इकाई 9: भोजन एवं स्वास्थ्य
|| UP Board Class 6 Science — Complete Solution ||
📖 पाठ का संक्षिप्त परिचय:
इस पाठ में हम जानेंगे कि भोजन क्यों आवश्यक है और भोजन के स्रोत क्या हैं। भोजन में पाये जाने वाले पोषक तत्व — कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन्स और खनिज लवण — हमारे शरीर को स्वस्थ रखते हैं। संतुलित आहार वह है जिसमें सभी पोषक तत्व उचित मात्रा में हों। लंबे समय तक संतुलित आहार न मिलना कुपोषण है। जल और रेशेदार भोजन भी शरीर के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
Basic Shiksha Solution ● बहुविकल्पीय प्रश्न
(क) दाल से पोषक तत्व मिलता है —
(i) कार्बोहाइड्रेट
(ii) प्रोटीन
(iii) वसा
(iv) खनिज लवण
✅ उत्तर: (ii) प्रोटीन
💡 व्याख्या: दालें जैसे चना, मटर, मूँग, मसूर, उड़द, सोयाबीन प्रोटीन के प्रमुख पादप स्रोत हैं। प्रोटीन एक जटिल कार्बनिक पदार्थ है जो त्वचा, रक्त, माँसपेशियों तथा हड्डियों के विकास के लिए आवश्यक होता है। प्रोटीन शरीर के घाव को भरने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है। प्रोटीन की कमी से क्वाशरकोर रोग हो जाता है।
(ख) विटामिन A की कमी से होता है —
(i) एनीमिया
(ii) रतौंधी
(iii) गाँठ
(iv) दाँतों में सूजन
✅ उत्तर: (ii) रतौंधी
💡 व्याख्या: विटामिन A अण्डे, मक्खन, घी, मछली का तेल, हरी सब्जियाँ और गाजर आदि में पाया जाता है। इसकी कमी से रतौंधी (Night Blindness) नामक रोग होता है जिसमें रात में ठीक से दिखाई नहीं देता। विटामिन A वसा में घुलनशील विटामिन है। एनीमिया आयरन की कमी से, दाँतों में सूजन विटामिन C की कमी (स्कर्वी) से होता है।
Basic Shiksha Solution ● सही / गलत
अ. विटामिन A की कमी से रतौंधी रोग होता है।
✅ उत्तर: सही (√)
💡 व्याख्या: यह कथन सही है। विटामिन A की कमी से रतौंधी (Night Blindness) होती है जिसमें रात में या कम रोशनी में ठीक से दिखाई नहीं देता। विटामिन A आँखों की रेटिना में रोडॉप्सिन नामक वर्णक बनाने में सहायक है जो कम प्रकाश में देखने के लिए आवश्यक है।
ब. आलू में कार्बोहाइड्रेट होता है।
✅ उत्तर: सही (√)
💡 व्याख्या: यह कथन सही है। आलू कार्बोहाइड्रेट का प्रमुख स्रोत है — इसमें स्टार्च (मंड) के रूप में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। आलू के अतिरिक्त शकरकंद, चावल, गेहूँ, मक्का, बाजरा, ज्वार, गन्ना आदि भी कार्बोहाइड्रेट के मुख्य स्रोत हैं। कार्बोहाइड्रेट शरीर में ऊर्जा उत्पन्न करने का प्रमुख स्रोत है।
स. काजू तथा बादाम, सूखे मेवे नहीं हैं।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: यह कथन गलत है। काजू, कशमश, बादाम, अखरोट, पिस्ता, चिरौंजी — ये सभी सूखे मेवे (Dry Fruits) कहे जाते हैं। ये पौष्टिक और ऊर्जादायक होते हैं। इनमें प्रोटीन, वसा और विटामिन पाये जाते हैं।
📌 सुधार: "काजू तथा बादाम सूखे मेवे हैं।"
द. पनीर दूध उत्पाद नहीं है।
❌ उत्तर: गलत (✗)
💡 व्याख्या: यह कथन गलत है। पनीर दूध से बना उत्पाद है। दूध को गरम करके उसमें नींबू का रस या सिरका मिलाकर पनीर बनाया जाता है। दूध उत्पादों में दूध, दही, पनीर, मक्खन, घी, छाछ, क्रीम आदि शामिल हैं। ये सब प्रोटीन और कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं।
📌 सुधार: "पनीर दूध का उत्पाद है।"
य. विटामिन C खट्टे फलों में पाया जाता है।
✅ उत्तर: सही (√)
💡 व्याख्या: यह कथन सही है। विटामिन C नींबू, आँवला, मौसमी, संतरा, टमाटर आदि खट्टे फलों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। विटामिन C जल में घुलनशील है। इसकी कमी से स्कर्वी रोग होता है जिसमें मसूड़ों में सूजन, दाँत से खून आना जैसे लक्षण होते हैं।
Basic Shiksha Solution ● रिक्त स्थान पूर्ति
अ. दाल में प्रोटीन नामक पोषक तत्व पाया जाता है।
💡 व्याख्या: चना, मटर, मूँग, मसूर, उड़द, सोयाबीन जैसी दालें प्रोटीन का प्रमुख स्रोत हैं। प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं का निर्माण करता है, घावों को भरता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। 1 ग्राम प्रोटीन में 4 कैलोरी ऊर्जा होती है।
ब. कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा देने वाले भोज्य पदार्थ हैं।
💡 व्याख्या: कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा उत्पन्न करने का प्रमुख स्रोत है। शरीर को कार्बोहाइड्रेट दो प्रकार से मिलते हैं — मंड (Starch) और चीनी (Glucose)। चावल, आलू, गेहूँ, मक्का, गन्ना इसके मुख्य स्रोत हैं। इसकी कमी से शरीर में दुर्बलता और वजन कम होता है।
स. विटामिन एवं खनिज लवण विभिन्न रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।
💡 व्याख्या: विटामिन और खनिज लवण रक्षात्मक पदार्थ कहे जाते हैं। ये हरी सब्जियों और फलों से प्राप्त होते हैं और शरीर को विभिन्न रोगों से सुरक्षित रखते हैं। थोड़ी मात्रा में भी आवश्यक होते हैं — इनकी कमी से अभावजन्य बीमारियाँ (Deficiency Diseases) हो जाती हैं।
द. हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
💡 व्याख्या: 7 अप्रैल 1948 को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की स्थापना हुई थी। इसी उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) मनाया जाता है। इस दिन विश्व भर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं।
य. तेलीय खाद्य सामग्रियाँ प्रतिदिन 60-70 ग्राम खानी चाहिए।
💡 व्याख्या: एक स्वस्थ वयस्क के लिए प्रतिदिन 60-70 ग्राम वसा का प्रयोग आवश्यक है। वसा की अधिकता से पाचन संबंधी दिक्कतें, मधुमेह और हृदय-रोग हो जाते हैं। वसा की कमी से शरीर की कार्यक्षमता कम हो जाती है। 1 ग्राम वसा में 9 कैलोरी ऊर्जा होती है।
Basic Shiksha Solution ● सही जोड़े बनाइए
| स्तम्भ (क) |
✅ सही जोड़ — स्तम्भ (ख) |
| क. प्रोटीन | ✅ (स) विभिन्न प्रकार की दाल |
| ख. कार्बोहाइड्रेट | ✅ (द) चावल |
| ग. विटामिन एवं खनिज लवण | ✅ (य) हरी सब्जियाँ |
| घ. वसा के स्रोत | ✅ (ब) वनस्पति तेल |
| ङ. आयरन की कमी से होने वाला रोग | ✅ (अ) एनीमिया |
💡 स्मरण सूत्र: दाल = प्रोटीन (D से Daal, P से Protein)। चावल, आलू = कार्बोहाइड्रेट (ऊर्जा देते हैं)। हरी सब्जियाँ = विटामिन + खनिज लवण (रक्षात्मक)। वनस्पति तेल = वसा (शक्तिदायक ईंधन)। आयरन की कमी = एनीमिया (खून की कमी — नाखून सफेद पड़ना)।
Basic Shiksha Solution ● लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
उत्तर:
सामान्यतः पूरे दिन में जो कुछ भी हम खाते हैं उसे आहार कहते हैं। जिस आहार में सभी पोषक तत्व — कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण — उचित मात्रा में उपस्थित हों, साथ ही जल और रेशेदार पदार्थ भी शामिल हों — उसे संतुलित आहार (Balanced Diet) कहते हैं।
📘 संतुलित आहार में क्या-क्या शामिल होना चाहिए?
मोटे अनाज का आटा, दाल, हरी सब्जियाँ, मौसमी फल, दूध-दही, अंकुरित अनाज, पर्याप्त जल (2-3 लीटर/दिन) और घर का बना ताजा भोजन।
📌 महत्वपूर्ण: संतुलित आहार न लेने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी होती है, शरीर कमजोर होता है और कुपोषण जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। "जैसा खाओगे अन्न, वैसा बनेगा मन।"
उत्तर:
भोजन में पाये जाने वाले वे तत्व या अवयव जो हमारे शरीर की वृद्धि, विकास एवं स्वस्थ रहने के लिए आवश्यक हैं — पोषक तत्व (Nutrients) कहलाते हैं। भोजन में पाये जाने वाले विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों द्वारा शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना ही पोषण (Nutrition) है।
भोजन में पाये जाने वाले मुख्य पोषक तत्व निम्नलिखित हैं —
- 1
कार्बोहाइड्रेट — ऊर्जा का प्रमुख स्रोत। चावल, आलू, गेहूँ, गन्ना आदि।
- 2
प्रोटीन — शरीर की वृद्धि एवं निर्माण। दाल, सोयाबीन, अण्डा, माँस आदि।
- 3
वसा — ऊर्जा व गर्मी का स्रोत। तेल, घी, मक्खन, मेवे आदि।
- 4
विटामिन्स — रक्षात्मक पदार्थ। हरी सब्जियाँ, फल, दूध आदि।
- 5
खनिज लवण — शरीर की क्रियाशीलता बनाये रखना। आयरन, कैल्शियम, आयोडीन आदि।
उत्तर:
| प्रोटीन के मुख्य स्रोत |
कार्बोहाइड्रेट के मुख्य स्रोत |
| 1. चना, मटर, मूँग, मसूर (दालें) | 1. चावल, गेहूँ, मक्का, बाजरा (अनाज) |
| 2. सोयाबीन, उड़द | 2. आलू, शकरकंद |
| 3. अण्डा, माँस, मछली | 3. गन्ना, चुकन्दर, खजूर |
| 4. दूध, दही, पनीर | 4. केला, आम, पपीता (मीठे फल) |
💡 स्मरण: प्रोटीन को वृद्धिकारक भोज्य पदार्थ कहते हैं। कार्बोहाइड्रेट और वसा को ऊर्जादायक भोज्य पदार्थ कहते हैं। विटामिन और खनिज लवण को रक्षात्मक भोज्य पदार्थ कहते हैं।
उत्तर:
विटामिन्स जटिल कार्बनिक यौगिक होते हैं जो शरीर को सही से काम करने में मदद करते हैं। इनकी अल्प मात्रा ही पर्याप्त होती है। मुख्यतः विटामिन्स को दो श्रेणियों में बाँटा गया है —
🧈 वसा में घुलनशील विटामिन्स
A
D
E
K
ये वसायुक्त खाद्य पदार्थों में संग्रहित होते हैं।
💧 जल में घुलनशील विटामिन्स
B
C
ये जल के साथ शरीर से बाहर निकल जाते हैं — रोज लेना जरूरी।
📊 विटामिन्स — स्रोत, कमी से रोग एवं लक्षण तालिका:
| विटामिन | प्रमुख स्रोत | कमी से रोग | रोग के लक्षण |
| A | अण्डे, मक्खन, घी, गाजर, हरी सब्जियाँ | रतौंधी | रात में ठीक से दिखाई न देना |
| B | अनाज के छिलके, अण्डा, मछली, दूध, पनीर | बेरी-बेरी | होंठ-मुँह फटना, हाथ-पैर में दर्द, त्वचा फटना |
| C | नींबू, आँवला, मौसमी, संतरा | स्कर्वी | मसूड़ों में सूजन, दाँत से खून आना |
| D | मक्खन, दूध, मछली का तेल, सूर्य का प्रकाश | रिकेट्स (सूखा रोग) | हड्डियाँ कमजोर एवं टेढ़ी होना |
| E | अण्डे, गेहूँ, हरी पत्तियाँ | पक्षाघात (पैरालिसिस), जनन क्षमता में कमी | शरीर के अंगों का काम न करना |
| K | सोयाबीन, हरी पत्तियाँ, अण्डे | रुधिर स्राव | चक्कर आना, सीने में दर्द, धड़कन तेज होना |
उत्तर:
स्वास्थ्य (Health) शरीर की वह स्थिति है जब शरीर के सभी अंग सामान्य रूप से कार्य कर रहे होते हैं तथा बाहरी वातावरण एवं शरीर के बीच पूर्ण संतुलन बना रहता है।
केवल शरीर का निरोग होना ही अच्छा स्वास्थ्य नहीं है। शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक रूप से पूर्णत: सामान्य दशा को भी स्वास्थ्य कहा जाता है।
📘 WHO की परिभाषा: "स्वास्थ्य वह अवस्था है जिसके अन्तर्गत शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक कार्य समुचित क्षमता द्वारा उचित प्रकार से किया जा सके।" विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी।
- 1
शारीरिक स्वास्थ्य — शरीर के सभी अंगों का सामान्य रूप से कार्य करना।
- 2
मानसिक स्वास्थ्य — मन में तनाव, चिड़चिड़ापन न होना; सकारात्मक सोच।
- 3
सामाजिक स्वास्थ्य — परिवार और समाज के साथ स्वस्थ संबंध।
उत्तर:
भोजन और स्वास्थ्य का अत्यंत घनिष्ठ संबंध है। हमारे बड़े-बुजुर्ग कहते हैं — "जैसा खाओगे अन्न, वैसा बनेगा मन" — अर्थात् जिस प्रकार का भोजन हम करेंगे उसी प्रकार का हमारा विचार और स्वास्थ्य होगा।
- 1
यदि हम पौष्टिक और संतुलित भोजन करते हैं तो शरीर निरोग रहेगा, रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और शरीर का पूर्ण विकास होगा।
- 2
यदि हम असंतुलित भोजन (चाट, पकौड़ी, बर्गर, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक आदि) करते हैं तो शरीर में पोषक तत्वों की कमी होगी और धीरे-धीरे शरीर विभिन्न रोगों से ग्रसित हो जायेगा।
- 3
कुपोषण से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता क्षीण होती है, बौद्धिक विकास रुकता है और व्यक्ति जल्दी-जल्दी बीमार पड़ता है।
- 4
अतिपोषण (अत्यधिक भोजन) से भी मोटापा, मधुमेह और हृदय रोग जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं।
📌 निष्कर्ष: उत्तम स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार + पर्याप्त जल + व्यायाम + स्वच्छता — यह सूत्र अपनाना चाहिए।
उत्तर:
नीचे दिये गये खाद्य पदार्थों को उनके प्रमुख पोषक तत्व के अनुसार वर्गीकृत किया गया है —
| खाद्य पदार्थ |
पोषक तत्व |
वर्ग संख्या |
| चावल, गेहूँ, मक्का, आलू | कार्बोहाइड्रेट | 2 (कार्बोहाइड्रेट) |
| दाल, सोयाबीन, अण्डा, माँस, दूध | प्रोटीन | 1 (प्रोटीन) |
| तेल, घी, मक्खन, मेवे | वसा | 3 (वसा) |
| गाजर, आँवला, नींबू, हरी सब्जियाँ, फल | विटामिन और खनिज लवण | 4 (विटामिन और खनिज लवण) |
💡 याद रखें: प्रोटीन=1 (दाल-दूध), कार्बोहाइड्रेट=2 (चावल-रोटी), वसा=3 (तेल-घी), विटामिन+खनिज=4 (सब्जी-फल)। इन चारों का संतुलन ही स्वास्थ्य की कुंजी है।
Basic Shiksha Solution ● विशेष — कुपोषण, अतिपोषण एवं अभावजन्य रोग
कुपोषण (Malnutrition) — आवश्यक संतुलित आहार लम्बे समय तक न मिलना ही कुपोषण है। यह बच्चों एवं महिलाओं में अधिक दिखाई देता है।
| कुपोषणजनित रोग | कारण | लक्षण | बचाव |
| मेरेस्मस | प्रोटीन व कैलोरी दोनों की कमी | कमजोर शरीर, दुर्बल चेहरा, धँसी आँखें, झुर्रीदार त्वचा | संतुलित भोजन लेना |
| क्वाशरकोर | प्रोटीन की कमी | शरीर में सूजन, हाथ-पैर दुर्बल, बाल भूरे पतले | प्रोटीनयुक्त भोज्य पदार्थ सम्मिलित करना |
| एनीमिया | आयरन की कमी | नाखून सफेद पड़ना, पैरों में सूजन, भूख कम लगना | आयरनयुक्त भोजन लेना |
📌 खनिज लवण — प्रमुख तालिका:
| खनिज | स्रोत | उपयोगिता | कमी से प्रभाव |
| F (फ्लोरीन) | पीने का जल, समुद्री भोजन | दाँतों का इनामेल | दाँतों का इनामेल खराब होना |
| K (पोटेशियम) | माँस, दूध, अनाज, फल, सब्जियाँ | जल संतुलन | निर्जलीकरण (Dehydration) |
| Fe (आयरन) | माँस, अण्डा, दालें, हरी सब्जियाँ | रक्त में हीमोग्लोबिन | एनीमिया |
| Ca (कैल्शियम) | दूध, पनीर, हरी सब्जियाँ, अनाज | हड्डियों व दाँतों का निर्माण | हड्डियाँ एवं दाँत कमजोर होना |
| I (आयोडीन) | समुद्री भोजन, आयोडीन युक्त नमक | थायरॉयड ग्रन्थि का नियमन | घेंघा रोग |
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