वायु (Air)
कक्षा 7 | विज्ञान | इकाई 20 (सम्पूर्ण समाधान)
नमस्ते बच्चों! 🌬️ आज हम वायु के बारे में पढ़ेंगे, जो हमारे जीवन की पहली आवश्यकता है। बिना वायु के हम एक पल भी जीवित नहीं रह सकते। इस इकाई में हम वायु के संघटन, जलवाष्प, वायु प्रदूषण, और ग्रीन हाउस प्रभाव जैसे रोचक विषयों को समझेंगे। आइए, यात्रा शुरू करें! 🚀
📝 1. सही विकल्प छाँटिए
प्रश्न (क): दहन में सहायता करने वाली गैस है -
- (अ) कार्बन डाइऑक्साइड
- (ब) ऑक्सीजन
- (स) आर्गन
- (द) नाइट्रोजन
✅ उत्तर: (ब) ऑक्सीजन
व्याख्या: दहन (जलने की प्रक्रिया) के लिए ऑक्सीजन आवश्यक है। यह गैस आग को जलाए रखती है। यदि एक जलती मोमबत्ती को गिलास से ढक दें, तो ऑक्सीजन की कमी के कारण आग बुझ जाती है।
💡 विशेष नोट: ऑक्सीजन हमारे जीवन का आधार है, इसे प्राणवायु कहते हैं!
प्रश्न (ख): निम्नलिखित में कौन सी अक्रिय गैस नहीं है -
- (अ) ऑर्गन
- (ब) नाइट्रोजन
- (स) हाइड्रोजन
- (द) क्रिप्टन
✅ उत्तर: (स) हाइड्रोजन
व्याख्या: अक्रिय गैसें (जैसे ऑर्गन, क्रिप्टन) रासायनिक रूप से निष्क्रिय होती हैं। हाइड्रोजन वायु का घटक है, लेकिन यह अक्रिय नहीं है। यह सक्रिय है और जल के साथ क्रिया करता है।
💡 विशेष नोट: हाइड्रोजन की सक्रियता इसे रॉकेट ईंधन के लिए उपयोगी बनाती है!
प्रश्न (ग): अग्निशामक यंत्र में से कौन सी गैस निकलती है -
- (अ) हीलियम
- (ब) कार्बन डाइऑक्साइड
- (स) ऑक्सीजन
- (द) नाइट्रोजन
✅ उत्तर: (ब) कार्बन डाइऑक्साइड
व्याख्या: अग्निशामक यंत्र में सोडियम कार्बोनेट और सल्फ्यूरिक अम्ल की अभिक्रिया से कार्बन डाइऑक्साइड बनती है, जो आग को बुझा देती है।
प्रश्न (घ): सामान्यतः वायु के किस घटक की मात्रा परिवर्तनीय है -
- (अ) जलवाष्प
- (ब) कार्बन डाइऑक्साइड
- (स) नाइट्रोजन
- (द) ऑक्सीजन
✅ उत्तर: (अ) जलवाष्प
व्याख्या: वायु में जलवाष्प की मात्रा स्थान और समय के साथ बदलती रहती है। बरसात में नमी अधिक होती है, जबकि रेगिस्तान में कम।
💡 विशेष नोट: जलवाष्प की वजह से ही बारिश होती है, जो प्रकृति का चक्र चलाती है!
✍️ 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
(क) वायुमंडल में 21% ऑक्सीजन गैस है।
(ख) वायु का आवरण जो पृथ्वी को चारों ओर से घेरता है वायुमंडल कहलाता है।
(ग) सोडा वाटर की बोतल खोलने से कार्बन डाइऑक्साइड गैस के बुलबुले निकलते दिखाई देते हैं।
(घ) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ कहते हैं।
✅ 3. सही/गलत का चिह्न लगाइए
(क) वायु मानव क्रियाओं द्वारा प्रदूषित होती है। ✅ (सही)
(ख) वायुमंडल में 21% नाइट्रोजन उपस्थित है। ❌ (गलत)
(ग) गर्मी के मौसम में वर्षा की अपेक्षा कम आर्द्रता उपस्थित होती है। ❌ (गलत)
(घ) नाइट्रोजन उर्वरक बनाने में प्रयुक्त होता है। ✅ (सही)
❓ 4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए
प्रश्न (क): कैसे सिद्ध करेंगे कि वायु में जलवाष्प उपस्थित है?
उत्तर: वायु में जलवाष्प की उपस्थिति हम निम्न तरीकों से सिद्ध कर सकते हैं:
1. ठंडे गिलास का प्रयोग:
➤ एक स्टील के गिलास में बर्फ के टुकड़े डालें।
➤ कुछ देर बाद गिलास की बाहरी सतह पर पानी की छोटी-छोटी बूँदें दिखाई देंगी।
➤ कारण: ये बूँदें वायु में मौजूद जलवाष्प के ठंडी सतह पर संघनन (condensation) के कारण बनती हैं।
2. नमक का प्रयोग:
➤ वर्षा के दिनों में खारा नमक खुली हवा में रखें। नमक के चारों ओर नमी एकत्रित हो जाएगी।
💡 विशेष नोट: यह प्रयोग दिखाता है कि जलवाष्प हमारे चारों ओर मौजूद है, जो बादल और बारिश का कारण बनता है!
प्रश्न (ख): दो गैस जार में से एक में ऑक्सीजन और एक में कार्बन डाइऑक्साइड उपस्थित है। कैसे पता लगाएंगे?
उत्तर: दोनों जारों में एक जलती हुई मोमबत्ती या लकड़ी की तीली डालकर परीक्षण करेंगे:
1. ऑक्सीजन जार: जलती मोमबत्ती और तेज़ी से जलने लगेगी, क्योंकि ऑक्सीजन दहन में सहायक है।
2. कार्बन डाइऑक्साइड जार: मोमबत्ती तुरंत बुझ जाएगी, क्योंकि कार्बन डाइऑक्साइड दहन को रोकती है।
प्रश्न (ग): अग्निशामक यंत्र का सचित्र वर्णन और कार्यविधि समझाइए।
[Image of labeled diagram of fire extinguisher]
संरचना: इसमें बाहरी कक्ष (सोडियम कार्बोनेट विलयन), आंतरिक शीशी (सल्फ्यूरिक अम्ल) और नोजल होता है।
कार्य करने की विधि:
➤ अग्निशामक यंत्र को उल्टा करके जमीन पर पटकें।
➤ इससे आंतरिक शीशी टूटती है और सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) सोडियम कार्बोनेट (Na₂CO₃) से क्रिया करता है।
➤ इस क्रिया से कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) गैस बनती है जो नोजल से निकलकर आग बुझा देती है।
रासायनिक समीकरण:
2NaHCO₃ + H₂SO₄ → Na₂SO₄ + 2H₂O + 2CO₂↑
💡 विशेष नोट: अग्निशामक यंत्र का उपयोग सीखें, यह आपातकाल में जान बचा सकता है!
प्रश्न (घ): वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ने से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
उत्तर: इसके निम्नलिखित गंभीर प्रभाव हो रहे हैं:
1. ग्रीन हाउस प्रभाव: CO₂ सूर्य की ऊष्मा को रोकती है, जिससे पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है (Global Warming)।
2. ग्लेशियर पिघलना: गर्मी से ध्रुवीय बर्फ पिघल रही है, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और तटीय क्षेत्रों के डूबने का खतरा है।
3. जलवायु परिवर्तन: मौसम अनियमित हो रहा है। बाढ़, सूखा और तूफान जैसी आपदाएँ बढ़ रही हैं।
4. जैव विविधता: गर्मी के कारण कई जीव-जंतुओं की प्रजातियाँ विलुप्त हो रही हैं।
💡 सुझाव: हमें अधिक पेड़ लगाने चाहिए क्योंकि वे CO₂ को सोख लेते हैं।
📊 प्रोजेक्ट कार्य: वायु प्रदूषण
(A) वायु प्रदूषण बढ़ने के कारण:
➤ वाहनों का धुआँ: पेट्रोल/डीजल जलने से CO₂ और CO गैसें निकलती हैं।
➤ औद्योगिक गतिविधियाँ: कारखानों से हानिकारक सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) निकलती है।
➤ वनों की कटाई: पेड़ कम होने से CO₂ की मात्रा बढ़ रही है।
(B) वायु प्रदूषण घटाने के प्रयास:
✅ सौर और पवन ऊर्जा (Green Energy) का उपयोग।
✅ इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग।
✅ अधिक से अधिक वृक्षारोपण।
(C) निष्कर्ष (प्रदूषण स्तर सारणी):
| स्थान |
प्रदूषण का स्तर |
मुख्य कारण |
| घर के अंदर |
कम |
धूल के कण |
| सड़क किनारे |
अधिक |
वाहनों का धुआं |
| पार्क |
कम |
पेड़-पौधों की उपस्थिति |
| फैक्ट्री के पास |
बहुत अधिक |
औद्योगिक धुआं |
🌟 रोचक तथ्य (Fun Facts)
- 🌬️ एक व्यक्ति एक दिन में लगभग 11,000 लीटर हवा सांस में लेता है!
- ⚖️ वायुमंडल का वजन लगभग 5.15 × 10¹⁸ किलोग्राम है।
- 🧊 शुष्क बर्फ: ठोस कार्बन डाइऑक्साइड को शुष्क बर्फ कहते हैं (-57°C)।
- 🥔 चिप्स के पैकेट: इसमें नाइट्रोजन गैस भरी जाती है ताकि चिप्स ताज़ा रहें।
- 🛡️ ओजोन परत: यह सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है।
🔬 Basic Shiksha Solution | विज्ञान: आओ करके सीखें ❤️
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