UP Board Class 6 Science Chapter 13 ऊर्जा Solution
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 6 SCIENCE SOLUTION
📖 पाठ का संक्षिप्त परिचय:
UP Board Class 6 Science Chapter 13 ऊर्जा भौतिक विज्ञान का एक अत्यंत रोचक एवं
उपयोगी अध्याय है। इसमें कार्य की वैज्ञानिक अवधारणा, ऊर्जा की परिभाषा, ऊर्जा एवं कार्य में
सम्बन्ध, ऊर्जा के विभिन्न रूप (यांत्रिक, रासायनिक, ध्वनि, प्रकाश, ऊष्मीय, विद्युत, चुम्बकीय)
तथा ऊर्जा के नवीकरणीय व अनवीकरणीय स्रोतों का विस्तार से वर्णन है। इस पोस्ट में
UP Board Class 6 Science Chapter 13 Solution के सभी प्रश्नों के उत्तर सरल
हिन्दी में प्रस्तुत हैं।
UP Board Class 6 Science Chapter 13 Solution:
कार्य का सूत्र W=F×S, ऊर्जा की परिभाषा, ऊर्जा के सात रूप, ईंधन की परिभाषा,
नवीकरणीय व अनवीकरणीय स्रोत, बायोगैस प्लांट — सभी का परीक्षा उपयोगी समाधान यहाँ है।
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Basic Shiksha Solution ● बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) कोयले में होती है —
(i) ध्वनि ऊर्जा
(ii) रासायनिक ऊर्जा
(iii) विद्युत ऊर्जा
(iv) यांत्रिक ऊर्जा
✅ उत्तर: (ii) रासायनिक ऊर्जा
💡 व्याख्या: कोयला एक ईंधन है जिसमें ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित रहती है।
जब कोयले को जलाया जाता है तो रासायनिक अभिक्रिया द्वारा यह संचित ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा
और प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित होती है। ठीक इसी प्रकार पेट्रोल, डीजल और भोजन में भी
ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित रहती है — दहन अथवा पाचन के बाद यह मुक्त होती है।
📌 रासायनिक ऊर्जा के उदाहरण: कोयला, पेट्रोल, डीजल, एल.पी.जी., भोजन, बैटरी — इन सभी में ऊर्जा रासायनिक रूप में छुपी होती है।
(ख) गतिमान रेलगाड़ी में ऊर्जा है —
(i) ऊष्मीय ऊर्जा
(ii) ध्वनि ऊर्जा
(iii) रासायनिक ऊर्जा
(iv) यांत्रिक ऊर्जा
✅ उत्तर: (iv) यांत्रिक ऊर्जा
💡 व्याख्या: यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) वह ऊर्जा है जो किसी वस्तु में
उसकी गति या स्थिति के कारण होती है। गतिमान रेलगाड़ी में यांत्रिक ऊर्जा है क्योंकि वह गति
कर रही है और कार्य करने में सक्षम है — जैसे किसी वस्तु से टकराने पर उसे विस्थापित कर सकती
है। गतिमान वायु, बहता पानी, खींची हुई रबड़, तीर-कमान में भी यांत्रिक ऊर्जा होती है।
📌 यांत्रिक ऊर्जा के उदाहरण: गतिमान रेलगाड़ी, बहता पानी, गतिमान वायु, खींची रबड़, चाबी भरा खिलौना, घूमता पहिया।
(ग) ऊर्जा का अनवीकरणीय स्रोत है —
(i) बायोमास
(ii) जल
(iii) कोयला
(iv) पवन (वायु)
✅ उत्तर: (iii) कोयला
💡 व्याख्या: अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत वे हैं जो एक बार समाप्त होने पर पुनः प्राप्त
नहीं किए जा सकते। कोयला पृथ्वी की गहराई में लाखों वर्षों में बना है और इसका भण्डार सीमित है।
एक बार जलाने के बाद यह समाप्त हो जाता है। बायोमास, जल और पवन नवीकरणीय स्रोत हैं क्योंकि
प्रकृति इनकी आपूर्ति निरन्तर करती रहती है।
📌 अनवीकरणीय स्रोत: कोयला, पेट्रोल, डीजल, प्राकृतिक गैस — ये सब जीवाश्म ईंधन हैं।
नवीकरणीय स्रोत: सौर ऊर्जा, वायु, जल, बायोमास, बायोगैस।
(घ) ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत है —
(i) पेट्रोल
(ii) सौर ऊर्जा
(iii) डीजल
(iv) लकड़ी
✅ उत्तर: (ii) सौर ऊर्जा
💡 व्याख्या: सौर ऊर्जा पूरी तरह से नवीकरणीय है — सूर्य से प्रकाश और ऊष्मा के
रूप में ऊर्जा अनवरत प्राप्त होती रहती है और यह कभी समाप्त नहीं होती। पेट्रोल और डीजल
जीवाश्म ईंधन हैं और अनवीकरणीय हैं। लकड़ी को यद्यपि उगाया जा सकता है, फिर भी वनों की
कटाई के कारण यह पूरी तरह नवीकरणीय नहीं मानी जाती — इसलिए यहाँ सौर ऊर्जा सही उत्तर है।
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Basic Shiksha Solution ● सही / गलत
(क) किया गया कार्य बल के परिमाण पर निर्भर नहीं करता।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: यह कथन पूरी तरह गलत है। कार्य का सूत्र है — W = F × S।
इससे स्पष्ट है कि कार्य दो चीज़ों पर निर्भर करता है — (1) लगाए गए बल की मात्रा (F) और
(2) बल की दिशा में हुए विस्थापन (S)। यदि बल अधिक हो तो कार्य अधिक होगा और यदि बल कम
हो तो कार्य कम होगा। इसलिए कार्य सीधे बल के परिमाण पर निर्भर करता है।
📌 सुधरा कथन: "किया गया कार्य बल के परिमाण और विस्थापन दोनों पर निर्भर करता है।"
(ख) जल ऊर्जा तथा सौर ऊर्जा, ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोत हैं।
✅ उत्तर: सही (√)
💡 व्याख्या: जल ऊर्जा और सौर ऊर्जा दोनों नवीकरणीय (Renewable) स्रोत हैं।
सूर्य से ऊर्जा अरबों वर्षों तक मिलती रहेगी और नदियों में जल चक्र के कारण निरन्तर बहता रहता है।
इन दोनों स्रोतों का उपयोग करने से वातावरण प्रदूषित नहीं होता और ये कभी समाप्त नहीं होते —
इसीलिए इन्हें नवीकरणीय या पुनः प्राप्त होने वाले स्रोत कहते हैं।
(ग) ध्वनि ऊर्जा नहीं है।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: यह कथन गलत है। ध्वनि निश्चित रूप से एक प्रकार की ऊर्जा है।
जब कोई ध्वनि तरंग कान के पर्दे पर पड़ती है तो वह कम्पन उत्पन्न करती है — यह कम्पन ऊर्जा
के कारण ही होता है। तेज़ पटाखे की आवाज़ से खिड़कियाँ काँपती हैं, बादल के गर्जन से दरवाज़े
हिलते हैं — यह सिद्ध करता है कि ध्वनि में कार्य करने की क्षमता (ऊर्जा) होती है।
📌 सुधरा कथन: "ध्वनि एक प्रकार की ऊर्जा है।" ध्वनि ऊर्जा ही हमें सुनने का अनुभव कराती है।
(घ) बल के लिए ऊर्जा आवश्यक है।
✅ उत्तर: सही (√)
💡 व्याख्या: यह कथन सत्य है। कोई भी कार्य बिना ऊर्जा के सम्भव नहीं है। बल लगाने
के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है — चाहे वह मांसपेशियों की ऊर्जा हो (भोजन से मिली),
विद्युत ऊर्जा हो, या ईंधन से मिली ऊष्मीय ऊर्जा हो। जब शरीर में ऊर्जा की कमी होती है
(थकान) तो हम बल लगाने में असमर्थ हो जाते हैं — यही इस कथन का प्रमाण है।
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Basic Shiksha Solution ● रिक्त स्थान पूर्ति
(क) कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।
💡 व्याख्या: ऊर्जा की परिभाषा यही है — कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।
किसी वस्तु में जितनी अधिक ऊर्जा होगी, वह उतना अधिक कार्य कर सकेगी। उदाहरण के लिए —
तेज़ गति से आती गेंद धीमी गेंद की तुलना में अधिक ऊर्जा रखती है और टकराने पर अधिक
विस्थापन उत्पन्न करती है।
(ख) चाबी द्वारा ऐंठी गयी कमानी में यांत्रिक ऊर्जा होती है।
💡 व्याख्या: जब चाबी घुमाकर खिलौने की कमानी (Spring) को ऐंठा जाता है तो
उसमें यांत्रिक ऊर्जा (विशेषतः स्थितिज ऊर्जा का एक रूप — प्रत्यास्थ स्थितिज ऊर्जा)
संचित हो जाती है। जब कमानी खुलती है तो यह संचित ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है
और खिलौना चलने लगता है।
(ग) पावर प्लांट द्वारा विद्युत का उत्पादन होता है।
💡 व्याख्या: ताप-विद्युत संयन्त्र (Thermal Power Plant), जल-विद्युत संयन्त्र तथा
सौर ऊर्जा संयन्त्र — सभी पावर प्लांट का उद्देश्य विद्युत का उत्पादन करना है।
ताप-विद्युत संयन्त्र में कोयले को जलाकर भाप बनाई जाती है जो टरबाइन घुमाती है और
इससे विद्युत उत्पन्न होती है।
(घ) टॉर्च का सेल रासायनिक ऊर्जा का स्रोत है।
💡 व्याख्या: टॉर्च का सेल (Cell/Battery) रासायनिक ऊर्जा का स्रोत है।
सेल के अन्दर रासायनिक पदार्थ (जैसे — जिंक, मैंगनीज डाइऑक्साइड, अमोनियम क्लोराइड)
होते हैं। जब सेल को परिपथ से जोड़ा जाता है तो रासायनिक अभिक्रिया द्वारा
रासायनिक ऊर्जा → विद्युत ऊर्जा → प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित होती है।
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Basic Shiksha Solution ● एक वाक्य में उत्तर
(क) भोजन में ऊर्जा किस रूप में होती है?
उत्तर: भोजन में ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित होती है।
💡 विस्तृत व्याख्या: भोजन में उपस्थित कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा में ऊर्जा
रासायनिक बन्धों के रूप में संचित रहती है। शरीर में भोजन के पाचन के उपरान्त ऑक्सीजन की
उपस्थिति में रासायनिक अभिक्रियाएँ होती हैं जिनसे यह संचित ऊर्जा मुक्त होती है।
इसी ऊर्जा से शरीर के सभी कार्य — चलना, सोचना, साँस लेना — सम्भव होते हैं।
(ख) कार्य का MKS व CGS मात्रक क्या है?
उत्तर: कार्य का MKS (S.I.) मात्रक जूल (Joule) है तथा CGS मात्रक अर्ग (Erg) है।
💡 व्याख्या: कार्य का सूत्र — W = F × S (बल × विस्थापन)।
जब बल न्यूटन में और विस्थापन मीटर में हो तो कार्य का मात्रक = न्यूटन × मीटर = जूल।
जब बल डाइन में और दूरी सेन्टीमीटर में हो तो कार्य का मात्रक = डाइन × सेमी = अर्ग।
दोनों में सम्बन्ध: 1 जूल = 10⁷ अर्ग।
(ग) पटाखे में किस प्रकार की ऊर्जा होती है?
उत्तर: पटाखे में रासायनिक ऊर्जा होती है जो जलने पर प्रकाश ऊर्जा, ध्वनि ऊर्जा और ऊष्मीय ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।
💡 व्याख्या: पटाखे में बारूद (Gunpowder) भरी होती है। बारूद में पोटेशियम नाइट्रेट,
लकड़ी का कोयला और सल्फर जैसे रसायन होते हैं। इनमें रासायनिक ऊर्जा संचित होती है।
जब पटाखे में आग लगती है तो विस्फोट होता है और यह रासायनिक ऊर्जा एक साथ प्रकाश,
ध्वनि और ऊष्मा — तीनों रूपों में परिवर्तित हो जाती है।
(घ) कार्य और ऊर्जा में क्या सम्बन्ध है?
उत्तर: ऊर्जा और कार्य में सम्बन्ध एक सिक्के के दो पहलू की तरह है — वस्तु पर किया गया कार्य ऊर्जा के रूप में संचित होता है और ऊर्जायुक्त वस्तु कार्य करने में सक्षम होती है।
💡 विस्तृत व्याख्या: ऊर्जा और कार्य का मात्रक एक ही है — जूल। जब स्प्रिंग को
दबाया जाता है तो उस पर कार्य किया जाता है और वह कार्य स्प्रिंग में ऊर्जा के रूप में संचित
हो जाता है। जब स्प्रिंग खुलती है तो वह संचित ऊर्जा से गेंद पर बल लगाती है अर्थात् कार्य
करती है। इस प्रकार दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं — जहाँ ऊर्जा है वहाँ कार्य करने की
क्षमता है, और जहाँ कार्य होता है वहाँ ऊर्जा का उपयोग होता है।
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उत्तर:
ईंधन (Fuel) की परिभाषा: वे पदार्थ जिन्हें जलाने पर ऊष्मीय ऊर्जा प्राप्त होती है
और जिनका उपयोग कार्य करने के लिए किया जाता है, ईंधन कहलाते हैं। दूसरे शब्दों में —
वे ज्वलनशील पदार्थ जो अपनी रासायनिक ऊर्जा को दहन (जलने) की क्रिया द्वारा ऊष्मा और
प्रकाश के रूप में मुक्त करते हैं, ईंधन कहलाते हैं।
🔥 पाँच प्रमुख ईंधनों के नाम एवं उपयोग
| ईंधन | प्रकार | मुख्य उपयोग |
| 1. कोयला (Coal) | ठोस ईंधन | बिजलीघर, भाप-इंजन, उद्योग |
| 2. पेट्रोल (Petrol) | द्रव ईंधन | मोटरसाइकिल, कार, पेट्रोल इंजन |
| 3. डीजल (Diesel) | द्रव ईंधन | ट्रक, बस, ट्रैक्टर, डीजल इंजन |
| 4. एल.पी.जी. (LPG) | गैसीय ईंधन | घरों में खाना पकाना |
| 5. लकड़ी (Wood) | ठोस ईंधन | ग्रामीण क्षेत्रों में खाना पकाना, ऊष्मा |
💡 अन्य ईंधन: प्राकृतिक गैस (CNG), मिट्टी का तेल (Kerosene), बायोगैस, गोबर-उपले।
ईंधन में रासायनिक ऊर्जा संचित होती है जो दहन के बाद ऊष्मीय + प्रकाश ऊर्जा में बदल जाती है।
📌 आदर्श ईंधन के गुण: अधिक ऊष्मा उत्पन्न करे, जलाने में आसान हो, हानिकारक धुआँ न छोड़े, सस्ता और आसानी से उपलब्ध हो, भण्डारण एवं परिवहन में सुरक्षित हो।
उत्तर:
बायोगैस / गोबर गैस: कूड़ा-करकट, फसल के अवशेष, जल, मल-मूत्र, गोबर आदि
बायोमास को जब ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में अपघटित किया जाता है तो बायोगैस प्राप्त होती है।
बायोगैस मुख्यतः मीथेन (CH₄) और कुछ अन्य गैसों का मिश्रण होती है।
🏭 गोबर गैस प्लांट (Biogas Plant) का नामांकित चित्र
← गैस पाइप (Gas Outlet) ←←←←←←←←←←←
↓
┌──────────────────────────────────────────────────┐
│ गैस संग्रहण कक्ष (Gas Tank) │
│ ╔══════════════════════════════════════╗ │
│ ║ घूमने वाला ड्रम / फ्लोटिंग ║ │
│ ║ गुम्बद (Drum) ║ │
│ ╚══════════════════════════════════════╝ │
│ ┌────────────────────────────────────────────┐ │
│ │ किण्वन कक्ष (Digester Tank) │ │
│ │ │ │
│ │ गोबर + जल का मिश्रण (Slurry) │ │
│ │ (अवायवीय किण्वन / Anaerobic Digestion) │ │
│ └────────────────────────────────────────────┘ │
│ ↑ ↓ │
│ प्रवेश पाइप निकास पाइप │
│ (Inlet Pipe) (Outlet Pipe) │
│ ← गोबर + पानी बचा स्लरी → │
│ डालने का (खाद के रूप │
│ रास्ता में उपयोग) │
└──────────────────────────────────────────────────┘
🌿 बायोगैस का उपयोग
- ➤
खाना पकाने में: बायोगैस का सबसे प्रमुख उपयोग ग्रामीण घरों में खाना पकाने के लिए होता है। यह LPG की तरह जलती है और धुआँ नहीं करती।
- ➤
प्रकाश उत्पन्न करने में: बायोगैस को जलाकर गैस-लालटेन या गैस-बल्ब के माध्यम से प्रकाश उत्पन्न किया जा सकता है।
- ➤
बिजली उत्पादन में: बड़े बायोगैस संयन्त्रों में बायोगैस से जनरेटर चलाकर विद्युत उत्पन्न की जा सकती है।
- ➤
वाहन ईंधन के रूप में: शुद्ध मीथेन (बायोगैस) को CNG की तरह वाहनों में ईंधन के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
- ➤
बचे हुए स्लरी का उपयोग: किण्वन के बाद बचा हुआ पदार्थ (स्लरी) अत्यन्त उत्तम जैव खाद (Bio-fertilizer) होती है जो खेती में उपयोगी है।
💡 बायोगैस के लाभ: यह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत है। इसके उपयोग से वातावरण कम प्रदूषित होता है। जानवरों का गोबर और कचरा जो अन्यथा व्यर्थ जाता, उससे ऊर्जा और खाद दोनों प्राप्त होती हैं — यह पूर्णतः "अपशिष्ट से ऊर्जा (Waste to Energy)" का उत्तम उदाहरण है।
📌 बायोगैस की संरचना: मीथेन (CH₄) — लगभग 50-70% | CO₂ — लगभग 25-45% | अन्य गैसें — शेष।
मीथेन ही ईंधन के रूप में जलती है।
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 6 SCIENCE SOLUTION
| ऊर्जा का रूप | परिभाषा/विवरण | उदाहरण |
| यांत्रिक ऊर्जा |
वस्तु की गति या स्थिति के कारण उपस्थित ऊर्जा |
गतिमान रेलगाड़ी, बहता पानी, खींची रबड़, चाबी भरा खिलौना |
| रासायनिक ऊर्जा |
रासायनिक बन्धों में संचित ऊर्जा |
भोजन, कोयला, पेट्रोल, बैटरी, पटाखे |
| ध्वनि ऊर्जा |
ध्वनि तरंगों में निहित ऊर्जा |
बोलने की आवाज़, बादल का गर्जन, पटाखे की आवाज़ |
| प्रकाश ऊर्जा |
विद्युत-चुम्बकीय विकिरण के रूप में ऊर्जा |
सूर्य का प्रकाश, बल्ब, LED, सौर सेल |
| ऊष्मीय ऊर्जा |
ताप के रूप में उपस्थित ऊर्जा |
भाप का इंजन, उबलता पानी, गर्म चाय |
| विद्युत ऊर्जा |
विद्युत धारा प्रवाह में उपस्थित ऊर्जा |
पंखा, बल्ब, मोटर, कारखाने की मशीन |
| चुम्बकीय ऊर्जा |
चुम्बक के गुणों के कारण उपस्थित ऊर्जा |
चुम्बक द्वारा लोहे को आकर्षित करना |
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 6 SCIENCE SOLUTION
BASIC SHIKSHA SOLUTION ● UPBOARD CLASS 6 SCIENCE SOLUTION
प्रश्न: ऊर्जा किसे कहते हैं?
उत्तर: कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। ऊर्जा और कार्य दोनों का S.I. मात्रक जूल है।
प्रश्न: नवीकरणीय और अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत में क्या अन्तर है?
उत्तर: नवीकरणीय स्रोत (जैसे — सूर्य, वायु, जल) बार-बार उपयोग किए जा सकते हैं और कभी समाप्त नहीं होते, जबकि अनवीकरणीय स्रोत (जैसे — कोयला, पेट्रोल) एक बार समाप्त होने पर पुनः प्राप्त नहीं होते।
प्रश्न: कार्य कब नहीं होता?
उत्तर: यदि विस्थापन शून्य हो या बल की दिशा के लम्बवत् हो तो वैज्ञानिक दृष्टि से कार्य शून्य होता है — चाहे कितना भी बल लगाया जाए।
प्रश्न: UP Board Class 6 Science Chapter 13 Solution कहाँ मिलेगा?
उत्तर: Basic Shiksha Solution पर इस अध्याय का सम्पूर्ण समाधान सरल हिन्दी में उपलब्ध है।
निष्कर्ष:
इस प्रकार UP Board Class 6 Science Chapter 13 ऊर्जा Solution में हमने कार्य
की वैज्ञानिक अवधारणा (W=F×S), ऊर्जा की परिभाषा, कार्य और ऊर्जा में सम्बन्ध, ऊर्जा के
सात विभिन्न रूप, ईंधन की परिभाषा, नवीकरणीय व अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत तथा बायोगैस
प्लांट की संरचना और उपयोग — सभी विषयों का विस्तार से अध्ययन किया। यह अध्याय
परीक्षा की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण है।
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- 👉 UP Board Class 6 Science Chapter 6 Solution — जीव जगत
- 👉 UP Board Class 6 Science Chapter 7 Solution — जीवों में अनुकूलन
- 👉 UP Board Class 6 Science Chapter 8 Solution — जन्तु की संरचना व कार्य
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