BASIC SHIKSHA SOLUTION में आपका स्वागत है

नमस्ते प्यारे बच्चों और सम्मानित शिक्षकों! 'बेसिक शिक्षा सॉल्यूशन' परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है।  यह वेबसाइट विशेष रूप से  कक्षा 1 से 8तक के सभी छात्रों और शिक्षकों के लिए तैयार की  है। यहाँ आपको क्या मिलेगा: व्यापक कवरेज: कक्षा 1 से 8 तक के सभी मुख्य विषयों (जैसे गणित, विज्ञान, हिंदी, सामाजिक विज्ञान, आदि) के सरल नोट्स और शिक्षण सामग्री मिलेगी। विषयों को आसान बनाना: जटिल विषयों को आसान भाषा, चित्र और उदाहरणों के साथ समझाया जाएगा, जो NCERT/UP बोर्ड पाठ्यक्रम पर आधारित होंगे। अभ्यास सामग्री: स्कूल की परीक्षाओं और अवधारणाओं को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर और अभ्यास पत्र यहाँ उपलब्ध होंगे। शिक्षकों के लिए संसाधन: बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी उपयोगी शिक्षण सामग्री और अपडेट भी समय-समय पर साझा की जाएगी। मेरा उद्देश्य है कि आप सभी को गुणवत्तापूर्ण और सरल शिक्षा सामग्री एक ही जगह पर मिल सके। जुड़े रहें! आप अपनी किसी भी शंका या सुझाव को नीचे कमेंट बॉक्स में लिख सकते हैं। मुझे आपकी मदद करके खुशी होगी। आपका शुभचिंतक, बेसिक शिक्षा सॉल्यूशन

UP Board Class 8 Hindi Chapter 4 पेड़ों के संग बढ़ना सीखो Solution | कक्षा 8 हिंदी पाठ 4 प्रश्न उत्तर

पाठ 4: पेड़ों के संग बढ़ना सीखो

|| UP BOARD CLASS 8 HINDI SOLUTION ||

Class 8 Hindi Chapter 4 “पेड़ों के संग बढ़ना सीखो” UP Board के नवीनतम पाठ्यक्रम पर आधारित एक महत्वपूर्ण कविता है। इस पोस्ट में आपको सारांश, पद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या, शब्दार्थ, अभ्यास प्रश्नोत्तर तथा परीक्षा उपयोगी व्याकरण सरल भाषा में मिलेगा। यदि आप UP Board Class 8 Hindi Chapter 4 Solution या पेड़ों के संग बढ़ना सीखो प्रश्न उत्तर खोज रहे हैं, तो Basic Shiksha Solution पर दिया गया यह लेख आपकी तैयारी के लिए अत्यंत उपयोगी है।

UP Board Class 8 Hindi Chapter 4 पेड़ों के संग बढ़ना सीखो Solution:
यहाँ आपको कविता का सारांश, पद्यांश व्याख्या, शब्दार्थ, अभ्यास प्रश्नोत्तर और व्याकरण एक ही स्थान पर मिलेगा।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 8 HINDI SOLUTION

कवि परिचय : सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

  • जन्म: 15 सितम्बर सन् 1927 ई० (बस्ती, उत्तर प्रदेश)
  • विशेषता: ये नयी कविता के श्रेष्ठ कवियों में से एक हैं। इनके काव्य में प्रगतिशील चेतना की प्रधानता है।
  • प्रमुख रचनाएँ: 'कुआनो नदी', 'गर्म हवाएँ', 'खूँटियों पर टँगे लोग', 'काठ की घंटियाँ', 'बाँस का पुल'।
  • निधन: 23 सितम्बर सन् 1983 ई०
सन्दर्भ (Context):

प्रस्तुत कविता हमारी पाठ्यपुस्तक 'मंजरी' के 'पेड़ों के संग बढ़ना सीखो' नामक पाठ से अवतरित है। इसके रचयिता प्रसिद्ध कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना जी हैं।

प्रसंग (Theme):

इस कविता में कवि ने पर्यावरण संरक्षण (प्रकृति की रक्षा) की प्रेरणा दी है। कवि ने स्पष्ट किया है कि यदि हम पेड़ों को नष्ट करेंगे, तो सम्पूर्ण मानव सभ्यता और प्राणियों का अस्तित्व संकट में पड़ जाएगा।

BASIC SHIKSHA SOLUTION ● EXPLANATION
पद्यांशों की सप्रसंग विस्तृत व्याख्या
पद्यांश (1 और 2)
बहुत दिनों से सोच रहा था, थोड़ी-सी धरती पाऊँ
उस धरती में बाग-बगीचा, जो हो सके लगाऊँ,
खिलें फूल-फल, चिड़ियाँ बोलें, प्यारी खुशबू डोले
ताज़ी हवा जलाशय में अपना हर अंग भिगो ले।
हो सकता है पास तुम्हारे, अपनी कुछ धरती हो
फूल-फल लदे अपने उपवन हों, अपनी परती हो,
हो सकता है छोटी-सी क्यारी हो, महक रही हो
छोटी-सी खेती हो, जो फ़सलों से दहक रही हो।
भावार्थ (Explanation):

कवि कहते हैं कि मेरे मन में बहुत दिनों से यह विचार था कि मेरे पास अपनी थोड़ी सी भूमि (धरती) हो। उस भूखंड पर मैं एक सुंदर बाग-बगीचा लगाऊँ, जिसमें सुगंधित फूल और मीठे फल खिलें। उस उपवन में पक्षी चहचहाएँ और स्वच्छ वायु पास के तालाब (जलाशय) के जल से स्पर्श होकर वातावरण को शीतल बनाए।

कवि आगे पाठकों से कहते हैं कि संभव है कि आप लोगों के पास अपनी कुछ भूमि हो, जिसमें आपके अपने फलों और फूलों से लदे हुए उपवन (बगीचे) हों। हो सकता है कि आपके पास कोई छोटी सी सुगंधित क्यारी हो या फिर फसलों से लहलहाता हुआ कोई छोटा सा खेत हो।

पद्यांश (3 और 4)
हो सकता है कहीं शांत चौपाए घूम रहे हों
हो सकता है कहीं सहन में पक्षी झूम रहे हों,
तो विनती है यही, कभी मत उस दुनिया को खोना
पेड़ों को मत कटने देना, मत चिड़ियों को रोना।
एक-एक पत्ती पर हम सबके सपने सोते हैं
शाखें कटने पर वे भोले शिशुओं-सा रोते हैं,
पेड़ों के संग बढ़ना सीखो, पेड़ों के संग हिलना
पेड़ों के संग-संग इतराना, पेड़ों के संग हिलना।
भावार्थ (Explanation):

कवि कहते हैं कि यदि तुम्हारे पास कोई ऐसा स्थान है जहाँ चार पैरों वाले पशु (चौपाए) शांति से विचरण कर रहे हों और आँगन (सहन) में पक्षी प्रसन्नता से झूम रहे हों, तो मेरी आपसे यही विनती (प्रार्थना) है कि उस प्राकृतिक संसार को कभी नष्ट मत होने देना। कभी वृक्षों को कटने मत देना, क्योंकि वृक्षों के कटने से पक्षियों का आश्रय छिन जाएगा और वे विलाप करेंगे।

कवि समझाते हैं कि वृक्षों की एक-एक पत्ती पर हमारे जीवन के स्वप्न (साँसें) टिके हुए हैं। जब कोई पेड़ की शाखाओं को काटता है, तो वे वृक्ष भी अबोध बालकों (शिशुओं) के समान पीड़ा से रोते हैं। इसलिए हे मानव! तुम भी वृक्षों के समान पनपना (बढ़ना) और उनके साथ प्रसन्नता से लहराना सीखो।

पद्यांश (5)
बच्चे और पेड़ दुनिया को हरा-भरा रखते हैं
नहीं समझते जो, वे दुष्कर्मों का फल चखते हैं,
आज सभ्यता वहशी बन, पेड़ों को काट रही है
ज़हर फेफड़ों में भर, इंसानो को बाँट रही है।
भावार्थ (Explanation):

कवि का मानना है कि छोटे बालक और हरे-भरे वृक्ष ही इस संसार को आनंदित और खुशहाल रखते हैं। जो अज्ञानी लोग इस सत्य को नहीं समझते, वे अंततः अपने बुरे कर्मों (प्रकृति विनाश) का भयंकर परिणाम भुगतते हैं।

आज की आधुनिक मानव सभ्यता अत्यंत असभ्य और बर्बर (वहशी) हो गई है। वह निर्दयतापूर्वक वनों को नष्ट कर रही है। इन पेड़ों के कटने से वातावरण में विषैला धुआँ (प्रदूषण) फैल रहा है, जो मनुष्य के फेफड़ों को नष्ट कर रहा है।

BASIC SHIKSHA SOLUTION ● WORD MEANINGS
1. शब्दार्थ (Word Meanings)
शब्द अर्थ
दहकआग की लपट / यहाँ अर्थ है 'फसलों का लहलहाना'
सहनआँगन
जलाशयतालाब / सरोवर
अंगहिस्सा / भाग
दुष्कर्मबुरे कर्म / पाप
वहशीअसभ्य / बर्बर / जंगली
चौपाएचार पैरों वाले पशु (जानवर)
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● QUESTION & ANSWERS
UP Board Class 8 Hindi Chapter 4 Solution – विचार और कल्पना
प्रश्न 1: अगर पेड़ न होंगे तो मनुष्य का जीवन कैसा हो जायेगा? इस संबंध में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
उत्तर: यदि पृथ्वी पर वृक्ष नहीं होंगे, तो पर्यावरण असंतुलित हो जाएगा। मनुष्य को श्वास लेने के लिए प्राणवायु (ऑक्सीजन) नहीं मिलेगी। वर्षा नहीं होगी, जिससे चारों ओर सूखा और अकाल पड़ जाएगा। प्रकृति विषैले प्रदूषण से भर जाएगी और अंततः मनुष्य तथा समस्त प्राणियों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
प्रश्न 2: यदि पेड़-पौधे बोलने लगें तो वे अपनी कौन-कौन सी समस्या बतायेंगे ?
उत्तर: यदि पेड़-पौधे बोलने लगें, तो वे मनुष्य द्वारा निर्दयतापूर्वक काटे जाने की पीड़ा बताएंगे। वे कहेंगे कि मानव स्वार्थ के कारण उन्हें उनके मूल स्थान से नष्ट कर रहा है, जिससे उन्हें जल नहीं मिल पा रहा है और उन पर आश्रित पक्षियों के घोंसले उजड़ रहे हैं।
UP Board Class 8 Hindi Chapter 4 Solution – अभ्यास प्रश्नोत्तर
3. कविता से (अभ्यास प्रश्नोत्तर)
प्रश्न 1: "बहुत दिनों से सोच रहा था, थोड़ी-सी धरती पाऊँ" से कवि का क्या आशय है ?
उत्तर: इस पंक्ति से कवि का आशय यह है कि वह बहुत समय से एक छोटा सा स्वतंत्र भूखंड (जमीन) पाना चाहता था, जहाँ वह स्वयं के लिए सुंदर बाग-बगीचे लगा सके और प्रकृति की हरियाली और शुद्ध वायु का आनंद ले सके।
प्रश्न 2: कविता में कवि की क्या चिन्ता है ?
उत्तर: कविता में कवि की मुख्य चिन्ता यह है कि आज की असभ्य और स्वार्थी मानव सभ्यता निरंतर पेड़ों को निर्दयता से काट रही है। जिसके परिणामस्वरूप पर्यावरण में प्रदूषण रूपी विष घुल रहा है और मनुष्य का जीवन संकट में पड़ रहा है।
प्रश्न 3: कवि क्या विनती कर रहा है ?
उत्तर: कवि प्रत्येक मनुष्य से यह विनीत प्रार्थना कर रहा है कि यदि उनके पास हरियाली, खेत, बाग-बगीचे और पशु-पक्षियों का संसार है, तो उसे कभी नष्ट न होने दें। वे पेड़ों को कटने से बचाएं और पक्षियों को निराश्रय होने से रोकें।
प्रश्न 4: बच्चे और पेड़ संसार को हरा-भरा किस प्रकार रखते हैं ?
उत्तर: जिस प्रकार छोटे अबोध बच्चे अपनी निश्छल हँसी और क्रीड़ाओं से घर के वातावरण को सुखद और जीवंत बनाए रखते हैं, ठीक उसी प्रकार पेड़-पौधे भी अपने फल, फूल और प्राणवायु से इस सम्पूर्ण संसार को हरा-भरा, शुद्ध और खुशहाल बनाए रखते हैं।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● GRAMMAR NOTES
4. भाषा की बात (व्याकरण खण्ड - विस्तृत व्याख्या)
प्रश्न 1: प्रेरणार्थक क्रिया (Causative Verb) बनाइए-
व्याकरण ज्ञान (प्रेरणार्थक क्रिया किसे कहते हैं?):

क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि कर्ता (काम करने वाला) स्वयं कार्य न करके, किसी दूसरे व्यक्ति को कार्य करने की प्रेरणा (आदेश) दे रहा है, उसे 'प्रेरणार्थक क्रिया' कहते हैं।
उदाहरण: पढ़ना (स्वयं) ➔ पढ़वाना (दूसरे से)।

मूल क्रिया (स्वयं करना)प्रेरणार्थक क्रिया (दूसरे से करवाना)
खेलनाखिलवाना
रखनारखवाना
घूमनाघुमवाना
काटनाकटवाना
बनानाबनवाना
लिखनालिखवाना
देखनादिखवाना
पिलानापिलवाना
प्रश्न 2: जहाँ पर वर्णों की आवृत्ति से काव्य की शोभा बढ़ती हो वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है। उदाहरण के लिए- संग-संग, एक-एक, बाग-बगीचा, फूल-फल आदि। आप अपनी पुस्तक से खोजकर अनुप्रास अलंकार के दो अन्य उदाहरण लिखिए।
व्याकरण ज्ञान (अनुप्रास अलंकार):

जब काव्य (कविता) में किसी एक व्यंजन वर्ण (अक्षर) की एक से अधिक बार आवृत्ति (पुनरावृत्ति) होती है, जिससे सुनने में एक संगीतात्मक लय उत्पन्न हो, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।

उत्तर: कविता (पुस्तक) से अनुप्रास अलंकार के दो अन्य उदाहरण:
  • पने सोते: (यहाँ 'स' वर्ण की आवृत्ति हुई है।)
  • फूल-ल: (यहाँ 'फ' वर्ण की आवृत्ति हुई है।)
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: पेड़ों के संग बढ़ना सीखो पाठ किस कक्षा में है?
उत्तर: यह पाठ UP Board Class 8 Hindi में शामिल है।
प्रश्न: इस कविता के कवि कौन हैं?
उत्तर: इस कविता के कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना हैं।
प्रश्न: कविता का मुख्य संदेश क्या है?
उत्तर: कविता का मुख्य संदेश पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों की रक्षा करना है।
प्रश्न: Class 8 Hindi Chapter 4 Solution कहाँ मिलेगा?
उत्तर: Basic Shiksha Solution पर इस अध्याय का सम्पूर्ण समाधान उपलब्ध है।
निष्कर्ष
उत्तर: इस प्रकार UP Board Class 8 Hindi Chapter 4 Solution में हमने “पेड़ों के संग बढ़ना सीखो” कविता का सम्पूर्ण सारांश, व्याख्या, शब्दार्थ एवं प्रश्नोत्तर प्रस्तुत किया। यह समाधान परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है।
© 2026 Basic Shiksha Solution | Designed for Students

Comments

Popular posts from this blog

UP Board Enrollment Form Tool 2026-27 | छात्र नवीन नामांकन फॉर्म PDF Generator

Primary Master Time Table Generator 2026-27 | Class 1-5 Time Table Tool UP Board

UP Board General Enrollment Form Tool 2026-27 (कुल छात्र संख्या विवरण) – Online Fill & Print PDF

UP Board Master Time Table Generator Tool 2026 | Editable School Time Table PDF Download

UP Basic Shiksha Parishad Admission Form 2026-27 Online Fill | Download Blank PDF | Class 1 to 8 Form

जनगणना 2027 प्रगणक के कर्तव्य | Census Enumerator Duties Hindi | HLO Guide

UP Basic Shiksha Holiday List 2026 Generator | School Name Wise Holiday List Print (Hindi)

eHRMS Leave Application Generator 2026 | मानव संपदा अवकाश प्रार्थना पत्र PDF डाउनलोड

Class 6 Hindi Chapter 2 Solution | अपना स्थान स्वयं बनाइए

MDM Monthly Calculator (School Wise) | Mid Day Meal Calculation Tool