तृतीयः पाठः - अस्माकं परिवेशः
|| हमारा परिवेश (Our Environment) ||
नमस्ते प्रिय विद्यार्थियों! 🙏
इस पाठ में हम अपने आस-पास के परिवेश जैसे खेल का मैदान, विद्यालय, उपवन (बगीचा) और वहाँ की गतिविधियों के बारे में संस्कृत में पढ़ेंगे और उनका हिंदी अर्थ समझेंगे।
BASIC SHIKSHA SOLUTION
1. खेल का मैदान (क्रीडाक्षेत्रम्)
इदं क्रीडाक्षेत्रम् अस्ति। बालकाः कन्दुकेन खेलन्ति। केचिद् बालकाः वेगेन धावन्ति। वयं नेत्राभ्याम् बालकान् पश्यामः। बालकाः सहचरैः सह क्रीडन्ति। अत्र बालिकाः अपि उत्साहेन क्रीडन्ति।
हिंदी अनुवाद:
यह खेल का मैदान है। लड़के गेंद से खेल रहे हैं। कुछ लड़के तेज दौड़ रहे हैं। हम आँखों से लड़कों को देखते हैं। लड़के मित्रों (साथियों) के साथ खेल रहे हैं। यहाँ लड़कियाँ भी उत्साह (खुशी) से खेल रही हैं।
2. विद्यालय (स्कूल)
विद्यालयाः शिक्षायै भवन्ति। छात्राः पठनाय विद्यालयं गच्छन्ति। वयमपि पठनाय विद्यालयं गच्छामः। यूयमपि विद्यार्जनाय तत्र गच्छथ। ते च ताः च अध्ययनाय एव विद्यालयं गच्छन्ति। सा पुस्तिकाभ्यः पुस्तकालयं गच्छति।
हिंदी अनुवाद:
विद्यालय शिक्षा के लिए होते हैं। छात्र पढ़ने के लिए विद्यालय जाते हैं। हम भी पढ़ने के लिए विद्यालय जाते हैं। तुम सब भी विद्या अर्जित करने के लिए वहाँ जाते हो। वे (लड़के) और वे (लड़कियाँ) अध्ययन के लिए ही विद्यालय जाते हैं। वह (लड़की) पुस्तिकाओं (किताबों) के लिए पुस्तकालय जाती है।
3. उपवन (बगीचा)
इदम् उपवनं ग्रामात् बहिः अस्ति। जनाः गृहेभ्यः अत्र आगच्छन्ति। उपवनरक्षकः कूपात् जलम् आनयति। सः जलेन वृक्षान् च सिञ्चति। यदा फलानि पक्वानि भवन्ति तदा तानि वृक्षेभ्यः पतन्ति। सः उपवनात् फलानि आपणं नयति। जनाः तानि आपणात् गृहं नयन्ति।
हिंदी अनुवाद:
यह बगीचा गाँव के बाहर है। लोग घरों से यहाँ आते हैं। माली (उपवन रक्षक) कुएँ से पानी लाता है। वह पानी से पेड़ों को सींचता है। जब फल पक जाते हैं, तब वे पेड़ों से गिरते हैं। वह बगीचे से फलों को बाजार ले जाता है। लोग उन्हें बाजार से घर ले जाते हैं।
4. बगीचे की सुंदरता
इदम् एकं सुन्दरम् उद्यानम् अस्ति। यदा प्रातः सूर्यस्य प्रकाशः भवति, तदा प्रकाशेन उद्यानस्य शोभा भवति। भ्रमराः कुसुमानाम् उपरि गुञ्जन्ति। कोकिलाः वृक्षाणाम् उपरि कूजन्ति। संजीवस्य माता उद्यानं रक्षति पादपान् सिंचति च।
हिंदी अनुवाद:
यह एक सुन्दर बगीचा है। जब सुबह सूर्य का प्रकाश होता है, तब प्रकाश से बगीचे की शोभा बढ़ जाती है। भँवरे फूलों के ऊपर गूँजते हैं। कोयलें पेड़ों के ऊपर कूकती हैं। संजीव की माता बगीचे की रक्षा करती हैं और पौधों को सींचती हैं।
5. उद्यान भ्रमण और प्रदूषण मुक्ति
प्रातःकाले वयम् उद्यानं गच्छामः। उद्याने जनाः विचरन्ति। उद्याने वटः आम्रः निम्बः अश्वत्थः अन्ये च अपि वृक्षाः सन्ति। खगाः वृक्षेषु निवसन्ति। वृक्षेषु पक्वानि फलानि सन्ति। लतासु कुसुमानि विकसन्ति। उद्याने एकः तडागः अपि अस्ति। जले कमलानि विकसन्ति। कमलेषु भ्रमराः गुंजन्ति। तडागे मत्स्याः अपि सन्ति। सायंकाले बालकाः बालिकाः च उद्याने क्रीडन्ति। सम्प्रति वायु-प्रदूषणस्य दूरीकरणाय नगरे उद्यानम् आवश्यकम्।
हिंदी अनुवाद:
सुबह के समय हम बगीचे में जाते हैं। बगीचे में लोग घूमते हैं। बगीचे में बरगद, आम, नीम, पीपल और अन्य वृक्ष भी हैं। पक्षी पेड़ों पर रहते हैं। पेड़ों पर पके हुए फल हैं। लताओं (बेलों) पर फूल खिलते हैं। बगीचे में एक तालाब भी है। पानी में कमल खिलते हैं। कमलों पर भँवरे गूँजते हैं। तालाब में मछलियाँ भी हैं। शाम को लड़के और लड़कियाँ बगीचे में खेलते हैं। इस समय वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए नगर में बगीचा होना आवश्यक है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION • UP BOARD
2. एकपदेन उत्तरत (एक शब्द में उत्तर दें)
| प्रश्न (Question) |
उत्तर (Answer) |
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(क) बालकाः केन क्रीडन्ति?
(लड़के किससे खेलते हैं?)
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कन्दुकेन
(गेंद से)
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(ख) छात्राः किमर्थं विद्यालयं गच्छन्ति?
(छात्र किसलिए विद्यालय जाते हैं?)
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पठनाय (विद्यार्जनाय)
(पढ़ने के लिए)
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(ग) फलानि केभ्यः पतन्ति?
(फल किनसे गिरते हैं?)
|
वृक्षेभ्यः
(वृक्षों से)
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(घ) प्रातः कस्य प्रकाशः भवति?
(सुबह किसका प्रकाश होता है?)
|
सूर्यस्य
(सूर्य का)
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(ङ) भ्रमराः कुत्र गुञ्जन्ति?
(भँवरे कहाँ गूँजते हैं?)
|
कुसुमानाम् उपरि
(फूलों के ऊपर)
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3. मञ्जूषातः पदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत
| वाक्य (Sentence) |
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(क) विद्यालयाः शिक्षायै भवन्ति।
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(ख) उपवनरक्षकः कूपात् जलम् आनयति।
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(ग) भ्रमराः कुसुमानाम् उपरि गुञ्जन्ति।
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(घ) खगाः वृक्षेषु निवसन्ति।
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4. विभक्तिं वचनं च लिखत (विभक्ति और वचन लिखें)
| शब्द |
विभक्ति |
वचन |
| पुस्तिकाभ्यः |
चतुर्थी |
बहुवचनम् |
| वृक्षेषु |
सप्तमी |
बहुवचनम् |
| कुसुमानाम् |
षष्ठी |
बहुवचनम् |
| कन्दुकेन |
तृतीया |
एकवचनम् |
| सहचरैः |
तृतीया |
बहुवचनम् |
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5. कोष्ठकात् उचितपदानि चित्वा वाक्यानि पूरयत
| वाक्य (Sentence) |
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(क) वयं नेत्राभ्याम् चित्राणि पश्यामः। (नेत्राभ्याम्/नेत्रेण)
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(ख) ते शिक्षायै विद्यालयं गच्छन्ति। (शिक्षाभ्यः/शिक्षायै)
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|
(ग) जनाः गृहात् आपणं आगच्छन्ति। (गृहेण/गृहात्)
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(घ) भ्रमराः पुष्पाणाम् उपरि गुञ्जन्ति। (पुष्पेभ्यः/पुष्पाणाम्)
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(ङ) वृक्षेषु पक्वानि फलानि सन्ति। (वृक्षेषु/वृक्षेण)
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6. रेखांकितशब्दानाम् विलोमं लिखत (विलोम शब्द लिखें)
| वाक्य |
विलोम शब्द (Antonym) |
| (क) बालिकाः अपि उत्साहेन क्रीडन्ति। |
दुःखेन (दुःख से) |
| (ख) बालकः मन्दस्वरेण गीतं गायति। |
उच्चस्वरेण (ऊँचे स्वर में) |
| (ग) प्रातःकाले वयं उद्यानं गच्छामः। |
सायंकाले (शाम को) |
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व्याकरण-संकेतः (Grammar Hint):
1. तृतीया विभक्ति: 'सह' (साथ) शब्द के योग में तृतीया विभक्ति का प्रयोग होता है। जैसे- सहचरैः सह (मित्रों के साथ)।
2. चतुर्थी विभक्ति: 'देने' के अर्थ में या 'जिसके लिए' कार्य किया जाए, उसमें चतुर्थी विभक्ति होती है। जैसे- शिक्षायै (शिक्षा के लिए)।
3. पञ्चमी विभक्ति: 'अलग होने' (Separation) के अर्थ में पञ्चमी विभक्ति होती है। जैसे- वृक्षात् पत्राणि पतन्ति (वृक्ष से पत्ते गिरते हैं)।
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स्मरणीयम् : (याद रखें - अच्छी आदतें)
आज्ञां मानय मान्य-जनानाम्
मान्य (आदरणीय) लोगों की आज्ञा मानो।
न कुरु विलम्बं शौचे स्नाने
शौच और स्नान में देर मत करो।
न कुरु विलम्बं भोजन-पाने
खाने और पीने में देर मत करो।
न कुरु विलम्बं विद्याग्रहणे
विद्या ग्रहण करने में देर मत करो।
अप्रियस्य च पथ्यस्य वक्ता श्रोता च दुर्लभः
अर्थ: अप्रिय (कड़वा) लेकिन हितकारी (फायदेमंद) वचन बोलने वाला और सुनने वाला, दोनों ही दुर्लभ होते हैं।
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