी है।
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